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Showing posts from March, 2026

ट्रम्प आज रात 9 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे

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श्रीगंगानगर। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 नवंबर 2016 को राष्ट्र को संबोधित किया था। समय था रात 9 बजे। विषय था नोटबंदी। खैर उस बात को भुला दिया गया, अब समय वही है। इस बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वाशिंगटन डीसी के समयानुसार  रात 9 बजे ही राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं और इसको लेकर हलचल तेज हो गयी है। यूरोपीय देशों में इसको ज्यादा गंभीरता से लिया जा रहा है।  जो जानकारी सामने आयी है, उसके अनुसार राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान पर सीधे तौर पर राष्ट्र को अपडेट करने वाले हैं और इसके लिए उन्होंने देश को संबोधित करने का निर्णय लिया है।  यह जानकारी स्वयं व्हाइट हाउस ने दी है।  समय रात 9 बजे ही क्यों? इस बात को लेकर चर्चा ज्यादा आरंभ हो गयी है कि एक दशक बाद 1 अप्रेल 2026 को जब नया वित्त वर्ष आरंभ हो रहा है, उस समय ट्रम्प ने रात 9 बजे का समय ही क्यों चुना। भारत में उस समय लगभग साढे सात बजे होंगे। देश से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए नोटबंदी का निर्णय लिया जाना बताया गया था और उसे एक दशक बीत गया है लेकिन यह समस्या शीर्षस्तर पर आज भी कायम है।  दूसरी ओर डोना...

अब खेल खत्म : ट्रम्प, मध्यपूर्व पहुंच रहे हैं 82वीं एयरबोर्न के ट्रूप्स, हजारों थल सैनिकों को तैनात करने की तैयारी

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श्रीगंगानगर। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और गहरा गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट में लिखा है, नो मोर गेम। इस चेतावनी के बाद वैश्विक हलचल तेज हो गयी है। हजारों नये सैनिकों को तैनात किया जा रहा है, इससे आशंका है कि समझौते की जो संभावना थी, वह खत्म हो चुकी है।  मंगलवार को प्राप्त समाचारों में बताया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात में खड़े एक तेल टैंकर पर ईरान ने हमला किया और इस हमले से आग लग गयी। भयंकर आग।  इस घटना के उपरांत राष्ट्रपति का नया बयान सामने आया और उन्होंने ईरान को नयी चेतावनी जारी कर दी। हालांकि समझौता के लिए पहले 6 अप्रेल तक की तारीख निर्धारित थी।  ट्रम्प का कहना है कि अब ईरान के तेल के कुओं को सूखा दिया जायेगा और ईरान के भीतर जो समुन्द्र खारे पानी को मीठा करने का संयंत्र है, बिजली ग्रिड सबको नष्ट कर दिया जायेगा। हमारे पास दुनिया की सबसे बहादुर सेना है।  इस चेतावनी के बाद वैश्विक हलचल काफी बढ़ गयी है।  वहीं 82वीं एयरबोर्न के हजारों एयर ट्रूप्स मध्य पूर्व एशिया पहुंच गये हैं। वहीं सेना की तैनाती को लेकर भी तैयारी चल रही है। इस...

पाकिस्तान ने सम्मेलन का नाम चतुर्भुज क्यों रखा? रुपये, शेयर बाजार में गिरावट, कू्रड में तेजी

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श्रीगंगानगर। पाकिस्तान ने तेजी के साथ चार राष्ट्रों की एक बैठक आयोजित की और इसका नाम चतुरभुज रखा गया। इस बैठक में प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी शामिल हो गये थे, इस कारण इस्लामाबाद में हलचल को काफी तेज देखा गया। वहीं भारत में रुपये, शेयर बाजार में गिरावट को पुन: दर्ज किया गया। रुपया 94.99 के शिखर को छू गया।  बड़ा सवाल यह है कि पाक ने अपने देश में आयोजित सम्मेलन का नाम चतुर भुज क्यों रखा? रविवार को जैसे ही बैठक आरंभ हुई भारत सरकार ने आपातकालीन योजनाओं को आगे बढ़ाना आरंभ कर दिया।  हालांकि ज्वाइंट स्टेटमेंट के बारे में जानकारी हासिल नहीं हो पायी है लेकिन यह तय है कि शाहबाज ने अपनी रणनीति से आर्थिक रूप से मजबूत देशों को अपने साथ जोड़ लिया है।  एक समय था जब पीएम रहे इमरान खान के पास अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सउदी अरब का विमान लेना पड़ा था और इमरान खां  अमेरिका में लेट हो गये तो खाली विमान को क्राउंन प्रिंस ने वापिस बुला लिया था।  वही सउदी अरब अब पाकिस्तान के साथ हर मोर्चे पर खड़ा हुआ नजर आ रहा है। यही नई दिल्ली की चिंता का का...

पाक में इस्लामिक चतुर्भुजीय बैठक, भारत में केरोसीन के नियम बदले-अब पेट्रोल पम्प पर भी मिलेगा केरोसीन क्या भारत-पाकिस्तान युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं? आरबीआई ने रुपये की गिरती कीमतों को रोकने के लिए सटोरियों के अधिकारों को सीमित किया

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श्रीगंगानगर। पाकिस्तान में चार देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक जिसे चतुर्भुजीय सम्मेलन कहा जा रहा है, में पाकिस्तान की ओर से पेश किये गये ‘शांति प्रस्तावों’ पर चर्चा हुई। यह सम्मेलन आज सोमवार 30 मार्च 2026 को भी जारी रहेगा। वहीं इस सम्मेलन के बीच में ही राज्य सरकार ने रसोई ईंधन और ‘रोशनी’ के लिए केरोसीन वितरण का निर्णय लिया है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित अनेक जिले पहले केरोसीन मुक्त करार दिये गये थे और अब उचित मूल्य दुकानों पर 3 लीटर केरोसीन उपलब्ध करवाया जायेगा। इसके लिए अतिरिक्त आवंटन भी केन्द्र की ओर से किया जायेगा। यह संकेत है कि जंग नजदीक है।  पाकिस्तान में चल रहा ‘सम्मेलन’ दक्षिण एशिया में जंग की सूरत में इस्लामाबाद को सहायता पहुंचाने का हो गया है। चार देशों सउदी अरब, मिस्र, पाकिस्तान और तुर्कीये के विदेश मंत्री कई मुद्दों पर सहमत हैं और सोमवार को भी चर्चा होगी। यह सम्मेलन इस्लामाबाद के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रोटोकॉल के विपरीत प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ स्वयं इन नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।  इससे पहले भी पाकिस्तान, सउदी अरब के साथ समझ...

