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Showing posts from September, 2025

भाजपा को राजस्थान में एक सूत्र में कैसे परोसेंगे पीएम मोदी?

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श्रीगंगानगर। सोमवार से आरंभ हुए नये सप्ताह के 29 सितंबर की अगर शाम के प्रमुख समाचारों पर नजर डालें तो अमेरिका सरकार ने भारतीय फिल्म निर्माओं को भी एक बड़ा झटका दिया है। अब गैर अमेरिकी फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जायेगा। वहीं कनाडा सरकार ने एक अभूतपूर्व निर्णय में लारेंस गिरोह को आतंकवादी संगठन करार दिया है। वहीं सबसे पहले राजस्थान भाजपा पर नजर डाली जाये तो सवाल उठता है कि एकसूत्र में पार्टी को बांधे रखना आसान कार्य नहीं है।  पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बांसवाड़ा क्षेत्र में थे जो आदिवासी बाहुल्य इलाका माना जाता है। मंच पर पीएम के अलावा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित कई अन्य चेहरे थे।  मंच पर पीएम मोदी सभी का आभार व्यक्त कर रहे थे। सभी नेता राइट साइड में थे और जब वे वसुंधरा राजे के नजदीक पहुंचे तो पूर्व मुख्यमंत्री ने अचानक उनके सामने आ गयी। हजारों कार्यकर्ता मंच से नीचे देख रहे थे और पीएम से वसुंधरा राजे ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और इशारों में बताया भी कि वे मौजूदा हालात में खुश नहीं हैं।  ...

केजरीवाल का पंजाब प्रशासन में हस्ताक्षेप पार्टी को कमजोर कर रहा है!

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श्रीगंगानगर। पंजाब इस समय भीषण तबाही के मंजर को देखने के उपरांत बहाली की ओर देख रहा है। राज्य सरकार 5 एकड़ वाले किसानों को मुफ्त में बीज देगी, लेकिन बड़े जमींदार का नुकसान नहीं हुआ? मार्च 2022 में पंजाब ने परिवर्तन का मानस बना रखा था और इस कारण दशकों पुरानी पार्टी कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा को परास्त करते हुए 117 सीट में से 92 पर जीत हासिल कर आम आदमी पार्टी की सरकार का गठन किया। लोगों को उम्मीदें थी कि पलायन, बेरोजगारी और अन्य किसानों की समस्याओं का अंत होगा। नशा का नाश होगा।  मुख्यमंत्री के पद पर मशहूर कैमेडियन भगवंत मान को सीएम नियुक्त किया गया। प्रदेश पार्टी की कमान भी उनके पास थी जो हाल ही में नये प्रदेश अध्यक्ष को स्थानांतरित की है।  पंजाब में सरकार के गठन के साथ ही दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों में सत्ता हाथ से निकल गयी। तीन बार सीएम बने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बेरोजगार हो गये।  दिल्ली में शराब घोटाले के चलते अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा। इसके बाद दिल्ली से सीएम की कुर्सी भी गयी। पार्टी की प्रदेश से सत्ता भी समाप्त हो गयी। अब एक राज्य पंजाब...

दुनिया भर में फैले अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को आपात बैठक के लिए बुलाया

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न्यूयार्क। दुनिया भर में अमेरिका की सेना अनेक देशों में तैनात है और अनेक बेस कैम्प भी हैं, इन सभी के कंट्रोलिंग अधिकारियों को रक्षा मंत्री (युद्ध मंत्री) पीट हेगसेथ ने आपात बैठक के लिए बुलाया है।  इस आपात बैठक की जानकारी जैसे ही बाहर आयी, सभी खुफिया एजेंसीज के कान खड़े हो गये।  जो जानकारी सामने आयी है, उसके अनुसार युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने सैन्य अधिकारियों को भेजे गये तार में कहा गया है कि वे अगले सप्ताह अमेरिका पहुंचें। 2 से लेकर चार स्टारधारी अधिकारियों को बुलाया गया है।  हालांकि अभी यूएन सभा चल रही है और अमेरिकी प्रशासन उस तरफ ज्यादा व्यस्त है। इस बीच युद्ध मंत्री का अधिकारियों को तार भेजना, इस बात का संकेत है, कहीं न कहीं अमेरिका अब अपनी तैयारियों की समीक्षा कर रहा है।  यह भी संभवत: पहली बार होगा कि पीट हेगसेथ पहली बार अपने अधीनस्थ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। ध्यान देने योग्य यह बात भी है कि पूर्व प्रशासन के अधीन कार्य करने वाले अनेक उच्चाधिकारियों को पदमुक्त कर दिया गया था। 

वाशिंगटन जैसी सुपर परचेज पॉवर दुनिया में शायद नहीं है?

