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Showing posts from January, 2026

गुड-बैड आतंकवाद का मंत्र क्यों भूल गयी भारत सरकार, सोने-चांदी में सट्टाबाजी पर अंकुश नहीं लगा पा रही सरकार-गरीब हिन्दू से मंगलसूत्र भी छीन गया

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श्रीगंगानगर। भारत गणराज्य की सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह गुड-बैड टैरेरिज्म का मूल्यांकन करती है जबकि आतंकवाद की कोई परिभाषा नहीं होती। अब वही भारत सरकार तालिबान को जिस प्रकार स्पोर्ट कर रही है, क्या वह नीति अपनायी जा रही है जो अब तक पाक निभाता आया है। वहीं हिन्दू गरीब परिवार से मंगलसूत्र का अधिकार भी छीन गया, सरकार ने कोई कदम उठाया हो, यह नजर नहीं आया।  अफगानिस्तान में इस समय आतंकवादी के रूप में संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित तालिबान की सत्ता है। जो सरकार अफगानी नागरिकों ने लोकतंत्र के जरिये चुनी थी, वह गिराकर उस पर कब्जा किया गया। अब मीडिया रिपोर्ट में महिलाओं की आवाज सुनाई दे रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि महिलाओं के स्कूल जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।  अगर महिलाएं स्कूल-कॉलेज नहीं जा पायेंगी तो वह डॉक्टर-इंजीनियर कैसे बन पायेंगी। अफगानिस्तान में शरिया कानून है और वहां पर महिला किसी गैर पुरुष को अपना चेहरा नहीं दिखा सकती। काबुल हो या कंधार सब जगह महिला चिकित्सकों की कमी दिखाई दे रही है और गर्भवती महिलाओं को परेशानी ज्यादा हो रही है। संस्थागत प्रसव ...

अमेरिका ने चारों दिशा से घेरा, ईरानी सेना को पहली खेप में मिले 1 हजार ड्रोन, सरकारी एजेंसियां कितने दिन संभालेंगी शेयर बाजार, यूरोपीय बाजार में भारतीयों का कितना निवेश-जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही सरकार?

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श्रीगंगानगर। हवाला या अन्य रूट से हजारों या लाखों करोड़ रुपये यूरोपीय बाजार में भारतीयों के निवेश हैं? अनेक नेताओं के संस्थान वहां फल-फूल रहे हैं। अगर दुनिया की सबसे बड़ी खबर की ओर रुख किया जाये तो सामने आता है अमेरिकी सेना की बड़ी खेप का ईरान के चारों दिशाओं में पहुंच जाना। 40 हजार सैनिक इस समय तेहरान में शांति बनाये रखने के लिए विभिन्न युद्धपोत अथवा अन्य क्षेत्रों में तैनात किये गये हैं।  यूरोप और भारत गणराज्य की सरकार के बीच हुए समझौते का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है तो यह क्यों नहीं बताया जा रहा कि इससे मध्यमवर्गीय परिवारों को फायदा नहीं होने वाला। यूरोपीय बाजार अपनी लग्जरी लाइफ के लिए जाने जाते हैं और लग्जरी उत्पाद जब भारतीय बाजार में प्रवेश करेंगे तो यूरोप को भारतीय मुद्रा में कनवर्ट करने पर यह मिडिल क्लास फैमिली की अप्रोच से बाहर हो जायेंगे। वहीं अपर क्लास जब खरीद करेगी तो यही धन विदेश जायेगा और रुपये पर दबाव और बढ़ जायेगा।  रुपये पर जब-जब दबाव आयेगा तो इसका सीधा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर सीधा पड़ेगा।  अगर आज के हालात को देखा जाये तो आर्थिक स्थिति की गणना इस ...

विमान दुर्घटना में अजीत पंवार की मौत पर सवाल कई साल तक उठते रहेंगे?

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श्रीगंगानगर। महाराष्ट्रा में बुधवार 28 जनवरी 2026 को एक बड़ी दुर्घटना में उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार का निधन हो गया। पायलट सहित चार अन्य की भी मौत हो गयी। एयर चार्टर कनाडा का था और पंवार इसका प्रयोग चुनाव प्रचार के लिए कर रहे थे। भारत के सबसे शक्तिशाली परिवारों में से एक पंवार (शरद पंवार)के सदस्य अजीत ने कुछ दिन पहले, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडऩवीस के साथ एक बहस में भी भाग लिया था, हालांकि दोनों पक्ष सत्ता में एक साथ थे।  करीबन 7 माह पहले 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एक प्लेन क्रैश हुआ था। डबल इंजन वाला विमान अहमदाबाद से ब्रिटेन जा रहा था और दोनों इंजन फेल हो गये। विमान एक हॉस्टल के ऊपर गिर गया था। हादसे में गुजरात के पूर्व सीएम, पंजाब के प्रभारी विजय रूपानी का निधन हो गया। यह हादसा इसलिए सुर्खियों में रहा क्योंकि कहीं-कहीं यह समाचार सामने आ रहा था कि रूपानी कुछ दस्तावेज लेकर साथ जा रहे थे। वह गायब हो गये या विमान के साथ जल गये, यह जानकारी सामने नहीं आ पायी।  ऐसा नहीं है कि भारतीय राजनीति में विमान हादसे चर्चा का विषय नहीं बनते। इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्च कार्यकाल में संजय गा...