पाकिस्तान अब फिर से मध्यस्थता के प्रयासों में जुटा, चार प्रमुख मुस्लिम राष्ट्र कर रहे हैं बैठक

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श्रीगंगानगर। पश्चिम एशिया में शांति के प्रयासों में अब सउदी अरब, तुर्कीये भी शामिल हो गये हैं। पाकिस्तान में इस संबंध में एक बैठक का आयोजन किया जा रहा है जिसमें चौथा देश मिस्र शामिल होगा। तीन देशों के विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंच गये हैं। भारत सरकार ने पहले इसे ‘दलाली’ करार दिया था।  सउदी अरब, मिस्र, तुर्कीये और पाकिस्तान दो दिवसीय बैठक के लिए एकजुट हो गये हैं। वे पश्चिम एशिया में शांति किस तरह से बहाल की जाये, इस पर चर्चा करेंगे।  इस्लामाबाद में बैठक होने के कारण नई दिल्ली के कान खड़े हो गये हैं।  आज और कल दो दिन बैठक होनी है। हालांकि युद्ध के विस्तार होने की आशंका हर दिन बढ़ती जा रही है। पेंटागन ने अपने 2500 मरीन पश्चिम एशिया में नियुक्त कर दिये हैं, यह जापान की सुरक्षा के लिए तैनात युद्धपोत पर सवार थे।  अमेरिका से आ रही खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि जमीनी लड़ाई जो लम्बी चल सकती है, उसके लिए भी सेना को तैयार रहने के लिए कहा गया है और ऐसे हजारों सैनिक इस युद्ध में शामिल हो सकते हैं।  भारत के लिए हर पल बढ़ रहा खतरा चार इस्लामिक राष्ट्र एकजुट हो गये हैं। पाकि...

भारत में गौ सुरक्षा राष्ट्रीय अधिनियम क्यों नहीं बन पाया?

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श्रीगंगानगर। भारत देश में आरएसएस समर्थित भाजपा सरकार होने के बावजूद 12 सालों में गायों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गौ सुरक्षा अधिनियम नहीं बन पाया है।  राजस्थान, उत्तरप्रदेश, पंजाब सहित 20 राज्यों में गायों की हत्या किये जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है और यह 5 से लेकर 10 साल तक की सजा का भी प्रावधान है। गाय की तस्करी भी नहीं की जा सकती।  गौवंश की सुरक्षा के लिए भारत सरकार अधिनियम नहीं बना पायी। हिन्दू धर्म के लिए यह तो पूजनीय है। फिर क्या कारण रहे कि एक यर्थाथवादी सरकार इस तरह का कानून नहीं बना पायी। यह सवाल अवश्य किया जाना चाहिये। 

मोदी जी : पाकिस्तान का रुपया 2, चाइना का येन 3 पैसे और भारतीय रुपया चार रुपये गिर गया, क्यों?

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श्रीगंगानगर। देश को बिकने नहीं दूंगा, झुकने नहीं दूंगा और मिटने नहीं दूंगा। न खाउंगा और न खाने दूंगा। यही नारे थे, देश के भीतर 2014 के लोकसभा चुनावों के। 12 वर्षों के उपरांत पहली परीक्षा हुई तो यह सब नारे धरे के धरे रह गये।  पहले ईरान के युद्ध के बाद भारत के आसपास की स्थिति क्या है। पाकिस्तान जिसको कंगाल देश कहा जाता है उसने 28 फरवरी के बाद मात्र 2 रुपये अपनी मुद्रा की कीमत खोई है। युद्ध के दिन शनिवार को 277.69 रुपये का था और 28 मार्च 2026 को भी इसकी कीमत 279 रुपये के आसपास बनी थी। चीन के येन की बात की जाये तो वह 2 मार्च को 6.88 येन प्रति डॉलर था और आज उसकी कीमत 6.91 येन है। सिर्फ तीन पैसे का अंतर आया है।  भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री के काल में युद्ध की अवधि के दौरान करीबन 4 रुपये की बढ़ोतरी आयी है। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था कहा जा रहा था, वह किस तरह से कमजोर धरातल पर खड़ी थी और जैसे ही परीक्षा का समय आया, वह जमीन पर आ गयी।  पेट्रोल-डीजल के दाम पर एक्साइज ड्यूटी कम करके यह कह रही थी कि वह उपभोक्ताओं का ख्याल र...

क्रूड के दाम बढ़े, शेयर बाजार और रुपया गिरा-जयशंकर और रूबियो फ्रांस में, क्या प्रशांत महासागर की स्वतंत्रता पर होगी चर्चा

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श्रीगंगानगर। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री जी-7 और सहयोगियों की बैठक में शामिल होने के लिए आज पेरिस में है। इस दौरान शेयर बाजार में फिर से भूचाल आ गया और शेयर बाजार तीन दिन की तेजी के बाद शुक्रवार को 15 सौ से ज्यादा अंकों की गिरावट को देखा जा रहा था और निवेशकों के लिए यह चिंता का कारण बन गया था। रुपया भी 94 की दशा को एक बार पुन: पार कर गया और दोपहर 1 बजे तक वह निम्रस्तरीय रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा था। वहीं कच्चे तेल में आज तेजी का दौर देखने को मिला।  पश्चिम एशिया में ईरान ने नयी धमकी अमेरिका को दी है कि उसके पार्क और पर्यटन स्थल अब सुरक्षित नहीं है। इस चेतावनी के बाद अमेरिका में सतर्कता को बढ़ा दिया गया है।  दूसरी तरफ पेरिस में जी-7 के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है, इसमें यूएसए, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन, इटली, जर्मनी, कनाडा और सहयोगी देश के रूप में भारत शामिल हो रहा है।  मार्को रूबियो और एस जयशंकर के बीच एक बार अमेरिका प्रवास के दौरान बातचीत हुई है। रूबियो विदेश सचिव/मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद एक बार भी नई दिल्ली की यात्रा का कार्यक्रम नहीं बनाया।...