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वाशिंगटन। रूस-युक्रेन युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जिस तरह से डे-फस्र्ट से गतिशील थे, अब उस तरह से नहीं है, क्योंकि उनकी रूस के साथ चल रही बातचीत के बाद भी सार्थक परिणाम सामने नहीं आये हैं, हालांकि दोनों देश विदेश मंत्री स्तर पर वार्ताओं का दौर चलाये हुए हैं।  पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह जिम्मेदारी सौंपी थी कि वे युद्ध को समाप्त करवायें। प्रशासन बदला तो ट्रम्प ने भी पीएम को वाशिंगटन डीसी बुलाकर यही बात दोहराई। इसके बाद वे अपने स्तर पर भी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ अनेक बार वार्ता कर चुके हैं।  पुतिन ने शांति वार्ता के लिए विश्व के सामने कुछ शर्तें रखी हुई हैं और उनकी पालना करवाने के बाद ही वे युद्ध को समाप्त कर सकते हैं।  इन सबके बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, लेकिन मोदी को भी देश के भीतर विरोधी दलों से सामना करना पड़ रहा है और तीन बड़े राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन तीन राज्यों के माध्यम से ही राज्यसभा में भी पकड़ बनाये रखी जा सकती है।...

मैक्रां के साथ थ्रिलर ड्रामा था?

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वाशिंगटन। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां के साथ जो घटनाक्रम मंगलवार को न्यूयार्क में यूएन की सभा में जाते समय हुआ, वह एक थ्रिलर मूवी से कम नहीं था। हालांकि वे पैदल ही यूएन की सभा में पहुंच गये किंतु एक राष्ट्रपति को पैदल चलते देखकर वीवीआईपी मूवमेंट से होने वाली परेशानियों की जानकारी भी सामने आती है।  मैक्रां और डोनाल्ड ट्रम्प के रिश्ते इस समय सहज नहीं है। यूरोपियन यूनियन भी दो तरफ चल रही है और नाटो में भी एकता नहीं दिखाई दे रही। यहां बता दें कि फ्रेंच राष्ट्राध्यक्ष का काफिला यूएन की ओर मूव कर रहा था कि उनको पुलिस कार्मिकों ने रोक दिया, क्योंकि उस समय ही राष्ट्रपति ट्रम्प का काफिला निकल रहा था। मैक्रां ने पुलिस कार्मिक को बताया कि वे फ्रेंच प्रेजीडेंट हैं, पुलिसकर्मी ने उनको बताया कि वे उनको पहचानते हैं, लेकिन वे उनको वाहनों के साथ नहीं जाने दे सकते। इस पर मैक्रां ने ट्रम्प को फोन मिलाया और अपने साथ घटना की जानकारी दी तो ट्रम्प ने कह दिया कि अमेरिका में किसी की सिफारिश नहीं चलती।  गाजा को मान्यता देने को लेकर नाटो, जी-7, यूरोपियन यूनियन में मतभेद सामने आ गये। ब्रिटेन, कन...

एच 1 बी वीजा में बदलाव के लिए मोदी की नीतियां जिम्मेदार नहीं?

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श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एच 1 बी वीजा धारकों को प्रतिवर्ष 1 लाख डॉलर अदा करने का आदेश जारी किया। इससे यूएसए की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी टेक कंपनियों में हडक़म्प मच गया। उधर भारत सरकार में भी इसी तरह का हाल था। आखिर में देर रात को ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्टीकरण दिया या बैकफुट पर आकर एक लाख डॉलर की राशि को एकमुश्त बताया अर्थात हर साल पैसे नहीं देने होंगे। इसके बाद भारत और अमेरिका में माहौल शांत हुआ।  अमेरिका सरकार ने जो फैसला किया, उसके लिए किसी व्यक्ति विशेष को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? असल में यह भारतीय शासक नरेन्द्र मोदी की अहम की लड़ाई बन गयी है। वे भारतीयों के बीच अपनी पैठ बनाये रखने के लिए जन्मदिन को एक पखवाड़ा तक मनाते हैं। फ्रांस, जापान, जर्मनी आदि विकसित राज्यों या बांग्लादेश, श्रीलंका जैसे गरीब स्टेट में शासनाध्यक्ष इस तरह का माहौल नहीं बनाते हैं।  अब अगर फैक्ट को चैक किया जाये तो सामने आता है कि ट्रम्प से अपनी मित्रता का गुणगान स्वयं पीएम मोदी करते थे। अमेरिका की टेक और अन्य बड़ी कंपनियों के मालिकों के साथ विशेष बैठक किया करते थे। अब व...