मेक इन इंडिया में क्या हो रहा है? यूरोपीय सामान पर टैक्स खत्म, रक्षा क्षेत्र के लिए अडाणी को हजारों करोड़ का नया लोन मिलेगा? ब्राजिल के साथ समझौता आग में घी डालने का काम नहीं करेगा?

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श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब भी चीन और अमेरिका के साथ तनाव के समाचार देखते हैं तो उनको भारतीय बाजार नजर आता है और मेक इन इंडिया के नाम पर योजना ले आते हैं। अब अमेरिका और रूस से हथियार नहीं मिल रहे तो गौतम अडाणी के समूह को रक्षा क्षेत्र में उतार दिया है। अब वे ब्राजील के साथ नया एयरक्रॉफ्ट तैयार करेंगे। ब्राजील के साथ अमेरिका के रिश्ते इन दिनों सर्द मौसम में गर्मी रखे हुए हैं, यह कदम आग में घी डालने का काम नहीं करेगा? ब्राजील और भारत गणराज्य दोनों ही ब्रिक्स समूह के सदस्य देश हैं।  शुक्रवार को सप्ताह के आखरी दिन शेयर बाजार ने अडाणी समूह को करीबन सवा लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शेयर बाजार धड़ाम से नीचे गिरे तो संभवत: अडाणी समूह में निवेश करने वाली सरकारी कंपनियों को भी नुकसान हुआ होगा, जो अभी तक किसी मीडिया रिपोर्ट में सामने नहीं आया।  उसी दिन भारतीय रिजर्व बैंक ने यह मान लिया कि बैंकों के पास तरलता की कमी है और आरबीआई ने सवा लाख करोड़ रुपये के नये लोन बैंकों को जारी करने के लिए बाजार में राशि भेजने का निर्णय लिया। इस तरह से अडाणी समूह को एक सहारा तो मिल गया, क्...

रूपनगर में बालाजी की मूर्ति के फेस पर सवाल, भाई-बहन एण्ड एसोसिएट में क्या दरार आ गयी, ट्रम्प की धमकी के बाद कनाडा डील से हाथ खींच लिये, भारत-यूरो सहमत लेकिन समझौते पर हस्ताक्षर 6 माह के लिए टले

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श्रीगंगानगर। कनाडा और चाइना के बीच होने वाला व्यापार समझौता टलने के आसार बन गये हैं क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा पर 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी है। वहीं भारत और यूरोप के बीच जो समझौता चल रहा था, उसको अन्तिम रूप दे दिये जाने का समाचार मिला है लेकिन घोषणा के बाद इस समझौते पर 6 माह बाद हस्ताक्षर होने की संभावना जतायी गयी है। दूसरी ओर कांग्रेस में भाई-बहन के बीच खींचतान की जानकारी सामने आ रही है।  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्को कोर्नी ने हाल ही में चीन की यात्रा की थी। अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर तनाव बने रहने के कारण कनाडा अपने लिये नये बाजार देख रहा है और चीन के साथ वह एक ट्रेड डील करने पर भी सहमत हो गया था। इस डील पर आगे बढ़ पाती, उधर से अमेरिका से नयी जानकारी सामने आ गयी।  राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडा को चेतावनी दी कि अगर ओटावा-बीजिंग के बीच कोई ट्रेड डील होती है तो वे 100 प्रतिशत टैरिफ कनाडा पर लगा देंगे। इस चेतावनी के बाद कोर्नी बैकफीट पर आ गये हैं। यूएसए ने पहले ही बॉर्डर को बंद करते हुए कनाडा से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ लगाये हुए हैं। इस कारण अब कनाडा में ...

मोदी सरकार की क्रोनोलॉजी समझिये, बाजार में अडाणी को 1.25 से ट्रिलियन रुपये का झटका, आरबीआई ने इतनी ही मूल्य की तरलता राशि लोन के लिए बैंकों को जारी की

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श्रीगंगानगर। शेयर बाजार में शुक्रवार को तूफान आ गया। गौतम अडाणी समूह के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली और समूह को करीबन 1.25 लाख करोड़ रुपये का जबरदस्त घाटा हुआ। यह तूफान अमेरिका से आई एक खबर के बाद आया। वहीं रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को ही 1.25 लाख राशि बैंकों को तरलता बढ़ाने के लिए जारी की है। ध्यान रहे कि अडाणी के खिलाफ अमेरिका में रिश्वत का मुकदमा चल रहा है और इसे एफबीआई जांच कर रही है।  नरेन्द्र मोदी के पीएम बनने के बाद दुनिया के नंबर दो अमीर बने अडाणी के खिलाफ एक अमेरिकी संस्था ने रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में व्यापारिक मामलों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया। इस रिपोर्ट से अडाणी समूह को भारी नुकसान हुआ था। वहीं विदेशी संस्थाओं ने ऋण देने के मामले में सावधानी बरतनी आरंभ कर दी थी।  आंध्र प्रदेश के सीएम को रिश्वत देने के मामले में अमेरिका में एक मुकदमा दर्ज किया गया और इस मामले की जांच संघीय जांच एजेंसी कर रही है। एफबीआई के हवाले से गत दिवस रॉयटर समाचार एजेंसी ने समाचार दिया था कि अमेरिकी अदालत से प्रार्थना की गयी है कि वह गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर को सम्...