ट्रम्प का अगले दो महीने का बहुत व्यस्त कार्यक्रम, 15 मई को चाइना की यात्रा और 17 को यूएसए में विशाल रैली

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  श्रीगंगानगर। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का अगले दो महीने का व्यस्त कार्यक्रम रहने वाला है और उन्होंने ईरान के साथ युद्धविराम को भी 6 अप्रेल 2026 की रात: 8 बजे (ईस्ट समयानुसार) बढ़ा दिया है। वहीं वे 15-16 मई को दक्षिण पूर्व एशिया के मुख्य देश चाइना की यात्रा करेंगे।  राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले मार्च माह में चाइना की यात्रा करनी थी किंतु पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और पांच अप्रेल को इस्टर पर्व को ध्यान में रखते हुए चाइना की यात्रा को स्थगित कर दिया था। पहले तीन दिन का दौरा था जिसे कम कर दो दिनी कर दिया गया है। वे अब 15-16 मई को बीजिंग की यात्रा पर रहेंगे।  बीजिंग की यात्रा उनके राजनैतिक कैरियर के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इस यात्रा की तारीख को भी महत्वपूर्ण माना जाये क्योंकि 17 मई को उन्होंने अमेरिका के भीतर एक विशाल रैली भी करनी है, जिसकी घोषणा वे पहले ही कर चुके हैं।  ट्रम्प की चीन यात्रा को लेकर जो हलचल दिखायी देनी चाहिये थी, वह दिखाई दे रही है।  ईरान के साथ युद्धविराम 6 अप्रेल तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पश्चिम एशिया के देश ईरान के साथ अपने युद्ध को 6 अप्र...

ईरान महायुद्ध को दे रहा आमंत्रण, जल डमरू इलाके में निकासी के लिए टोल वसूली

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श्रीगंगानगर। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की टेबल नहीं सज पा रही है। ईरान ने हरमूझ जल डमरू मध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूली की तैयारी कर रहा है और इसके लिए एक कानून बनाया जा रहा है।  संयुक्त राज्य ने समझौता वार्ता के लिए 15 सूत्री मांगें रखीं थी, जिसको ईरान ने मानने से इनकार करते हुए अपनी तरफ से पांच शर्तें रख दी हैं और कहा है कि शर्तों के आधार पर ही समझौता होगा। इस तरह से ईरान एक महायुद्ध को आमंत्रण दे रहा है।  दूसरी ओर यह भी समाचार आ रहा है कि जल डमरू मध्य से गुजरने वाले प्रत्येक जहाज-कार्गो से टोल वसूला जायेगा। यह हैरानी वाला कदम है और इस तरह से तेहरान ने सार्वजनिक रूप से बता दिया है कि हरमूझ जल डमरू मध्य पर उसका स्वामीत्व है।  अमेरिका ने चेतावनी दी है कि पांच दिवस के भीतर अगर समझौता नहीं होता है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उससे भी कहीं ज्यादा जिसकी कल्पना की जा सकती है।  वाशिंगटन और तेहरान दोनों ही अपनी-अपनी शर्तों पर अडिग है जिससे धीरे-धीरे तनाव एक बार पुन: पश्चिमी एशिया की ओर बढ़ रहा है। 

सवाल बड़ा है : डंकी रूट क्या है? क्यों वामपंथी डेमोक्रेट्स ने बॉर्डर को मजबूत नहीं किया?

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श्रीगंगानगर। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा मानवीय चेहरा दुनिया के सामने पेश किया, लाखों लोगों को करीबन दो लाख कैश और स्वदेश वापसी की टिकट अपने स्तर पर उपलब्ध करवायी। यह सभी डंकी रूट से अमेरिका में आये थे।  अब यह डंकी रूट क्या है। मानवाधिकार कार्यकर्ता क्यों शोर मचा रहे थे कि हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनने वाले इस मार्ग को आखिर बंद क्यों नहीं किया जाता? यह सवाल सवा साल पहले उठ रहा था जब वामपंथी डेमोक्रटिक वहां पर शासन कर रहे थे। अब डंकी रूट तो समाप्त हुआ ही है। साथ ही अनेक शहरों में मर्डर क्राइम में भी भारी कमी आयी है। वाशिंगटन डीसी में 98 प्रतिशत क्राइम कम होने का दावा स्वयं व्हाइट हाउस ने किया है।  डंकी रूट और डेमोक्रेट्स? संयुक्त राज्य अमेरिका में मुख्य रूप से दो बड़ी पार्टियां हैं रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी। वहां पर चुनाव आयोग का ज्यादा हस्ताक्षेप नहीं होता लेकिन डाक मतपत्र एक बड़ी समस्या थी, जो डंकी रूट के कारण संभव हो पाती थी। मृत लोगों के वोट भी डाल दिये जाते थे।  जो मीडिया रिपोर्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता कहते हैं कि डंकी रूट से अमेरिका प...

शेयर बाजार में तेजी, कू्रड ऑयल में कमजोरी, गोल्ड ने पांच हजार की बढ़त दिखाई

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श्रीगंगानगर। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान का क्या अर्थ होता है, यह दुनिया के सामने आ गया है। उन्होंने शनिवार को चेतावनी दी थी कि ईरान के बुनियादी ढांचें खासकर बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जायेगा। सोमवार को अपना फैसला उन्होंने टाल दिया।  इस फैसले का फर्क बुधवार को साफ नजर आया जब कू्रड ऑयल के दामों में कमजोरी देखी गयी। सोना एक बार फिर से 5 हजार रुपये के करीब तेज हो गया। शेयर बाजार भी नाच-गा रहा था क्योंकि एक दिन में 1700 अंकों की बढ़ोतरी देखी जा रही थी। बिटकॉइन भी तेजी का रूप धारण किये हुए था।  भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह अंतर मंगलवार को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदीकी आपसी बातचीत के बाद आया है लेकिन हरमूझ जल डमरू मध्य को लेकर ईरान की स्थिति साफ नहीं है।  ईरान के सशस्त्र सेना बल के प्रवक्ता का कहना था कि सेना हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है।  फेसबुक पर बाल यौन शोषण सामग्री को प्रोत्साहित के मामले में 21 सौ करोड़ डॉलर का जुर्माना वाशिंगटन डीसी। अमेरिका से संचालित होने वाली वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर आरोप है कि उसने बाल यौन शोषण को ब...