व्यापारी नेताओं को अमेरिका ने कहा-नो एंट्री, चाबहार बंदरगाह पर लगेंगे प्रतिबंध

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श्रीगंगानगर। रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका-भारत के बीच तनाव बना हुआ है और यह हर दिन बढ़ता जा रहा है। भले ही भारत गणराज्य के शासक मोदी अपने जन्मदिन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बधाई को स्वीकार करते हुए दुनिया का वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहे हों।  टैक्स आतंकवाद पर चारों तरफ से मिल रही आलोचनाओं के बाद जीएसटी में बदलाव किया गया और टैक्स को कम किया गया। अपने ही टैक्स में परिवर्तन को भारत गणराज्य की सरकार ने वाहवाही लूटने का प्रयास किया। पांच साल से भी ज्यादा समय तक ज्यादा टैक्स वसूलने को अपनी गलती के रूप में स्वीकार नहीं किया।  वहीं अब जो बड़ी खबर आ रही है, उसमें बताया गया है कि अमेरिका ने भारत के व्यापारी नेताओं और कंपनियों के अधिकारियों का वीजा समाप्त कर दिया गया है और नये वीजा पर भी नो एंट्री कही जा रही है। अमेरिकन समाचार सेवा की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है।  इससे पहले भारत गणतंत्र को पाकिस्तान के समकक्ष मानते हुए ड्रग तस्करी वाली सूची में डाल दिया। इसमें 23 देश शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों ने सन फार्मा की गुजरात इकाई का निरीक्षण करते हुए उस...

कंगाल पाकिस्तान को मिला महाशक्तियों का समर्थन!

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श्रीगंगानगर। भारत गणराज्य के शासक नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को विश्वभर से जन्मदिन की मुबारकबाद मिलने से काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। वहीं विश्व में एक ही रात में काफी कुछ बदल गया। कंगाल पाकिस्तान को अब सउदी अरब का साथ मिल गया है।  वैश्विक मंच तेजी से बदलता जा रहा है और भारत की विदेश नीति एक हारे हुए सैनिक की तरह की स्थिति में जी रही है।  जर्मन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन में पिछले कुछ दिनों के भीतर लाखों लोग एकत्र हो गये और सडक़ों पर उतर आये। वे अपने देश में इस्लामिक गतिविधियों के बढ़ावे से तंग आये हुए थे। वे आर्वजन नीति में बदलाव की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे कि इस्लामी नागरिक उन देशों में चले जायें जहां शरीयत कानून लागू है। व्हाइट लोगों के देश को फिर से सुंदर बनाया जाये।  वैश्विक हालात को बदलते देखकर सउदी अरब ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को फोन कर 17 सितंबर 2025 को रियाद बुला लिया। उनका गर्मजोशी से स्वागत की तस्वीरें प्रदर्शित की गयीं और दोनों देशों ने ‘इस्लामिक नाटो’ की शुरुआत कर दी। अब पाक और सउदी अरब ने एक समझौते में हस्ताक्षर किये हैं, जिसमें यह माना जा...