रूस-युक्रेन युद्ध पर आज बन सकती है बात, अमेरिका के नेतृत्व में होगी चर्चा

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श्रीगंगानगर। विश्व की दो महाशक्तियां अमेरिका और रूस के बीच गुरुवार देर रात मास्को में वार्ता हुई और यूएई में युक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए व्हाइट हाउस, क्रेमलिन और कीव एक मंच पर शुक्रवार को होंगे।  जो जानकारी विभिन्न संवाद सेवाओं के माध्यम से सामने आयी है, उसके अनुसार दावोस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और युक्रेन के व्लादीमिर जेलेंस्की के बीच सीधी वार्ता हुई। अमेरिका ने एक प्रस्ताव रूस और युक्रेन को भेजा था, इस पर युक्रेन के साथ वार्ता हुई थी। बंद कमरे में बातचीत के बाद ट्रम्प के दामाद जे. कुशनर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल ने कीव में युक्रेनी अधिकारियों से वार्ता की और इसके बाद वे वार्ता के लिए रात को ही मास्को पहुंच गये। क्रेमलिन में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन के साथ हुई।  मास्को में चली वार्ता के बाद रात को ही यह दल यूएई के आबूधाबी के लिए रवाना हो गया। शुक्रवार और शनिवार को दो दिन त्रिपक्षीय वार्ता होगी। इसमें युक्रेन, रूस और अमेरिका का प्रतिनिधि मंडल शामिल होगा।  चार साल से यह युद्ध चल रहा है। अमेरिका पूर्व में युक्रेन को मदद कर रहा था किंत...

मन की बात : मोदी अपने ही जाल में कैसे फंस गये?

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सतीश बेरी श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चतुर और समझदार नेता माना जाता है, लेकिन क्या ये सच में वैसा ही है जैसा हमें दिखाया और पढ़ाया जा रहा है? इस सच को जानने के लिए कुछ साल पीछे चलना होगा।  वर्ष 2018 में हमला हुआ। एक बड़ी साजिश के तहत रॉ कार्यालय के पीछे हाथ-पैर तोड़ दिये गये। सभी 20 नाखून को तोड़ दिया गया। कई पसलियां टूट गयीं। हमले के समय पुलिस अधीक्षक के पद पर दलित पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर थे। वारदात के कुछ दिनों बाद ही पीएम ने दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित करवाया और तत्कालीन टेलीकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद से उनको सम्मानित करवाया। जबकि उनकी कोई ऐसी उपलब्धि  नहीं थी, जिससे श्रीगंगानगर का मान-सम्मान बढ़ा हो।  अनेक पुलिस अधिकारी 2010 के आसपास डैडबॉडी बेचने का धंधा करते थे, उनका खुलासा किया तो इसके बाद महकमे के अनेक अधिकारी दुश्मन हो गये और वे दुश्मनी का धर्म अभी भी निभा रहे हैं। 2018 में भी निभाया। वर्ष 1 मई 2018 की घटना के बाद ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया जिससे लगता हो कि एक पत्रकार पर हमला किया गया हो। खैर पीएम को अनेक बार पत्र लिखे और वे पत्र नरेन्द्र मोद...

ईरान-अमेरिका के संघर्ष की हवा समाप्त, जापान कर सकता है परमाणु परीक्षण?

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श्रीगंगानगर। ईरान में इस्लामी शासन व्यवस्था को समाप्त करने के लिए आरंभ हुआ आंदोलन अब समाप्त होता दिखाई दे रहा है। इसी कारण संभवत: अमेरिका के ईरान के प्रति किये जाने वाली बयानबाजी में भी भारी कमी आयी है। वहीं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाईची ने 8 फरवरी को चुनाव कॉल कर संकेत दे दिया है कि अगर जनमत उनके पक्ष में आता है तो जापान दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पहली बार परमाणु परीक्षण कर सकता है। फिलहाल जापान की सुरक्षा के लिए भारी संख्या में अमेरिकी सैनिक बल तैनात हैं। क्योंकि प्रशांत महासागर में एक तरफ चाइना है तो दूसरी ओर उत्तर कोरिया। उत्तर कोरिया परमाणु सम्पन्न देश है और अनेक कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे उसकी मुद्रा रसातल में जा रही है।  ईरान इस समय अस्थिर शासन व्यवस्था का सामना कर रहा है। कुछ माह पहले महिलाओं ने हिजाब से आजादी की मांग करते हुए आंदोलन किया था, जिसको दबा दिया गया।  अब इस्लामी शासन व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन हुआ। इसमें सरकारी स्तर पर पांच हजार लोगों को मार दिये जाने की जानकारी सामने आयी थी। सरकारी कार्मिकों की गोलियों से उन मतदाताओं को मार दिया गया, जिन्हों...