किसानों को खाद के भी पड़ सकते हैं लाले, ट्रम्प और हजारों सैनिकों को खाड़ी भेज रहे हैं

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  श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमांडर इन चीफ के रूप में सेना के हजारों और जवानों को खाड़ी के लिए रवाना कर रहे हैं क्योंकि इरान के साथ युद्ध को चार सप्ताह हो गये हैं। मध्यावधि चुनाव भी आने वाले हैं और उससे पहले तेहरान में शासन व्यवस्था बदलवाना उनके लिए चुनौति है।  तेहरान युद्ध अगर लम्बा चलता है तो भारत में निश्चित रूप से सभी व्यवस्थाओं पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। खाद/फर्टिलाइजर का भारत आयात करता है लगभग 70 प्रतिशत। 30 प्रतिशत ही देश में उत्पादन हो रहा है। किसानों को अगर आगामी सीजन में खाद नहीं मिली तो उनको सडक़ों पर प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है।  तेल और गैस की आपूर्ति हार्मूज जल डमरू मध्य से कितने समय तक हो पाती है, यह भी समझने वाली स्थिति है।  दूसरी ओर यूएसए ने अपनी 82वीं रेजीमेंट से हजारों सैनिकों को खाड़ी देशों की ओर रवाना कर दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी सेना यूएसए के पास है और उसने अपने हजारों सैनिकों को ईरान के भीतर घुसकर युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है।  वाशिंगटन इस समय कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहता और बकाया काम ...

विवेचना : युद्ध ईरान में चल रहा है, पेंटागन के अधिकारी रक्षा मंत्रालय के साथ क्या मंत्रणा करेंगे? मोदी ने ट्रम्प के साथ बात कर भी अपने अहंकार का त्याग नहीं किया!

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श्रीगंगानगर। पेंटागन के अधिकारी  ने भारत को रणनीतिक मित्र माना लेकिन मतभेद उससे भी बड़े माने और इसी कारण भारत में होने वाली क्वाड शिखर वार्ता का जिक्र नहीं किया। वहीं नरेन्द्र मोदी अपने एक्स एकाउंट में यह कहना नहीं भूले कि फोन अमेरिकी राष्ट्रपति का आया था। वह भी उस समय अहंकार प्रदर्शित किया गया जब पीएम के सिर्फ अहंकार के कारण ही भारतीय अर्थव्यवस्था हिचकोले खा रही है।  बहुत सी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र  नहीं किया गया कि सोने और चांदी के भावों में आई मंदी के कारण 180 लाख करोड़ का  नुकसान निवेशकों को हुआ। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत में ब्लैकमनी कितनी है। पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले सोने में गिरावट को लेकर भारत गणराज्य के चुनिंदा अधिकारियों को चिंता में डाल रखा है।  अब मंगलवार 24 मार्च 2026 की मुख्य खबर पर नजर डालते हैं तो सबसे पहले भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत का जिक्र आवश्यक है।  प्रधानमंत्री ने एक्स एकाउंट में लिखा कि प्रेजीडेंट ट्रम्प का फोन आया। दोनों देशों ने विश्व शांति और अन्य मुद्दो...

सिमरनजीत सिंह मान कहां है?

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श्रीगंगानगर। पंजाब की आत्मा, वहां की संस्कृति को बचाने के लिए लम्बे समय तक संघर्ष करने वाले सिमरनजीत सिंह मान कहां हैं? अब वे सक्रिय दिखाई नहीं दे रहे, शायद उम्र का तकाजा कहा जा सकता है।  सिमरणजीत सिंह मान को दक्षिणपंथी नेता माना जाता है जो सांसद बनने के बाद सिख धर्म की मान मर्यादा के अनुसार तलवार लेकर संसद पहुंच गये थे। आईपीएस पद से रिटायरमेंट लेकर उन्होंने सियासत में कदम रखा था और सांसद भी निर्वाचित हुए।  अब एक बार पुन: पंजाब में राजनीति का शोर मच रहा है और फिर सीनियर नेता मान नहीं दिखाई नहीं दे रहे तो सवाल उठना लाजमी है। उन्होंने एक बयान में कहा था कि उन्होंने लम्बा संघर्ष किया अब किसी को नयी जिम्मेदारी उठानी होगी।  वे हाल ही में संगरूर से भी सांसद रहे थे और अब अपने राजनीतिक दल अकाली-दल अमृतसर के लिए उनको चुनाव लडऩा चाहिये। उनकी उपस्थिति अनिवार्य है।

भारतीय शेयर बाजार का हाल आज कैसा रहेगा?

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  श्रीगंगानगर। जो मीडिया रिपोर्ट दे रहा है, उसके अनुसार शेयर बाजार में आशिंक तेजी देखने को मिल सकती है। ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नयी बमबारी को लेकर पांच दिनों का समय दे दिया है इस तरह से एक सप्ताह आराम से गुजर जायेगा और हरमूझ जल डमरू मध्य इलाके से दो भारतीय जहाज आ गये हैं, जिनके पास तेल और गैस है। पेपर आउटलेट के अनुसार दो भारतीय जहाजों को कल सोमवार 23 मार्च 2026 को जल डमरू मध्य इलाके से निकलते हुए देखा गया है। यह खबर आशिंक रूप से भारतीय शेयर बाजार को राहत  पहुंचाने वाली होगी।  हालांकि एशिया के प्रमुख बाजार जापान ओर चीन को देखा जाये तो दोनों में ही गिरावट को दर्ज किया गया है। अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी बनी हुई थी।  2 ट्रिलियन डॉलर का सोना-चांदी का भाव गिरा सोमवार को अकेले शेयर बाजार में ही भूचाल नहीं आया था बल्कि धातु बाजार में भी भारी गिरावट बनी हुई देखी गयी थी। शेयर बाजार 1800 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था इससे 15 लाख करोड़ रुपये की सम्पत्ति निवेशकों की कम हो गयी। विश्व में सबसे ज्यादा घाटा गौतम अडाणी को 2.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा का हुआ था। दू...

ईरान का मिसाइल कारखाना अभी भी चल रहा है?

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श्रीगंगानगर। ईरान का मिसाइल कारखाना अभी भी चल रहा है और हर रोज वह दर्जनों मिसाइलों को खाड़ी व इजरायल की सीमा क्षेत्र में गिरा रहा है। संस्थानों को निशाना बना रहा है। लम्बी दूरी के ड्रोन इस्तेमाल कर रहा है।  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हरमूझ जल डमरू मध्य को लेकर चेतावनी दी है कि वह तेहरान की बिजली आपूर्ति संयंत्रों को निशाना बा सकता है।  ईरान अब तक अमेरिका से बदला लेने के लिए खाड़ी के अपने सहयोगियां और इजरायल को निशाना बनाता रहा है। उसने कहा है कि वह जल की आपूर्ति को प्रभावित कर देगा।  ईरान की नीति लम्बी अवधि के युद्ध लडऩे कीरही है। वह इराक के साथ एक दशक तक युद्ध को लड़ता रहा था। अमेरिका-इजरायल के साथ 22 दिन गुजर चुके हैं और अभी तक इरान के पास मिसाइल का जखीरा समाप्त नहीं हुआ है। रविवार को भी इजरायल और अन्य देशों पर हमले किये गये। तेहरान इतनी मिसाइलों को कहां से ला रहा है। वह खुद तैयार कर रहा है या अन्य किसी देश से मंगवाई जा रही है?

