नाटो और हर्मूज जल डमरू मध्य?
श्रीगंगानगर। पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा था, उस कारण ईरान ने जलडमरूमध्य पर कब्जा कर लिया है और वहां से कमर्शियल जहाज को निकलने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि कुछ गणराज्य ने ईरान से सम्पर्क कर गुहार लगायी तो वह रास्ता देने को तैयार हो गया किंतु यह स्थायी समाधान तो नहीं हुआ।
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति स्थायी समाधान चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने नाटो सदस्य देशों से आह्वान किया है कि वह अपनी जल सेना को जल डमरू मध्य इलाके में भेजें।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि चीन, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया भी अपनी सेना भेजें। यह अमेरिका के सहयोगी देश रहे हैं इस कारण आह्वान किया गया किंतु इन देशों ने अपनी सेना को नहीं भेजा तो फिर नाटो को धमकी देनी पड़ी।
नाटो का भविष्य अंधकार मय?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर चीन और नाटो की सेनाएं नहीं आती हैं तो वे बीजिंग की यात्रा को स्थगित कर सकते हैं। नाटो को मिलने वाली आर्थिक सहायता को समाप्त किया जा सकता है। अगर नाटो की आर्थिक सहायता बंद हो जाती है तो उसका हाल ही डब्ल्यूएचओ जैसा हो सकता है।
नाटो संगठन टूट सकता है और रूस-यूरोप के बीच हर समय युद्ध का खतरा मंडराये रह सकता है। यह पश्चिमी देश भी जानते हैं। अगर पिछले 80 सालों से मास्को और यूरोपिय देश शांति बनाये रख सके हैं तो इसका कारण यह था कि वाशिंगटन दोनों के बीच एक महाशक्ति के रूप में खड़ा रहा।
यूक्रेन युद्ध की शुरुआत ही इसी कारण हुई कि व्लोदोमीर जेलेंस्की चाहते थे कि उनके देश को नाटो का सदस्य बनाया जाये और मास्को ने इसके बाद युद्ध आरंभ कर दिया।
वहीं अगर जल होर्मूज जलडमरूमध्य की बात करें तो यह चर्चा का विषय पूरी दुनिया के लिए बन गया है। ‘जल डमरू मध्य’ की इस समय चर्चा हो रही है।
ट्रम्प ने सूजी को अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी
वाशिंगटन डीसी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ, सूजी वैल्स को अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी। सूजी को ब्रेस्ट कैंसर डिटेक्ट हुआ है। उनका इलाज किया जा रहा है और राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की है कि वे अपने आत्मबल की शक्ति के आधार पर शीघ्र स्वस्थ होकर देश की सेवा करेंगी।