नाटो के टूटने का खतरा फिलहाल टला, रूटे के आग्रह को ट्रम्प ने किया स्वीकार

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श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों पर लगाये गये टैरिफ को फिलहाल स्थगित करन का निर्णय लिया है। नाटो के चेयरमैन मार्क रूटे के आग्रह को स्वीकार करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, ग्रीनलैण्ड मुद्दे पर टैरिफ को टाला जा रहा है। उन्होंने कहा, हमें इसकी (ग्रीनलैण्ड) की जरूरत है। यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक के लिए उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और विशेष दूत विटकॉफ को नामित किया।  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का विमान दावोस के लिए रवाना होने के बाद यू टर्न लेकर लौट आया। इससे एक बार यह संभावना थी कि वे दावोस नहीं जा रहे हैं। इसके बाद वे एयरफोर्स वन से दूसरे विमान में सवार हुए और वापिस दावोस के लिए रवाना हो गये। व्हाइट हाउस  ने कहा, विमान में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद यू टर्न लिया गया था।  दावोस में संबोधन के दौरान उन्होंने अपने एक साल के कार्यकाल के बारे में बताया कि महंगाई पांच साल के न्यूनतम स्तर पर है। बॉर्डर सुरक्षित हैं। एक साल के भीतर 18 ट्रिलियन डॉलर का टैरिफ राजस्व अर्जित किया गया है। 20 ट्रिलियन डॉलर का निवेश किया जा रहा है। यह बहु...

दावोस से वापिस लौट आयेंगे ट्रम्प, पेरिस जाने का कार्यक्रम नहीं

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श्रीगंगानगर। यूरोपीय देश स्वीजरलैण्ड के दावोस में आर्थिक मामलों से संबंधित एक बड़ी बैठक हो रही है और इसमें दुनिया भर के नेता जुट रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी इसमें भाग लेने के लिए रवाना हो गये जबकि भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी शायद इसमें भाग नहीं ले रहे हैं। वहीं पाक पीएम दावोस पहुंच गये हैं।  भारत आगामी 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इसमें यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सूला वॉन डेर लेन मुख्यातिथि के रूप में भाग लेंगी। 27 जनवरी को यूरोपीय संघ के शिखर नेता और भारत सरकार के बीच मुक्त व्यापार समझौता पर बैठक होनी है।  इससे पहले दावोस में विश्व के शिखर नेता जुट रहे हैं। सर्द मौसम की परवाह नहीं करते हुए बर्फीली पहाडिय़ों से ढके दावोस में डोनाल्ड ट्रम्प भी पहुंच रहे हैं। वे एयरफोर्स वन से रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब हुए।  ट्रम्प ने अपना एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए पत्रकारों के सवालों के उत्तर भी दिये।  पेरिस नहीं जायेंगे ट्रम्प ग्रीनलैण्ड के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रम्प और यूरोपिय...

चादर पर दाग तो तब लगेगा जब जांच होगी, मोदी सरकार पर सवाल उठे लेकिन उसी तरह से दबा भी दिये गये

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श्रीगंगानगर। वर्ष 1999 से पहले शायद नरेन्द्र मोदी को गुजरात के भी 10 प्रतिशत से अधिक लोग नहीं जानते थे और जब वे अचानक ही सीएम बनाये गये तो उसके बाद साबरमती एक्सप्रेस घटना ने उनको देश और दुनिया के पटल पर ला दिया। अमेरिका ने उनके वीजा को निलम्बित कर दिया। इस तरह से देश और दुनिया को मोदी के बारे में जानकारी प्राप्त हुई थी। अब वे पीएम बने हुए 10 साल से ज्यादा का वक्त गुजार चुके हैं। उस समय वे कहते हैं कि 22 साल की राजनीति में उनकी चादर पर कोई दाग नहीं है।  पहले कार्यकाल में 2016 की नोटबंदी और अन्य प्रकार के विवादित निर्णय लेने के कारण उनकी लोकप्रियता में काफी कमजोरी आ गयी थी। वे आसियान यात्रा के दौरान एक मस्जिद में भी चले गये। उनकी बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि उनको नहीं लग रहा किवे पुन: पीएम कार्यालय में पहुंचेंगे। उधर हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा का आदेश हो गया कि भाजपा को इस बार 300 से अधिक सीट हासिल होंगी और वही हुआ। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता कह चुके थे कि इस बार वोट मांगने भी नहीं जा सकते।  वे उस समय स्वयं को फकीर कहते थे और झोली उठाकर चलने का प्रवचन करते थे। मोदी यह भी ...

भाजपा में क्या मोदी अब सबकी पसंद रहे हैं? नये अध्यक्ष मिलने के बाद भी चर्चा नहीं, पाक शामिल हो सकता है गाजा शांति बोर्ड में, एक बिलियन डॉलर देने होंगे, पौलेण्ड के उप प्रधानमंत्री नई दिल्ली यात्रा में क्या असहज हो गये?

