किसानों को खाद के भी पड़ सकते हैं लाले, ट्रम्प और हजारों सैनिकों को खाड़ी भेज रहे हैं
श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमांडर इन चीफ के रूप में सेना के हजारों और जवानों को खाड़ी के लिए रवाना कर रहे हैं क्योंकि इरान के साथ युद्ध को चार सप्ताह हो गये हैं। मध्यावधि चुनाव भी आने वाले हैं और उससे पहले तेहरान में शासन व्यवस्था बदलवाना उनके लिए चुनौति है।
तेहरान युद्ध अगर लम्बा चलता है तो भारत में निश्चित रूप से सभी व्यवस्थाओं पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। खाद/फर्टिलाइजर का भारत आयात करता है लगभग 70 प्रतिशत। 30 प्रतिशत ही देश में उत्पादन हो रहा है। किसानों को अगर आगामी सीजन में खाद नहीं मिली तो उनको सडक़ों पर प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है।
तेल और गैस की आपूर्ति हार्मूज जल डमरू मध्य से कितने समय तक हो पाती है, यह भी समझने वाली स्थिति है।
दूसरी ओर यूएसए ने अपनी 82वीं रेजीमेंट से हजारों सैनिकों को खाड़ी देशों की ओर रवाना कर दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी सेना यूएसए के पास है और उसने अपने हजारों सैनिकों को ईरान के भीतर घुसकर युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है।
वाशिंगटन इस समय कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहता और बकाया काम भी नहीं रखना चाहता। इस कारण जमीनी सेना को तैयार किया गया है।