युवाओं के जोश से हिला हुआ यूरोप

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न्यूयार्क। अमेरिका में दक्षिण पंथी विचारधारा के नेता, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मित्र चार्ली क्रिक की गोली मारकर हत्या के बाद यूरोप में भारी प्रदर्शन हो रहे हैं।  दक्षिणपंथी समूह यूरोप को आतंकवाद और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए आंदोलन कर रहा है। एक या दो देश नहीं बल्कि हर मुल्क में प्रदर्शन हो रहे हैं।  ब्रिटेन में सरकार भले ही मान रही हो कि शनिवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या 1 लाख 10 हजार थी किंतु आयोजक मान रहे हैं कि 10 लाख या इससे भी कहीं ज्यादा लोग आतंकवाद, आर्वजन और अभिव्यक्ति की आजादी को सुरक्षित करने के लिए आंदोलनरत थे।  इसके अतिरिक्त यूरोप के अन्य देशों पौलेण्ड, जर्मनी, फ्रांस में भी प्रदर्शनकारियों को सडक़ों पर देखा गया। न्यूजीलैण्ड में भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ। सरकार हैरान हैं कि इतनी बड़ी संख्या में लोग सडक़ों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, उनको कैसे संभाला जाये। ब्रिटेन में तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच एक झड़प होने की भी जानकारी सामने आयी है।  नेपाल, बांग्लादेश में तो आंदोलनकारी युवाओं ने सत्ता को ही बदल दिया। अब यूरोप में रूढ़ीवादी एकजुट हो रहे हैं और अ...

डेलाइट : संगरिया में गोली मारकर हत्या, पड़ोसियों को नहीं सुनाई दी गोलियों की आवाज

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श्रीगंगानगर। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी। बाइक पर आये हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद उसी सफाई से निकल गये, जो वह योजना बनाकर आये थे। बाइक को क्लॉज सर्किट कैमरों ने कैद कर लिया है और उसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।  पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने बताया कि धानमंडी के नजदीक एक एनसीडैक्स की दुकान में अज्ञात हमलावरों ने मुनीम विकास को गोली मार दी। यह दुकान बालाजी इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित हो रही है।  विकास जैन संगरिया के ही वार्ड नं. 30 का रहने वाला था और एनसीडैक्स की दुकान पर कार्य करता था।  वहीं अन्य सूत्रों ने बताया कि दुकान किसी नारंग नामक व्यक्ति की है। हमलावर प्रशिक्षित थे, क्योंकि उन्होंने कोई भगदड़ नहीं मचाई और बाइक पर दुकान के सामने एक युवक ने उतरकर प्रवेश किया और इसके बाद गोलियां चलाई दी। यह वारदात करीबन 11 बजे के आसपास की है।  वहीं इसकी पब्लिक को जानकारी करीबन 2 बजे किसी ने दी। पुलिस के लिए यह खास बिंदू है क्योंकि संभव है वारदात के लिए सुपारी दी गयी हो। हमलावरों का टारगेट विकास की हत्या क...

मोदी वैश्विक ब्रांडिंग के लिए मॉरिशस को 680 मिलियन डॉलर देंगे, नाम दिया गया प्रमुख सहयोगी देश

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श्रीगंगानगर। पंजाब, बिहार, हिमाचल आदि उत्तर भारत के राज्यों में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। पंजाब में इतना विकराल रूप बाढ़ का था कि करीबन 200 गांव में आज भी पानी भरा हुआ है और फसलें चौपट हो गयी हैं।  वहीं पंजाब का दौरा करने के उपरांत केन्द्र सरकार ने 16 सौ करोड़ रुपये की सहायता जारी की है, जबकि आवश्यकता हजारों करोड़ रुपये की है। बिहार, उत्तर प्रदेश ने तो बाढ़ के प्रतिवर्ष आने को अपनी नियति मान लिया है लेकिन पंजाब में 1988 के बाद बाढ़ आयी है जिसका सामना करने के लिए किसान तैयार ही नहीं थे।  बाढ़ से मरने वालों को सिर्फ दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिये जाने की जानकारी दी गयी।  पंजाब में यह सीजन चावल की सिंचाई करने का होता है और इसी से ही पंजाब की आर्थिक ताकत मजबूत होती है। बासमती राइस ही राज्य की प्रमुख आर्थिक ढाल है क्योंकि उद्योग क्षेत्र तो पहले से ही कमजोर होता जा रहा है।  मॉरिशस को 680 मिलियन डॉलर की सहायता दी जा रही है्र जो आश्चर्यजनक है। मॉरिशस में इन पैसों से अस्पताल, समुन्द्री सीमा की सुरक्षा को मजबूत करेगा। मॉरिशस के हाल ही में राष्ट्रीय कार्यक्रम में पीएम मोदी मुख्य...