जल डमरू मध्य स्वतंत्र रहे : नाटो; ट्रम्प की धमकी से क्रूड ऑयल के बाजार में आज लग सकती है आग

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श्रीगंगानगर। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो को कायर कहा तो इसके बाद हलचल तेज हो गयी और 20 से ज्यादा देश ट्रम्प की योजना में शामिल होने के लिए तैयार हो गये हैं। इनमें यूएई और अन्य सहयोगी देश भी शामिल है। नाटो के महासचिव मार्क रूटे ने एक बयान में कहा है कि हरमूझ जल डमरू मध्य को स्वतंत्र रहना चाहिये और कनाडा, यूएई, नाटो के अधिकांश सदस्य देश इस स्वतंत्रता की लड़ाई में शामिल हो रहे हैं।  जापान जो अब तक निष्पक्ष बना हुआ था अब वह भी इस बात के लिए सहमत हो गया है कि जल डमरू मध्य को स्वतंत्र रहना चाहिये।  अनेके देशाय अमेरिकादेशे शरणम् याचन्ते हरमूझ जल डमरू मध्य पर ईरान का कब्जा हो चुका है और इस कब्जे को हटाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 48 घंटे की तस्वीर खींच दी है और कहा है कि अगर तेहरान अपना कब्जा नहीं हटाता है तो उनके पास ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाना के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। यह एक बयान ही बाजार में हलचल तैयार करने के लिए काफी है। दूसरी ओर ईरान ने कहा है कि वह खाड़ी के देशों में बिजली, पानी संयंत्रों को निशाना बनाने से बाज नहीं आयेगा।  एलपीजी, एनपीजी औ...

मेक ईरान ग्रेट अगेन : युद्ध के बीच तेल बेचने की अनुमति!

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श्रीगंगानगर। मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के नारे के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में प्रवेश किया था और मैगा समर्थकों की जय-जयकार अमेरिका में हो रही थी। अब ईरान के साथ युद्ध के बीच में उन्होंने मेक ईरान ग्रेट अगेन का नारा दिया है अर्थात ईरान के आधारभूत ढांचे को जो नुकसान हुआ है, उसके पुनर्निर्माण में अमेरिका सहयोग करेगा।  ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल का युद्ध चल रहा है और तीन सप्ताह के बाद युद्ध समाप्ति के संकेत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दिये हैं। इस बीच उन्होंने अचानक ही तेहरान को बढ़ी राहत भी प्रदान की है। अमेरिका-जी 7 ने कई सालों से ईरान के तेल बिक्री पर प्रतिबंध लगाया हुआ था और अब उस प्रतिबंध को यूएसए ने वापिस ले लिया है। हालांकि यह अस्थायी है किंतु ईरान के अगले कदमों को देखने के बाद इसका स्थायी भी किया जा सकता है।  राष्ट्रपति ट्रम्प ने इन आदेशों के जरिये दुनिया भर को राहत प्रदान की है क्योंकि तेल और गैस को लेकर भय का माहौल बन गया था अगर यह दोनों ही पदार्थ नहीं मिलते तो जीवन का चक्र प्रभावित हो सकता था।  ‘मीगा’ के लिए फंड जुटा सकते हैं राष्ट्रपति  प्रे...

ईरान के साथ सीजफायर का एलान जल्द कर सकते हैं ट्रम्प

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श्रीगंगानगर। ईरान में तीन सप्ताह तक एयर स्ट्राइक के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही मिडिल ईस्ट में अपने सेना के अभ्यास को समाप्त कर सकते हैं।  इजरायल-अमेरिका गठबंधन ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला बोला था और 21 दिन गुजरने के बाद इस सैन्य कार्यवाही का खत्म करने का संकेत मिला है। राष्ट्रपति की तरफ से जारी किये गये बयान में कहा गया है कि होमूज जलडमरूमध्य की सुरक्षा चेक प्वाइंट स्थापित किये जायेंगे।  राष्ट्रपति का कहना है कि इजरायल, सउदी अरब, कतर, यूएई की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब जी-7 सदस्य देश जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाईची वाशिंगटन की यात्रा पर हैं।  ट्रम्प का कहना है कि हमने ईरान की हथियार बनाने की क्षमता, नेवी और बहुत कुछ नष्ट कर दिया है। अब हम अपने सहयोगियों को उच्चस्तरीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए काम करेंगे। 

भारतीय रुपया शतक के और करीब पहुंचा

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श्रीगंगानगर। पश्चिम एशिया में युद्ध के और भडक़ जाने से इसका सीधा असर भारतीय रुपया पर भी पड़ रहा है और शनिवार प्रात: इसके दाम 94.05 प्रति डॉलर हो गये। शतक से मात्र 6 रुपये की दूरी है।  संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने एक बयान में कहा है कि उनका उद्देश्य जीत है और सम्पूर्ण जीत। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की आतंकवाद विचारधारा वाली शासन व्यवस्था को हमारी महान मिल्ट्री उखाड़ फेंकने में कामयाब हो रही है। वहीं तेहरान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि वह अपने सैन्य अड्डे यूएसए को नहीं दे, अन्यथा इसे एक्ट ऑफ वॉर माना जायेगा।  रायटर संवाद सेवा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि ब्रिटेन सरकार अब अपनी विचारधारा में परिवर्तन ला रही है और अमेरिका की सेना और उसके ठिकानों को लक्षित करने वाले हमलों को रोकने में यूएसए की मदद करेगी।  व्यापार घाटा और चुनाव! केरल, तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल और आसाम आदि राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत इजाफा हो चुका है। इसके पश्चात भी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि नहीं की है। प्रीमियम पे...

