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चीन में अपने स्वागत से गदगद हुए ट्रम्प, बीजिंग ने विदेश मंत्री भारत नहीं भेजा

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  श्रीगंगानगर। भारत की विदेश नीति पर फिर से एक बार सवाल उठ रहे हैं, ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है और उसमें संस्थापक सदस्य चीन के विदेश मंत्री   वांग यी नई दिल्ली नहीं आये। यह एक बहुत बड़ा झटका है।  वहीं बीजिंग में आज दीपावली और होली त्योहार के मिलन जैसा माहौल था, कारण था करीबन 10 सालों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन पहुंचे थे। उनका व्यस्त कार्यक्रम रहा और शाम को उनको सरकारी भवन में रात्रि भोज भी दिया गया।  राष्ट्रपति ट्रम्प चीन के साथ संबंधों को संतुलित और मजबूत बनाने के लिए बीजिंग पहुंचे थे। फस्र्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प इस बार उनकी साथ नहीं थी। वे एलन मस्क सहित कई बड़े उद्योगपतियों को अपने साथ लेकर पहुंचे।  ट्रम्प को पहले सेना के तीनों अंगों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके उपरांत राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उन्होंने बैठक की और बैठक के बीच में वियतनाम का जिक्र नहीं हुआ और न ही ईरान का नाम लिया गया। इस तरह से दोनों देशों ने अपने संंबंधों में संतुलित व्यवहार का प्रदर्शन किया।  अमेरिकन राष्ट्रपति ने टैम्पल ऑफ हैवन में भी ज...

बाशिंदों को नसीहत देकर मोदी पांच दिन के लिए विदेश भ्रमण पर, ट्रम्प शी से मुलाकात करेंगे

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श्रीगंगानगर। विदेश यात्रा से बचने की नसीहत देने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं पांच दिनों 15 से 20 मई तक विदेश यात्रा पर यूरोप जा रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तीन दिन के लिए चीन के प्रवास पर रहेंगे।  प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से विदेश यात्रा से बचने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि विदेश भ्रमण से विदेशी मुद्रा भंडार पर सीधा असर दिखाई देता है। पीएम की अपील को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स भी बन रहे हैं।  खैर, पीएम की इस अपील का कितना असर होगा यह अगले सप्ताह चल जायेगा जब विद्यालयों में गर्मियों के अवकाश का काल आरंभ होगा।  वहीं खुद मोदी पांच देशों की यात्रा पर जा रहे हैं। वे सबसे पहले यूएई की यात्रा करेंगे। इसके बाद स्वीडन, नार्वे, इटली की यात्रा पर होंगे।  मोदी की यात्रा का ध्यान रखना होगा। इस समय दुनिया के टॉप 100 गर्म शहरों में 90 से ज्यादा भारतीय हैं अर्थात उत्तरी भारत जिसमें दिल्ली भी शामिल है, पूरी तरह से लू के थपेड़ों का सामना कर रहे हैं।  भारतीय शहरों में हरियाली की कमी के कारण गर्मी ज्यादा होती है और दूसरी तरफ सड...

पेरिस की गोद में जाकर बैठने से क्या दिल्ली, वाशिंगटन से मतभेद दूर कर पायेगी?

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श्रीगंगानगर। भारतीय मतदाताओं को लुभाना दुनिया में सबसे आसान कार्य माना जाता है और भारतीय लोकतंत्र का उपहास चीन जैसा देश भी उड़ा चुका है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता और दिल्ली की वर्तमान हालात को जंगलराज की संज्ञा दे चुका है।  मतदाताओं को इसका कसूरवार नहीं माना जाना चाहिये, भारत सरकार की प्रेस अटैची जो किताब जारी करती है, पाठशालाएं वही मतदाताओं को परोसकर अपने पास ले जाती हैं।  अब बात मुद्दों की जाये तो सामने आता है कि मास्को, वाशिंगटन जैसे परंपरागत मित्रों को छोडक़र दिल्ली, पेरिस और बर्लिन की गोद में जाकर क्यों बैठ गयी? सवाल बड़ा है? पहली बार भारत में विदेशी सेना नियुक्त है? रूस ने तीन हजार सैनिकों को भारत में नियुक्त किया हुआ है और 10 फाइटर जेट तथा पांच युद्धपोत भारत की चारों दिशाओं में तैनात किया हैं।  अगर मास्को ने दोस्त की हैसियत से यह सैनिक यहां तैनात किये हैं तो फिर तीन लाख करोड़ से बड़ा सौदा पेरिस के साथ क्यों हुआ, रूस के साथ क्यों नहीं? यह विरोधाभासी स्थिति क्यों पैदा हुई? इसको समझने की आवश्यकता है और धीरज की आवश्यकता है।  बर्लिन से दिल्ली पनडुब्बियां ...

मोदी के लिए ट्रम्प का क्या संदेश लेकर रूबियो भारत आ रहे हैं?

