पाकिस्तान ने सम्मेलन का नाम चतुर्भुज क्यों रखा? रुपये, शेयर बाजार में गिरावट, कू्रड में तेजी
श्रीगंगानगर। पाकिस्तान ने तेजी के साथ चार राष्ट्रों की एक बैठक आयोजित की और इसका नाम चतुरभुज रखा गया। इस बैठक में प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी शामिल हो गये थे, इस कारण इस्लामाबाद में हलचल को काफी तेज देखा गया। वहीं भारत में रुपये, शेयर बाजार में गिरावट को पुन: दर्ज किया गया। रुपया 94.99 के शिखर को छू गया।
बड़ा सवाल यह है कि पाक ने अपने देश में आयोजित सम्मेलन का नाम चतुर भुज क्यों रखा?
रविवार को जैसे ही बैठक आरंभ हुई भारत सरकार ने आपातकालीन योजनाओं को आगे बढ़ाना आरंभ कर दिया।
हालांकि ज्वाइंट स्टेटमेंट के बारे में जानकारी हासिल नहीं हो पायी है लेकिन यह तय है कि शाहबाज ने अपनी रणनीति से आर्थिक रूप से मजबूत देशों को अपने साथ जोड़ लिया है।
एक समय था जब पीएम रहे इमरान खान के पास अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सउदी अरब का विमान लेना पड़ा था और इमरान खां अमेरिका में लेट हो गये तो खाली विमान को क्राउंन प्रिंस ने वापिस बुला लिया था।
वही सउदी अरब अब पाकिस्तान के साथ हर मोर्चे पर खड़ा हुआ नजर आ रहा है। यही नई दिल्ली की चिंता का कारण बन गया है। दिल्ली में हलचल तेज है और अनेक मंत्रियों के समूह बनाये गये हैं। दूसरी ओर यूनिवार्ता संवाद सेवा के अनुसार, सरकार ने कहा है कि रुपए में गिरावट को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है क्योंकि यह अर्थव्यवस्था के संकेतों के हिसाब से सही चल रहा है और देश की अर्थव्यवस्था सभी मानदंडों पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में बैंकों की सूचना देने संबंधी एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि बैंकों में गोपनीयता महत्वपूर्ण है और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अधिनियम के भी अपने नियम है। उसमें सारी जानकारियों को देने के बारे में विशेष नियम है। बैंक के वही आंकड़े शेयर किये जा सकते हैं जहां ज़रूरी और जिनकी जरूरत होती है।
ध्यान रहे कि मुद्रा में चार रुपये प्रति डॉलर से ज्यादा की गिरावट आ गयी है। शेयर बाजार 85 हजार से 72 हजार पर पहुंच गया है और सरकार कह रही है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। रुपया 94.99 के शिखर को छू गया और अपनी नाकामियों को छुपाने के लि सरकार संसद में गलत बयानी कर रही है।
पाक सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने दी जगह
इस्लामाबाद में सउदी अरब, तुर्कीये, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्री बैठक करते हैं। इसको अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। रॉयटर, भारत के द हिंदू आदि संवाद सेवाओं ने इन समाचारों को प्रमुखता के साथ कवर किया।
सम्मेलन का नाम चतुर भुज रखा गया और यह ध्यान देने की आवश्यकता है कि भुज गुजरात का हिस्सा है। वहीं गणित में चारों दिशाओं को जब मिलान किया जाता है तो उसको भी चतुर्भुज कहते हैं। अब यहां पर क्या गणित का खेल हुआ, यह जानना आवश्यक है।