जापान की पीएम को ट्रम्प ने अंदर तक हिला दिया, आबे की छाया नहीं बन पाये ताकाईची

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  श्रीगंगानगर। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे एक अच्छे इंसान के रूप में सदैव जाने जाते रहे हैं। अब सनाए ताकाईची ने उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लेकर चुनाव लड़ा था और दो तिहाई बहुमत हासिल किया। वे आज व्हाइट हाउस में थी। वाशिंगटन के साथ दुलर्भ खनिज पर वार्ता चल रही थी कि इस दौरान पर्ल हॉर्बर   का राष्ट्रपति ने जिक्र करके ताकाईची को अंदर से हिला दिया। उनकी कुर्सी को ऐसा लगा जैसे भूकम्प के कारण हिचकोले ले रहे है। 1941 को हवाई क्षेत्र पर हमला कर ही जापान ने अमेरिका को दूसरे विश्व युद्ध में घसीटा था।  दुर्लभ खनिज को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व सनाए ताकाईची के बीच व्हाइट हाउस में पहली मुलाकात थी। ट्रम्प ने उनको चुनावों के समय पूर्ण समर्थन दिया था और जब उन्होंने अपने पुराने सहयोगी जापान को हर्मूज जल डमरू मध्य के लिए आवाज लगायी तो ताकाईची ने इस आवाज को अनसुना कर दिया।  पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज गुरुवार, 19 मार्च 2026 को ताकाईची को राष्ट्रपति से व्हाइट हाउस में मुलाकात करनी थी और इस दौरान उन्होंने पर्ल हार्बर पर हमले का जिक्र कर दिया।  जो लोग...

पश्चिम एशिया तनाव : रुपया, शेयर बाजार दोनों गिरे

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श्रीगंगानगर। पश्चिम एशिया में तनाव गहरा जाने के कारण भारतीय रुपया और शेयर बाजार दोनों में ही गिरावट को दर्ज किया गया। बाजार क्रैश हो गया और उसमें 1700 अंकों से ज्यादा की गिरावट आयी जबकि रुपया पहली बार 93 रुपये प्रति डॉलर को पार कर गया। एक साल के भीतर रुपये में 7 रुपये की गिरावट आयी है जिससे महंगाई के कई गुणा बढऩे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।  इजरायल ने ईरान के गैस भंडार पर हमले किये तो इसके बाद ईरान ने कतर व सउदी अरब पर हमले किये। कतर ने अपने गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थ के उत्पादन संयंत्र पहले ही बंद किये हुए हैं। सउदी अरब से भी मात्र एक स्थान से ही तेल का निर्यात हो रहा है।  नये और ताजा हमलों के बाद कच्चे तेल के भाव 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गये और भारतीय शेयर बाजार इन भावों को बर्दाश्त नहीं कर 1700 अंकों तक गिर गया। लगभग 9 लाख करोड़ रुपये एक दिन में निवेशकों के समाप्त हो गये।  वहीं रुपया भी 93.30 रुपये प्रति डॉलर दर्ज किया गया है। अगर इसी तरह से कच्चे तेल के दाम बढ़े तो रुपये को शतक पार करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। युद्ध से पहले रुपया 91 रुपये के आसपास स्...

ट्रम्प से मुलाकात : सनाए ताकाईची आज व्हाइट हाउस में

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श्रीगंगानगर। रविवार से लेकर गुरुवार तक चार दिनों के भीतर बहुत कुछ बदल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गयी है। जापान की पीएम सनाए ताकाईची आज वाशिंगटन में राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी। गोल्डन डोम मुद्दा होगा या नहीं, कहा नहीं जा सकता।  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया में तेल और गैस की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए ईरान के कब्जे से होर्मूज जलडमरूमध्य को आजाद करवाने का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेनाएं भेजने का आह्वान किया था।  जापान, चीन, फ्रांस ने यह मांग सार्वजनिक रूप से ठुकरा दी थी। तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन की यात्रा को स्थगित या यूं कहें कि रद्द कर दिया। वहीं जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाईची पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज व्हाइट हाउस में होंगी।  राष्ट्रपति ट्रम्प अब मीडिया के समक्ष ही सीधी बात करते रहे हैं और इस तरह से आज भी बंद कमरे के स्थान पर ओवल कार्यालय में मीडिया की उपस्थिति में वार्ता हो सकती है हालांकि यह वार्ता के बिंदू तय करेंगे कि वार्ता किस स्तर पर की जानी है।  जापान ने अ...

नाटो और हर्मूज जल डमरू मध्य?

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श्रीगंगानगर। पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा था, उस कारण ईरान ने जलडमरूमध्य पर कब्जा कर लिया है और वहां से कमर्शियल जहाज को निकलने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि कुछ गणराज्य ने ईरान से सम्पर्क कर गुहार लगायी तो वह रास्ता देने को तैयार हो गया किंतु यह स्थायी समाधान तो नहीं हुआ।  संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति स्थायी समाधान चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने नाटो सदस्य देशों से आह्वान किया है कि वह अपनी जल सेना को जल डमरू मध्य इलाके में भेजें।  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि चीन, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया भी अपनी सेना भेजें। यह अमेरिका के सहयोगी देश रहे हैं इस कारण आह्वान किया गया किंतु इन देशों ने अपनी सेना को नहीं भेजा तो फिर नाटो को धमकी देनी पड़ी।  नाटो का भविष्य अंधकार मय? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर चीन और नाटो की सेनाएं नहीं आती हैं तो वे बीजिंग की यात्रा को स्थगित कर सकते हैं। नाटो को मिलने वाली आर्थिक सहायता को समाप्त किया जा सकता है। अगर नाटो की आर्थिक सहायता बंद हो जाती है तो उसका हाल ही डब्ल्यूएचओ जैसा हो सकता है।  नाटो संगठन टूट स...

‘खालसा’ को बदनाम करने की सरकारी साजिश तो नहीं थी?

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यूरोप की ना के बाद भी गोल्डन डोम का सपना सच हो रहा है!

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श्रीगंगानगर। मोहरा बनकर खेलते हैं सब, पर बादशाह तो वक्त होता है दोस्त! यह शब्द शायद संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए ही लिखे गये हैं। उन्होंने गोल्डन डोम का सपना देखा था, यूरोप ने सहयोग नहीं किया, अकेले रह गये थे ट्रम्प, लेकिन शेर तो राजा होता है और वह अकेला ही होता है।  क्या ख़ूब लिखा है वक्त ने, कि जो हँसते थे कल, आज रो रहे हैं। यह वह पंक्तियां हैं जब 2024 के चुनाव में राष्ट्रपति ट्रम्प चुनाव प्रचार कर रहे थे और उनको निशाना बनाते हुए सार्वजनिक मंच पर गोलियां चलायी गयीं। गोलियां किसने चलायीं, किसके इशारे पर चलाई गईं? तेहरान या उसके मित्र यह नहीं कह सकते कि उनको घटना का इल्म नहीं था। चुनावों से पहले ही तय हो गया था कि राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रम्प वापसी कर रहे हैं। अनेक राजनेता उनके पास परिणाम आने से पहले ही मिलने के लिए पहुंचने लगे थे।  ..और जो नहीं  पहुंचे थे, वे आज रो रहे हैं। दोस्ती का लिबास पहनकर पीठ में छुरा घोंपने की तैयारी में थे, लेकिन यह तैयारी अधूरी रह गयी।  रही बात गोल्डन डोम की तो वो सपना हकीकत बनने के लिए तैयार है। जापानी पीएम सानाए ताक...

