सवाल बड़ा है : डंकी रूट क्या है? क्यों वामपंथी डेमोक्रेट्स ने बॉर्डर को मजबूत नहीं किया?
श्रीगंगानगर। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा मानवीय चेहरा दुनिया के सामने पेश किया, लाखों लोगों को करीबन दो लाख कैश और स्वदेश वापसी की टिकट अपने स्तर पर उपलब्ध करवायी। यह सभी डंकी रूट से अमेरिका में आये थे।
अब यह डंकी रूट क्या है। मानवाधिकार कार्यकर्ता क्यों शोर मचा रहे थे कि हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनने वाले इस मार्ग को आखिर बंद क्यों नहीं किया जाता? यह सवाल सवा साल पहले उठ रहा था जब वामपंथी डेमोक्रटिक वहां पर शासन कर रहे थे। अब डंकी रूट तो समाप्त हुआ ही है। साथ ही अनेक शहरों में मर्डर क्राइम में भी भारी कमी आयी है। वाशिंगटन डीसी में 98 प्रतिशत क्राइम कम होने का दावा स्वयं व्हाइट हाउस ने किया है।
डंकी रूट और डेमोक्रेट्स?
संयुक्त राज्य अमेरिका में मुख्य रूप से दो बड़ी पार्टियां हैं रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी। वहां पर चुनाव आयोग का ज्यादा हस्ताक्षेप नहीं होता लेकिन डाक मतपत्र एक बड़ी समस्या थी, जो डंकी रूट के कारण संभव हो पाती थी। मृत लोगों के वोट भी डाल दिये जाते थे।
जो मीडिया रिपोर्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता कहते हैं कि डंकी रूट से अमेरिका पहुंचने वाले लोग सबसे खुशकिस्मत होते थे। कारण यह था कि रास्ता बड़ा मुश्किल था और आधे लोग ही जीवित रहकर अमेरिका पहुंच पाते थे।
असल में डेमोक्रेटिक पार्टी का जो सिम्बल है, वह गधे का निशान है जिसको अंग्रेजी में डंकी कहा जाता है। अब डेमोक्रेटिक लोगों से अपील करती थी कि वह गधे के निशान पर वोट दें और लोग गधों के सिम्बल पर चुनाव लडऩे वालों को वोट देते थे।
इसके बदले में डंकी रूट तैयार किया जाता था और गैर अमेरिकन लोगों को यह लोग पनाह देते थे। काम धंधा नहीं होने, आश्रय स्थलों पर रहने के कारण यह लोग घिनौने अपराध में शामिल हो जाते थे, जिसमें लूट, मर्डर और ह्यूमन ट्रैफिकिंग शामिल हो जाती थी।
लोगों को रखने पड़ते थे हथियार
यूएसए में हथियार आसानी से उपलब्ध हो जाते थे, कारण था आत्मरक्षा। अवैध लोग। सभी लोग अवैध प्रवासी लोग अपराधी नहीं थे किंतु उसमें 20 प्रतिशत भी अपराधी थे तो यह वहां के लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था। इस कारण बच्चे भी अवैध शूटिंग में शामिल हो जाते थे, घर में ऑटो हथियार थे, जो कुछ ही क्षण में कई गोलियां चला देते थे। इस कारण स्कूल शूटिंग की संख्या में हर साल बढ़ोतरी होती थी जो शायद अब शून्य की स्थिति में आ रही है।
अब डंकी रूट बंद, अपराध में भी कमी
राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ तौर पर लोगों से कहा कि वे अपने स्वदेश लौट जायें। उनको 2500 डॉलर के साथ वतन वापसी की टिकट भी मिलेगी। वे वापिस सही रूट से आयें अर्थात वीजा लेकर लौटें। अमेरिका में रेस्टोरेंट, ट्रकिंग के लिए लाखों लोगों की आवश्यकता हर साल होती है और यह उनके लिए बढिय़ा मौका होता है। इससे पहले ट्रम्प ने कुछ देशों के नागरिकों को हथकढिय़ां पहनाकर वापिस भेजा था। वे वापिस नहीं आ सकते थे।
अब डंकी रूट भी बंद हो गया है क्योंकि बॉर्डर को मजबूत कर दिया गया है। सरकारी आकड़ों में अवैध लोगों के आने की संख्या जीरो हो गयी है। इससे भारत में अवैध वीजा दिलाने और डंकी रूट से भेजने वालों के रोजगार भी बंद हो गये हैं। मुख्य तौर पर गुजरात, हरियाणा और पंजाब से लोग डंकी रूट से अमेरिका पहुंच रहे थे।
ट्रम्प ने डेमोक्रेट्स को पागल करार दिया था
अपने सिम्बल के कारण डेमोक्रेट्स वैसे ही चर्चा में रहते हैं। लोग भी गधों के सिम्बल पर मतदान कर आते थे। अब सबकुछ बदल रहा है। हाल ही में संसद को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट्स को पागल कहा था। इशारा अवैध आर्वजन और चुनाव सिम्बल को लेकर था।