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श्रीगंगानगर। भारतीय जनता पार्टी को नया अध्यक्ष मिल गया है। नीतिन नवीन निर्विरोध चुने गये क्योंकि उनके नाम का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की ओर से पेश किया गया, इस कारण किसी अन्य नेता ने चुनाव लडऩा उचित नहीं समझा। वहीं मोदी आयु के 75 के आकड़े को पार करने के बाद भी अभी तक उनके विकल्प पर चर्चा नहीं होना बताता है कि वे अभी भी भाजपा में सबसे शक्तिशाली हैं। हालांकि वे सबकी पसंद हैं, यह नहीं कहा जा सकता। दूसरी ओर विश्व के प्रमुख समाचार में चर्चा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति बोर्ड को लेकर हो रही है। गाजा में शांति के लिए यह दूसरा दौर बताया गया है।  भारतीय जनता पार्टी के पास नया अध्यक्ष नहीं था और जेपी नड्डा एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के विपरीत स्वास्थ्य और बीजेपी चीफ दोनों का पद कागजों में संभाले हुए थे। हालांकि यह साफ है कि भाजपा का हर बड़ा फैसला ‘कर्तव्य पथ’ से ही देश भर तक जाता है।  बिहार के कृषि मंत्री नीतिन नवीन को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी थी और आखिर में उनको निर्विरोध आज चुन लिया गया। इसके साथ ही भाजपा में चुनाव का चैप्टर पूरा...

दुनिया भर में आर्थिक भूकम्प लाने वाले ट्रम्प की हत्या की साजिश का सूत्रधार कौन था? नेटफ्लिक्स की ‘तस्करी’ क्या भारत की मौजूदा व्यवस्था की पौल खोल पायी?

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श्रीगंगानगर। वर्ष 2024 में राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान स्विंग स्टेट पेंसेलेविया मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ हत्या की साजिश रची गयी और गोली उनके कान को निशाना बनाते हुए निकल गयी। अगर निशानेबाज का निशाना नहीं चूकता तो? इस वारदात के एक व्यक्ति को एफबीआई ने कुछ ही समय के अंतराल पर गिरफ्तार कर लिया था किंतु इसकी साजिश किन लोगों ने रची थी, यह जानना आवश्यक है और अभी तक यह जानकारी दुनिया के सामने पेश भी नहीं की गयी है कि सूत्रधार कौन था? एफबीआई, सीआईए, सीक्रेट सर्विस और अन्य 26 खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी नहीं है कि सूत्रधार कौन थे और कहां बैठे हैं। हमलावरों को पहले ही यकीन हो गया था कि अगर ट्रम्प जीत जाते हैं तो व्हाइट हाउस पूरी दुनिया में आर्थिक जगत की तस्वीर बदल देगा।  अब वही हो रहा है। क्वांटम कम्प्युटिंग के लिए बहुत सारे देश तैयार नहीं है। ब्लॉक चेन के लिए भी काम नहीं हुआ है और यही अमेरिका की सबसे बड़ी जीत का मार्ग प्रशस्त करने वाली है। चीन हो या यूरोपीय संघ तकनीक के मामले में अभी भी वे अमेरिका से दशकों पीछे हैं।  सिर्फ एक कमांड से दर्जनों या सैकड़ों या हजार...

अमेरिका और ईरान युद्ध के मुहाने पर, मिनेसोटा में भी नैशनल गार्ड होंगे तैनात

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श्रीगंगानगर। ईरान में इस्लामी शासन समाप्त करने आदि की मांग को लेकर आंदोलन में शामिल पांच हजार लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है। रॉयटर समाचार एजेंसी ने मरने वालों की अधिकारिक जानकारी दुनिया के समक्ष पेश की है।  लोकतंत्र के लिए जंग करने वाले लोगों को यह नहीं पता था कि उनके वोट से ही बनी सरकार इतनी निर्दयी हो सकती है कि गोलियां चलाकर पांच हजार मतदाताओं की जान तक ले सकती है। वहीं जानकारी यह भी आ रही है कि मरने वाले अधिकांश जेनरेशन-जैड से संबद्ध थे।  युवाओं की मौत और उनके शव देखकर रूह कांप गयी है। ईरान में आंदोलन महंगाई के खिलाफ आरंभ हुआ था और फिर यह ईरान में इस्लामी सत्ता को समाप्त करने की मांग को लेकर बदल गया। हालांकि ईरान विदेशी हस्ताक्षेप का आरोप लगा रहा था लेकिन आंदोलन उग्र होता जा रहा था।  जिन युवाओं ने जिस जोश के साथ वोट देकर सरकार बनायी थी, उसी सरकार ने उनकी आवाज दुनिया तक नहीं पहुंचे, इसके लिए इंटरनेट सेवाओं को निलम्बित कर दिया और समाचार सेवाओं को भी सेंसर कर दिया।  अमेरिका का रूख क्या कहता है अमेरिका ने अपने जंगी जहाज ईरानी क्षेत्र से लगते प्रशांत महासागर मे...