बुलेट ट्रेन के लिए जापान सरकार और लोन नहीं दे रही!

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श्रीगंगानगर। भारत और जापान सरकार ने मिलकर अहमदाबाद से मुम्बई के लिए बुलेट ट्रेन चलाने का समझौता किया था। 1.1 लाख करोड़ रुपये इसकी लागत मानी गयी थी और करीबन 90 हजार करोड़ रुपये जापान सरकार से लोन में मिलने थे। देरी के कारण लागत बढक़र 1 लाख 80 करोड़ हो गयी है और जापान सरकार 90 हजार करोड़ से ज्यादा का लोन नहीं दे रही है।  इस समय युद्ध का मााहौल है। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल जंग लड़ रहे हैं। इसका असर पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है तो भारतीय अर्थव्यवस्था कहां बच सकती थी।  फिलहाल जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार 1.80 लाख करोड़ के इस प्रजोक्ट का प्रथम चरण ही अभी पूर्ण नहीं हो पाया है। जापान बुलेट ट्रेन देगी या नहीं, यह भी तय नहीं है क्योंकि जो शर्तों के अनुसार समझौता हुआ था, वह तो अब तक पूरा हो जाना चाहिये था।  ज्ञानेश कुमार मोदी की कठपुतली बनकर नाच रहे हैं भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जिस तरह से सिर कार्यक्रम को चला रहे हैं। मामला तूल पकड़ता जा रहा है।  चुनाव कार्यक्रम का निर्धारण भी सवालों के घेरे में रहता है और परिणाम को लेकर भी विपक्ष सवाल उठाता है।...

ईरान युद्ध लम्बा चला तो 100 को पार कर सकता है रुपया

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श्रीगंगानगर। ईरान-इजरायल और अमेरिका के युद्ध को अभी 15 दिन ही हुए हैं। अगर युद्ध लम्बा चला,जिस तरह का संकेत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू दे रहे हैं, उससे भारतीय अर्थव्यवस्था भारी दबाव में आ जायेगी।  ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के कारण शेयर बाजार भारी दबाव में रहा था और एक माह के भीतर करीबन 9 हजार अंकों का भारी नुकसान हुआ है। वहीं पिछले सप्ताह पांच में से चार दिन शेयर बाजार में गिरावट को दर्ज किया गया। हालांकि इसको वैश्विक कारण माना जा रहा है क्योंकि स्वयं संयुक्त राज्य के शेयर बाजार में भी गिरावट आयी।  चिंता का सबसे बड़ा कारण है भारतीय मुद्रा। रुपया 92.50 प्रति डॉलर को पार कर गया है। तेहरान के साथ वाशिंगटन का तनाव इसी तरह से बना रहा तो रुपया शतक के करीब पहुंच सकता है और उस समय महंगाई का ऐसा दौर आरंभ होगा, जिसका अनुमान लगाने से सिरहन दौड़ जाती है। रोंगटे खड़े हो जाते हैं।  यह उस नरेन्द्र मोदी के दौर में हो रहा है जो गुजरात के सीएम के रूप में कहते थे कि रुपया नहीं सरकार गिर रही है। रुपये की चिंता सरकार को नहीं है और वह अपनी कुर्सी को येन-केन प्रक...

एक दिन में 85 लाख उपभोक्ताओं ने करवायी गैस बुकिंग, पीएनजी उपभोक्ता एलपीजी के लिए प्रतिबंधित

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श्रीगंगानगर। पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय को शनिवार को  पत्रकार वार्ता कर यह जानकारी देनी पड़ी कि देश में इस समय एलपीजी को लेकर भारी परेशानी लोग उठा रहे हैं। 85 लाख लोगों ने गैस बुकिंग करवायी है। वहीं सरकार ने पीएनजी ग्राहकों से एलपीजी का अधिकार छीन लिया है।  सरकार भले ही यह दावा कर रही हो कि घरेलू गैस को लेकर कोई परेशानी नहीं है लेकिन सच्चाई यह है कि बुकिंग की अवधि में बदलाव सरकार की बयानबाजी को झूठा साबित करता है। सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत बड़ी कार्यवाही का दौर चलाया जा रहा है।  जिस तरह से भारत में जमाखोरी और कालाबाजारी हो रही है, उसको लेकर सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। हाल ही में नयी सरसों का बाजार में आगमन हुआ है इसके बावजूद खाद्य तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है, यह संकेत देती है कि कालाबाजारी जोरों पर चल रही है।  वहीं एलपीजी जिसको घरेलू गैस कहकर भी संबोधित किया जाता है, के 85 लाख उपभोक्ताओं ने बुकिंग करवायी है। यह एक दिन के भीतर करवायी गयी सर्वाधिक बुकिंग है। सरकार अभी तक 50 लाख उपभोक्ताओं को गैस डिजीवरी करने का दावा कर...

ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में ग्वाले की कैप पहनी

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वाशिंगटन डीसी। डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में एक शिष्टमंडल से मुलाकात की। यह शिष्टमंडल गायों को पालने और उनके लिए भोजन की व्यवस्था करता है।  ग्वालों के साथ शिष्टाचार मुलाकात में डोनाल्ड ट्रम्प ने उनके जैसा रूप धारण करने के लिए काउब्वाय कैप को भी अपने सिर पर रखा। इससे सभी प्रसन्न हो गये। यह कार्यक्रम ओवल कार्यालय में आयोजित किया गया।  सनाए ताकाईची 19 मार्च को वाशिंगटन में टोक्यो। जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री सनाए ताकाईची 19 मार्च को वाशिंगटन की यात्रा पर होंगी। पीएम बनने के बाद उनकी यह पहली मुलाकात होगी। माना जा रहा है कि जापान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के गोल्ड डैम कार्यक्रम में शामिल हो रहा है।  ताकाईची ने हाल ही में चुनावों में अपनी पार्टी को दो तिहाई बहुमत दिलाकर इतिहास रच दिया है और वह पहली महिला पीएम हैं। उन्होंने इस तरह की सफलता के लिए खूब प्रचार किया था।  

भारत-अमेरिका के बीच कॉल्ड वॉर के बादल!

