पाक में इस्लामिक चतुर्भुजीय बैठक, भारत में केरोसीन के नियम बदले-अब पेट्रोल पम्प पर भी मिलेगा केरोसीन क्या भारत-पाकिस्तान युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं? आरबीआई ने रुपये की गिरती कीमतों को रोकने के लिए सटोरियों के अधिकारों को सीमित किया
श्रीगंगानगर। पाकिस्तान में चार देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक जिसे चतुर्भुजीय सम्मेलन कहा जा रहा है, में पाकिस्तान की ओर से पेश किये गये ‘शांति प्रस्तावों’ पर चर्चा हुई। यह सम्मेलन आज सोमवार 30 मार्च 2026 को भी जारी रहेगा। वहीं इस सम्मेलन के बीच में ही राज्य सरकार ने रसोई ईंधन और ‘रोशनी’ के लिए केरोसीन वितरण का निर्णय लिया है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित अनेक जिले पहले केरोसीन मुक्त करार दिये गये थे और अब उचित मूल्य दुकानों पर 3 लीटर केरोसीन उपलब्ध करवाया जायेगा। इसके लिए अतिरिक्त आवंटन भी केन्द्र की ओर से किया जायेगा। यह संकेत है कि जंग नजदीक है।
पाकिस्तान में चल रहा ‘सम्मेलन’ दक्षिण एशिया में जंग की सूरत में इस्लामाबाद को सहायता पहुंचाने का हो गया है। चार देशों सउदी अरब, मिस्र, पाकिस्तान और तुर्कीये के विदेश मंत्री कई मुद्दों पर सहमत हैं और सोमवार को भी चर्चा होगी। यह सम्मेलन इस्लामाबाद के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रोटोकॉल के विपरीत प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ स्वयं इन नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।
इससे पहले भी पाकिस्तान, सउदी अरब के साथ समझौता कर चुका है। इसमें दोनों देश युद्ध की स्थिति में एक दूसरे का सैन्य सहयोग करेंगे।
केरोसीन अब पेट्रोल पम्प पर भी मिलेगा
भारत गणराज्य की सरकार ने पेट्रोल पम्पों पर केरोसीन के वितरण का निर्णय लिया है। प्रत्येक उपभोक्ता को ईंधन और ‘रोशनी’ के लिए तीन लीटर केरोसीन दिया जायेगा। वहीं उचित मूल्य दुकानों पर भी केरोसीन को फिर से वितरित किया जायेगा। अनेक राज्य जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि को केरोसीन मुक्त कर दिया गया था अर्थात यह मान लिया गया था कि सभी घरों के पास एलपीजी सिलेंडर है।
हालांकि सरकार के आदेशों में रोशनी का भी जिक्र है। इसका अर्थ यह है कि किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए संकेत दे दिया गया है।
रोशनी के लिए लाइट लगभग सभी घरों में है किंतु नये आदेशों में ‘रोशनी’ के लिए ‘केरोसीन’ का अर्थ का मतलब निकाला जा सकता है।
यह सरकार के ऑर्डर हैं और इसको सनसनी फैलाने वाला नहीं माना जा सकता।
आरबीआई का नया आदेश
वहीं आरबीआई ने एक नया आदेश जारी कर रुपये की स्थिरता बनाये रखने को बढ़ावा दिया है।
वायदा कारोबारियों के अधिकारों को सीमित कर दिया गया है। इससे रुपये पर सट्टाबाजी नहीं हो सकेगी,जो मनमोहनसिंह की सरकार के कार्यकाल में आरंभ हुई और नरेन्द्र मोदी ने उसको निरंतर जारी रखा।