हुस्नी मुबारक के बाद दक्षिण एशिया सत्ता पलटने का केन्द्र बना

न्यूयार्क। विश्व में इस समय जो चर्चा हो रही है, वह नेपाल के युवाओं की है। जेन-जैड के नाम से युवा आंदोलन कर रहे हैं और संसद, प्रधानमंत्री आवास आदि को आग लगाकर धराशायी कर दिया है।  वर्ष 2011 का वक्त याद करना होगा जब हुस्नी मुबारक को 30 साल सत्ता में रहने के बाद आंदोलन हुआ था और लोगों ने मुबारक को गैर मुबारक करते हुए हटा दिया था। यह देश में सत्ता परिवर्तन का पिछले कुछ सालों का सबसे बड़ा चर्चा का केन्द्र था। जब लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले युवा हों तो वे कुछ भी कर गुजरते हैं।  इसी तरह से दक्षिण एशियाई श्रीलंका में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर आंदोलन किया गया। यहां भी सत्ता पलट गयी और पहली बार देश वामपंथी ताकतों के हाथों में चला गया। ध्यान देना होगा कि उस समय अमेरिका में भी वामपंथी विचारधारा वाली सरकार थी।  अभी श्रीलंका में राजनीति में पूरे जमाए ही नहीं थे कि एक और दक्षेस देश बांग्लादेश में युवा सडक़ों पर निकल पड़े। सत्ता परिवर्तन की लहर आरंभ हुई और कई सालों से शासन कर रही शेख हसीना को भारत में शरण लेनी पड़ी।  अब नेपाल में जो रहा है, वह भी युवा शक्ति के एकजुट ...

क्या ट्रम्प युद्ध की तैयारी कर रहे हैं?

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वाशिंगटन। याद कीजिये वर्ष 2014-2019 का दौर जब भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काले धन वापिस लाने के नाम पर देश की जनता को ‘काम’ पर लगा दिया था। पहले शैल कंपनियों  पर स्ट्राइक, फिर नोटबंदी और इसके बाद जीएसटी के लिए लोग अपने सुख-दुख भूलकर लाइनों में लगे हुए थे।  21 जनवरी 2025 को अमेरिका में व्हाइट हाउस का प्रशासन बदल गया। नये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वापसी करते हुए ऐसे कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किये कि भारत, यूरोप, चाइना सहित सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष अब काम पर लगे हुए हैं। पहले जनता को बिजी किया जाता था और अब व्हाइट हाउस ने दुनिया भर के नेताओं को ‘काम’ पर लगाया हुआ है।  रूस, अमेरिका और यूरोप आदि के सभी नेता बयान दे रहे हैं कि गाजा और यूक्रेन-रूस युद्ध की शांति का मार्ग दिल्ली से होकर गुजरता है और प्रधानमंत्री मोदी को अपना कार्य करना चाहिये।  उधर अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प ने वोटिंग के समय वादा किया था, ‘अमेरिका फस्र्ट’। इस नारे को पूरा करने के लिए वे 6 माह के भीतर 200 कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।  उन्होंने शिक्षा विभाग को समा...

पाकिस्तान किसकी गोद में बैठा है?

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न्यूयार्क। चाइना में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, उत्तरी कोरिया आदि के अनेक नेता शंघाई सहयोग सम्मेलन में एकत्रित हुए। इसको अमेरिका के खिलाफ एक नये संगठन के तौर पर देखा गया। भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली वापिस आये तो रूस-पाकिस्तान के बीच शिखर वार्ता हो गयी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पाकिस्तान किसकी गोद में जाकर बैठ गया है? शंघाई सहयोग सम्मेलन में उत्तरी कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को भी आमंत्रित किया गया। वहीं सबकी निगाहें पाकिस्तान पर लगी हुईं थी क्योंकि पिछले कुछ दिनों के भीतर ही सेना प्रमुख आसिफ मुनीर अमेरिका का दो बार चक्कर काटकर आये थे। व्हाइट हाउस में रेड कारपेट पर उनका स्वागत किया गया था, अब वही जनरल मुनीर चाइना में भी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ थे।  सम्मेलन से पूर्व जो राजनीति का खेला हुआ, उसको भी सबको जानने का अधिकार है, लेकिन इस पर विस्तृत से चित्रण नहीं हो पाया था। बीजिंग से विदेश मंत्री योंग वी नई दिल्ली आये। अनेक नेताओं से मुलाकात के बाद वे पाकिस्तान चले गये और वहां पीएम शाहबाज शरीफ सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की।  इस दौरान ही भारत गणर...