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श्रीगंगानगर। भारत में विपक्षी दलों के दबाव के बीच सरकार ने जिस समझौते पर अमेरिका को सहमति दी थी, अब उस पर हस्ताक्षर नहीं हो रहे हैं। रॉयटर संवाद सेवा ने भी इस पर एक रिपोर्ट का प्रकाशन किया है।  अमेरिका ने अपने टैरिफ को भारत के खिलाफ इसलिए वापिस ले लिया था क्योंकि भारत  ने एक ट्रेड डील को मान लिया था, जैसा की रिपोर्ट में बताया गया था।  50 प्रतिशत टैरिफ को 18 प्रतिशत कर दिया गया था और इसको भारत सरकार ने अपनी सफलता के रूप में प्रस्तुत किया था और भाजपाइयों ने जय-जय मोदी गुणवान के नारे लगाकर इस सफलता को भारत की सबसे बड़ी सफलता बताया था।  सुप्रीम कोर्ट ने सभी देशों के टैरिफ को हटाया तो ट्रम्प प्रशासन ने तुरंत ही 15 प्रतिशत ग्लोबल टैक्स लगाकर किसी भी देश को राहत नहीं दी।  अब बताया जा रहा है कि भारत अमेरिका को जो निर्यात करता है, उसकी जांच की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज शुक्रवार 13 मार्च 2026 को दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर भी किये हैं और यह लेबलिंग से संबंधित हैं। इसका अर्थ यह है कि किसी दूसरे देश से निर्यात कर माल को मंगवाया जाता है और उस पर मेड इन ...

रूस-अमेरिका ने एनर्जी नहीं दी तो...?

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श्रीगंगानगर। एलपीजी की मांग और सप्लाई में भारी अंतर आने के कारण सरकार ने जहां शह री क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है तो ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता 45 दिन बाद सिलेंडर बुक करवा सकते हैं। सब्सिडी खत्म होने के बाद कालाबाजारी पर एक बार अंकुश लगा था जो अब कई गुणा बढ़ गया है। लोग लाइनों में लगकर अधिक कीमत चुका रहे हैं।  पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर भारत पर कहीं अधिक दिखाई दे रहा है। चीन जहां अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अधिकतम अमेरिका से एलपीजी की खरीद करता है और इसके बाद रूस, यूएआई से भी खरीद करता है किंतु उसका बड़ा स्रोत अमेरिका है।  वहीं भारत को देखा जाये तो वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए 60 प्रतिशत आयात करता है। इसका अधिकतर खरीददारी अरब के देशों से होती है। मास्को को जहां दिल्ली अपना मित्र मानता है, उसी देश से खरीद बहुत कम की जाती है। अमेरिका से खरीद का स्रोत अब बनाया गया है।  जो एक रिपोर्ट सामने आयी है 50 लाख उपभोक्ताओं को सप्लाई की जा रही है तो दूसरी ओर सच्चाई यह है कि बुकिंग 75 लाख उपभोक्ता कर रहे हैँ। इस तरह से मांग ...

विश्व विदेश नीति का नया रूप ‘कार’ के रूप में दिखाई दे सकता है

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श्रीगंगानगर। भारत सरकार ने हाल ही में अपने विदेशी मित्रो को प्रसन्न करने के लिए उनके साथ लाखों करोड़ के सैन्य समझौते किये हैं। फ्रांस से 140 फाइटर जेट खरीद किये जा रहे हैं तो जर्मन से पनडुब्बी खरीद का सौदा हुआ है। हालांकि पूर्व में मेड इन इंडिया का नारा जोश खरोश के साथ दिया गया था।  फ्रांस और जर्मन दोनों  ने ही अमेरिका का साथ ईरान युद्ध में देने से इन्कार कर दिया तो इसके बाद नाटो का भविष्य अधरझूल में लटक गया। यूरोपीय देश और ब्रिटेन एकजुट हो गये और संयुक्त राज्य अमेरिका को अकेला छोडऩे का प्रयास किया गया।  अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। यह उनकी दूसरी आसियान यात्रा है। इससे पहले वे जापान और दक्षिण कोरिया का प्रवास कर चुके हैं।  भारत में एक तरफ गैस-पेट्रोलियम पदार्थ की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। गैस को महंगा किया गया किंतु किल्लत इसके बाद भी दूर नहीं हो पायी। अब खाद्य तेल भी कम से कम 30 रुपये महंगा हो गया है।  दूसरी ओर कम्प्यूटर पार्ट्र्स की भी किल्लत हो रखी है और जमकर इसकी भी कालाबाजारी हो रखी है। यह आम व्यक्ति की जरूरत बन चुकी है क...

डमरू तो भगवान शिव की पहचान है!

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श्रीगंगानगर। ईरान का अर्थ आर्यों की भूमि। वहीं डमरू की बात करें तो यह भगवान शिव की पहचान है। जब हम उत्तराखण्ड के हरिद्वार जाते हैं, जहां मां गंगा का निवास है, उस गंगा के मध्य में भगवान शिव की महाप्रतिमा स्थापित है और उनके हाथ में डमरू और त्रिशूल है। जटाएं हैं।  उसी ईरान में जल डमरू मध्य स्थल है। यह स्थल अब ईरान की गुलामी का प्रतीक बन गया है क्योंकि ईरान इस मार्ग से किसी भी व्यवसायिक जहाज को नहीं निकलने दे रहा है।  इसकी आजादी के लिए अमेरिका ने अनेक मिसाइलों को दागा है। अब अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के जरिये ही यह संभव हो पायेगा, क्योंकि अमेरिका अकेला पूरी दुनिया की टेंशन को अपने कंधों पर लेने के लिए तैयार नहीं है।  अढ़ाई हजार साल पहले लिखे गये वेदों में महादेव की महिमा का गुणगान भगवान शिव आदि देव हैं। इनकी उत्पत्ति का ज्ञान आज तक किसी को पता नहीं लग पाया है। लाखों सालों के ग्रंथ भी यह नहीं बता पाये हैं कि आदि देव का जन्म किस प्रकार हुआ।  सनातन धर्म के जानकार बताते हैं कि मां पार्वती और भगवान शंकर ही सृष्टि के जनक हैं और दुनिया में हर मनुष्य किसी न किसी उनकी संतान है। शिवलिं...