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श्रीगंगानगर। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो तीन दिनों की यात्रा पर दिल्ली आ रहे हैं और उनके पास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए एक पैगाम भी होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पैगाम लेकर ही रूबियो भारत की यात्रा पर होंगे और क्वाड को लेकर भी चर्चा होगी।  भारत में अमेरिका के विशेष दूत सर्बियो गोर ने इस संबंध में जानकारी दी है कि रूबियो की भारत यात्रा जल्द हो रही है और संभवत: 26 से 29 मई तक वे दिल्ली प्रवास पर रहेंगे।  रूबियो की अब तक की उपलब्धियों को देखा जाये तो सामने आता है कि वे आक्रामक रूख अपनाते हैं। वे ट्रम्प का सीधा संदेश संबंधित राष्ट्राध्यक्ष तक साफ शब्दों में पहुंचाने की खासियत रखते हैं। ट्रम्प को उनका यही अंदाज सबसे ज्यादा पसंद आता है।  क्वाड की बैठक में भी करेंगे शिरकत रूबियो इस दौरान क्वाड की बैठक में भी भाग लेंगे। इस बार यह आयोजन की जिम्मेदारी भारत सरकार के पास है। अगर रूबियो का संदेश नई दिल्ली को पसंद आता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आगामी दिनों में भारत की यात्रा कर सकते हैं।  इस समय भारत और अमेरिका के संबंधों को देखा जाये तो दो दशक में सबसे ...

पश्चिम बंगाल : वोटिंग पर सवाल खड़े होते रहेंगे

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श्रीगंगानगर। पश्चिम बंगाल में 90 प्रतिशत से ज्यादा जब पोलिंग का दावा किया गया था, उसी समय तय हो गया था कि कहीं न कहीं वोट प्रतिशत को प्रभावित किया गया है।  कश्मीर के भीतर यह आरोप लगते रहे हैं कि सुरक्षा बल लोगों को पोलिंग बूथ तक लाते हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ जीतने का लक्ष्य रखा हुआ था।  चुनाव से पहले सर नामक प्रक्रिया की शुरुआत की गयी और 90 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम को हटा दिया गया। इस फिगर को ध्यान से देखने की आवश्यकता है।  90 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटाये गये और अधिकांश इसमें मुसलमान थे।  इसके बाद विधानसभा चुनावों के लिए मतदान होता है तो 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई। भवानीपुर विधानसभा सीट पर स्वयं ममता बनर्जी हार गयीं।  आज तक के इतिहास में विधानसभा चुनावों में बड़े राज्यों में 90 प्रतिशत पोलिंग नहीं हुई। दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी 70 प्रतिशत या इससे कम मतदान हुआ जबकि वह अधिकांश शहरी क्षेत्र है।  पांडूचेरी और त्रिपुरा छोटे राज्य हैं, वहां पर अवश्य 85-90 प्रतिशत पोलिंग होती रही है।  कर्मचारी किस तरह से...

ईरान के लिए निर्णय का समय : ट्रम्प सटीक शब्दों का कर रहे इंतजार

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 श्रीगंगानगर। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच युद्धविराम चल रहा है, लेकिन यह ज्यादा लम्बा नहीं खिंच सकता क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अब साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि उनको सटीक शब्दों के प्रस्ताव का इंतजार है। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि युद्ध को अमेरिका ने जीत लिया है।  ईरान ने इस युद्ध से बहुत कुछ खो दिया है। वहीं यूरोपीय यूनियन के सदस्यों ने अमेरिका जैसा मित्र को तो खो ही दिया है साथ ही विशाल बाजार भी उसके हाथ से निकलता जा रहा है। ट्रक और कार पर 25 प्रतिशत टैरिफ का एलान राष्ट्रपति ट्रम्प ने कर दिया है और प्रस्ताव दिया है कि यूरोपीय कंपनियां अपने उत्पाद अमेरिका में बनाते हैैैैैैैैैं तो उनको टैरिफ का सामना  नहीं करना पड़ेगा और यूएसए का विशाल बाजार तो वेलकम करेगा ही साथ ही सरकारी स्तर पर नियमानुसार हर सहायता उपलब्ध करवायी जायेगी।  तेल का संकट यूरोप पर भारी अमेरिका में महंगाई की चर्चा हो रही है लेकिन यूरोपिय देशों में क्या हाल हैं, इस पर चर्चा होनी बाकी है।  कच्चे तेल के दामों में जहां व्यापक बढ़ोतरी हो चुकी है, वहीं विमानन टरबाइन ईंधन के दामों मे...

कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों में बदलाव किसी धमाके से कम नहीं

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  श्रीगंगानगर। भारत सरकार ने 1 मई को कमर्शियल गैस की दरों में बदलाव किया और यह बदलाव किसी धमाके से कम नहीं है। एक बार में ही 993 रुपये दाम बढ़ा दिये गये। इसका काफी असर एलपीजी घरेलू गैस की कालाबाजारी पर भी पड़ेगा।  कमर्शियल गैस की दरों में बदलाव करने से पूर्व पेट्रोलियम मंत्रालय ने शायद मेहनत करना ठीक नहीं समझा। मंत्रालय भूल गया कि इस सिलेंडर का प्रयोग स्ट्रीट वैंडर भी करते हैं, जो पहले ही मीटर ब्याज वसूल करने वाले फायनेंसरों के चक्कर में फंसे हुए हैं।  अब उन पर एक साथ 993 रुपये की मार डाली गयी है। अगर सरकार कुछ बोझ अपने कंधों पर उठाती, कुछ बोझ एयरलाइंस पर डालती तो शायद लाखों स्ट्रीट वैंडर्स को इस प्रकार चिंता में नहीं देखा जाता।  इस समय पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व कहें तो वहां पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के कारण पेट्रोलियम व गैस की सप्लाई नहीं हो रही है। सरकार पीएनजी की सप्लाई प्रत्येक घर में  नहीं पहुंचा पायी है और इसी कारण एलपीजी का प्रयोग घरों तथा व्यवसायिक स्थानों पर किया जाता है।  लाखों होंगे बेरोजगार एकाएक ही सरकार ने लगभग एक हजार रुपये कमर्शियल सिलेंडर के द...