दिल्ली फिर से दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, श्रीगंगानगर-लुधियाना भी सामान्य नहीं, धर्म-वीर की जोड़ी टूटी-अमेरिका ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाया

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श्रीगंगानगर। दुनिया में धर्म-वीर की जोड़ी की तरह प्रसिद्धि प्राप्त करने वाली यूरोपीय संघ-अमेरिका के बीच रिश्तों में कड़वाहट मजबूत होती जा रही है। यूएसए ने यूरोपीय संघ पर 10 प्रतिशत टैरिफ का एलान कर दिया है जो जून के बाद बढक़र 25 प्रतिशत तक हो सकता है। वहीं दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा हो चुका है कि लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। हालांकि ग्रेप-3 आरंभ किया गया था किंतु इसका असर दिखाई नहीं दिया। इसी तरह से श्रीगंगानगर और पंजाब के लुधियाना में बराबर की स्थिति है।  हिन्दी सिनेमा जगत की सुपर डूपर हिट फिल्म धर्मवीर में एक गीत था, जिसमें बताया गया था कि सात अजूबे इस दुनिया में...। इस तरह से धर्मेन्द्र और जितेन्द्र ने अपना किरदार निभाते हुए राजा-रंक की दोस्ती को दुनिया के सामने पेश किया था। इसी तरह का रिश्ता पश्चिमी दुनिया में था जहां सर्वशक्तिमान अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच मित्रता थी।  अब वह समाप्त हो गयी है। संयुक्त राज्य ने पहली बार यूरोपीय देशों के नेताओं पर अमेरिका में नो एंट्री का एलान किया है। इनमें ब्रिटिश पीएम भी शामिल है। अगले कदम में 10 प्रतिशत टैर...

‘अमेरिका फस्र्ट’ में ग्रीनलैण्ड को हासिल करना जरूरी! पंजाब केसरी के रूतबे को समाप्त क्यों करना चाहती है पंजाब की आप सरकार, चीन सागर से युद्धपोत ईरान की ओर रवाना

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श्रीगंगानगर। ग्रीनलैण्ड में यूरोपियन यूनियन के कुछ देश एकजुट होकर सैन्य अभ्यास कर रहे हैं तो दूसरी ओर अमेरिकी युद्धपोत, हजारों सैनिक मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशांत महासागर में युद्ध जैसे हालात नजर आने लगे हैं।  दूसरी ओर देखें तो भारत में स्वतंत्र आवाज को दबाने की कोशिशें हो रही हैं। पंजाब में सरकारी एजेंसियां पंजाब केसरी समाचार पत्र के प्रेस और उनके व्यवसायिक संस्थाओं की जांच के नाम पर उनको परेशान कर रही हैं। वहीं राजस्थान में पत्रकार सतीश बेरी के जीवन, आजादी और प्रतिष्ठा को समाप्त करने के लिए राजस्थान पुलिस लगातार प्रयासरत है।  अगर पहले भारत की बात की जाये तो इस समय पंजाब पर नजर डाली जाये जहां पंजाब केसरी अखबार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिशें सरकारी स्तर पर हो रही हैं। उनके व्यवसायिक संस्थान पर एक के बाद एक अनेक एजेंसियां जांच करने के लिए पहुंच गयीं। इस तरह से एक दशकों पुराने समाचार पत्र की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की कोशिशें सरकारी स्तर पर हो रही हैं।  इस तरह की घटना की निंदा अनेक पत्रकार, राजनीतिक और  सामाजिक संगठनों ने की है। इस बीच यह भी नजर आ रहा ...

ये दुनिया है काला बाजार, ये पैसा बोलता है..., मोदी को भी नहीं मिल रहा ‘आपदा में अवसर...’, ग्रीनलैण्ड के लिए अमेरिका अब आगे बढ़ेगा? ईरान में प्रदर्शनकारियों को नहीं मिला सहारा, आंदोलन ठंडा

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श्रीगंगानगर। ये दुनिया है काला बाजार, ये पैसा बोलता है...90 के दशक में आई काला बाजार का यह गीत महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति पर सटीक बैठता है। अजीत पवार और भाजपा के बीच भ्रष्टाचार को लेकर जो बयानबाजी हुई और उसके बाद नगर निगम चुनावों को भी राष्ट्रीय चैनल्स पर मोदी की जीत के रूप में प्रस्तुत किया गया, वह कालाबाजार के गीत को सही ठहरा देता है। वहीं पहली बार पाकिस्तान के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आपदा का सामना करना पड़ रहा है तो उन्हें भी अवसर नहीं मिल रहा। आपदा में अवसर का मंत्र 2018 में पीएम मोदी ने दिया था। वहीं ईरान में शांति लौट रही है और आंदोलन शांत हो रहे हैं या समाप्त हो रहे हैं, कहा जा सकता है। दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रम्प अब ग्रीनलैण्ड के लिए कुछ भी करेगा की नीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं।  महाराष्ट्रा भारत का सबसे बड़ा आर्थिक रूप से राज्य है जिसकी जीडीपी करीबन 50 लाख करोड़ रुपये है। कर्नाटक, तमिलनाडू, गुजरात, उत्तर प्रदेश राज्य टॉप 5 में शामिल हैं। इनमें फिलहाल उत्तर प्रदेश को छोडक़र अन्य राज्य महाराष्ट्रा को टक्कर दे, ऐसा नजर नहीं आ रहा है। कारण यही है कि भारत की आर्थिक ...

फ्रांस-भारत के बीच नाटो समझौता होगा? पेरिस चुनाव से पहले मैक्रों को राजनीतिक खुराक या मोदी हिटलर की भूमिका निभायेंगे?

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श्रीगंगानगर। 19वीं सदी के जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर को इतिहासकार इसलिए याद करते हैं क्योंकि उन्होंने साम्राज्यवाद को विस्तृत रूप देने के लिए दुनिया को विश्वयुद्ध-2 में धकेल दिया था। हिटलर हर जगह पर अपनी तस्वीर, अपना नाम देखना चाहते थे। 19वीं शताब्दी के उस दौर को याद कीजिये जब अधिकांश देशों में वेब प्रेस या टीवी नहीं हुआ करते थे, उस समय हिटलर के साथ हर समय काफिले में एक कार चला करती थी जिसकी छत पर खड़े होकर कैमरामैन उनकी हर गतिविधि को कैप्चर किया करता था। राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठक के दौरान भी हिटलर का स्वयं का कैमरामैन बैठक में तस्वीर लेने के लिए अधिकृत होता था।  भारत गणराज्य की सरकार की कैबिनेट के प्रमुख नरेन्द्र मोदी को देखते हैं तो बरबस ही वह दौर याद आ जाता है। पीएम मोदी स्वयं को नॉन बायोलॉजिकल या ईश्वरीय अवतार के रूप में पेश करते हैं। हजारों की संख्या में उनके पेड कर्मचारी हैं जो सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर पेश करते हैं। जब भी उनको यह लगता है कि वे फ्रंटफुट पर नहीं खेल पा रहे हैं तो तुरंत भगवान शंकर के उपासक के रूप में छाने का प्रयास करते हैं।  सउदी अरब और पाकिस्तान के ब...

ट्रम्प भारत क्यों नहीं आना चाहते? 25 प्रतिशत और टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी, क्वाड का क्या होगा?

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श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति को इस साल भारत में क्वाड की बैठक में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन उनका कार्यक्रम नहीं बन पा रहा है तो ऐसे समय में यह सवाल खड़ा होना लाजमी हो गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प क्यों नहीं दिल्ली की यात्रा करना चाहते? वहीं उन्होंने ईरान से तेल और अन्य व्यापार करने वालों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की चेतावनी दी है और इसको तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है।  भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और संयुक्त राज्य प्रशांत महासागर की सुरक्षा चिंताओं को लेकर एक समूह का संचालन कर रहे थे। इसका नाम क्वाड रखा गया था। हर साल चारों में से एक देश में बैठक होती थी। भारत में 2024 में बैठक होनी थी किंतु बाइडेन ने चुनावी वर्ष होने के कारण दिल्ली आने से इंकार करते हुए इस बैठक का आयोजन अपने ही देश में रख लिया। वर्ष 2025 की मेजबानी भारत को दी गयी, लेकिन यह बैठक नहीं हो पायी।  गत 21 जनवरी 2025 को ट्रम्प ने राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था किंतु व्हाइट हाउस के साथ पहले जैसा मधुर संबंध नहीं होने के कारण ट्रम्प का भारत दौरे का कार्यक्रम बन ही नहीं पाया। अब 2026 में बैठक होनी है ...

सौलर ऊर्जा को मिलने वाली 80 हजार रुपये की सब्सिडी जारी रहेगी? फ्रांस के राष्ट्रपति से पहले जर्मन चांसलर आज भारत आ रहे हैं

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श्रीगंगानगर। अपाचे और चिनूक जैसे हैलीकॉप्टर के लिए करीबन पांच साल पहले भारत गणराज्य की सरकार ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ समझौता किया था। उस समय वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रम्प थे और भारत में नरेन्द्र मोदी।  व्हाइट हाउस में 21 जनवरी 2025 को एक भव्य कार्यक्रम के बीच डोनाल्ड ट्रम्प दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने पहुंचे तो भारत गणराज्य की सरकार मान रही थी कि अपाचे और चिनूक हैलीकॉप्टर मिल जायेंगे, लेकिन इस बार साहब बदले-बदले से नजर आ रहे हैं और इसी कारण यह सौद आज एक साल बाद भी लम्बित है।  रूस भी इंडिया के साथ फाइटर जेट के बारे में समझौता नहीं कर सका क्योंकि राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने जो शर्त रखीं थीं, वह शायद पूरी नहीं हो पायी हैं। नये जेट पर बात नहीं बनी तो एक बार पुन: फ्रांस की ओर रुख करना पड़ा। फ्रांस के पास फिलहाल राफेल की जनरेशन 4 की टैक्रोलॉजी है। 5 को तैयार करने में वक्त लगेगा। इस कारण 4 के लिए ही समझौता हो रहा है और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां अगले माह फरवरी में नई दिल्ली आ रहे हैं।  वहीं जर्मन चांसलर कल सोमवार से भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। जर्मन के साथ भ...

ट्रम्प ने चीन को बेचारा बना दिया?

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श्रीगंगानगर। ब्रिक्स के जरिये दुनिया से अमेरिका का प्रभुत्व समाप्त करने के लिए चीन, रूस आदि ने एक राय होकर अपनी करंसी निकालने का निर्णय लिया था,उसी तरह से जैसे यूरोपीय संघ की अपनी मुद्रा है जो सदस्य देशों की मुद्रा और उनके भाव से अलग है।  अगर समाचार को संक्षेप में बनाया जाये तो इसको गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।  अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अपनी कैद में ले लिया है और अब काराकस में वही हो रहा है जो डोनाल्ड ट्रम्प ओवल ऑफिस में बैठकर निर्णय ले रहे हैं क्योंकि वहां पर उपराष्ट्रपति को ही कार्यवाहक पे्रजीडेंट बना दिया गया है। वेनेजुएला के तेल पर पहले चीन का दबदबा था जो अब वाशिंगटन का हो गया है।  दूसरी ओर अन्य तेल उत्पादक देश सउदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ ट्रम्प परिवार के व्यापारिक रिश्ते हैं। ट्रम्प के दामाद जे. कुशनर और मोहम्मद बिन सलमान मित्र ही नहीं पार्टनर भी हैं।  वहीं ट्रम्प ने इजरायल की नाराजगी को अनदेखी कर सउदी को आधुनिक हथियार बेचने का निर्णय लिया है। इस तरह से अरब की सुरक्षा सुनिश्चित कर दी गयी है। इस कारण मोहम्मद बिन सलमान चीन य...

ईरान सरकार गायब, खामनेयी ही निर्णय ले रहे हैं, तुर्कीये और सउदी के बीच गठबंधन की संभावना

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श्रीगंगानगर। ईरान में चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए अयातुल्ला खामनेयी ने सैन्य कार्यवाही की ओर संकेत किया है। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बात को लेकर पहले ही कह चुके हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों पर कोई भी कार्यवाही हुई तो संयुक्त राज्य हस्ताक्षेप करेगा। आंदोलन और हत्याओं, आगजनी के बीच ईरानी सरकार का कोई बड़ा अधिकारी नजर नहीं आ रहा जो भी निर्णय हो रहे हैं वह खामनेयी ही अकेले ले रहे हैं। ईरान में कुछ समय पूर्व भी महिलाओं ने बुर्का हटाने के लिए अभियान चलाया था जिसको दबा दिया गया था।  संवाद सेवा के अनुसार ईरान में अब तक शासन की ओर से की गयी कार्यवाही में कम से कम 60 लोग मारे गये हैं। दर्जनों लोग गंभीर घायल हैं। समाचारों में बताया गया है कि ईरानी लोगों के आंदोलन को दबाने के लिए सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खामनेयी ही सामने आ रहे हैं। उनके अतिरिक्त ईरानी सरकार के राष्ट्रपति या मंत्री सामने नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने बसों, सरकारी इमारतों और सरकारी मीडिया भवनों को आग के हवाले कर दिया था।  खामनेयी इस सब आंदोलन के पीछे अमेरिका का हाथ बता रहे हैं लेकिन अमेरिका ने...

वेनेजुएला के बाद ट्रम्प की नजर ईरान पर!

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श्रीगंगानगर। वेनेजुएला में कार्यकारी सरकार का गठन करने के बाद अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के मौजूदा हालात पर नजर रख रहे हैं और माना जा रहा है कि शीघ्र ही तेहरान में भी बांग्लादेश, नेपाल की तरह तख्ता पलट हो सकता है।  वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ करने के बाद वहां पर उपराष्ट्रपति को अस्थायी तौर पर कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर इस मुद्दे पर सीनेट में चर्चा हुई और एक प्रस्ताव, जो डेमोक्रेट्स लेकर आये थे, उनमें पांच रिपब्लिकन का भी समर्थन हासिल हो गया और इस तरह से प्रस्ताव सीनेट से पास होकर नीचले सदन कांग्रेस के पास चला गया है। वहां पर रिपब्लिकन बहुमत में हैं।  राष्ट्रपति के पास वीटो पावर है। अगर ट्रम्प के पास यह प्रस्ताव दोनों सदनों में पारित होकर राष्ट्रपति तक पहुंचता भी है तो वे अपने वीटो पॉवर के माध्यम से उसको निष्फल कर सकते हैं। इसको पुन: संसद में पारित करवाना होगा वह भी दो तिहाई बहुमत से। इस तरह से इस प्रस्ताव का कोई भौतिक कारण नहीं है।  दूसरी ओर ईरान सरकार ने अपने खिलाफ चल रहे आंदोलन के बाद पूरे देश में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर...