Posts

Showing posts with the label bijing. washington news

क्रूड के दाम बढ़े, शेयर बाजार और रुपया गिरा-जयशंकर और रूबियो फ्रांस में, क्या प्रशांत महासागर की स्वतंत्रता पर होगी चर्चा

Image
श्रीगंगानगर। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री जी-7 और सहयोगियों की बैठक में शामिल होने के लिए आज पेरिस में है। इस दौरान शेयर बाजार में फिर से भूचाल आ गया और शेयर बाजार तीन दिन की तेजी के बाद शुक्रवार को 15 सौ से ज्यादा अंकों की गिरावट को देखा जा रहा था और निवेशकों के लिए यह चिंता का कारण बन गया था। रुपया भी 94 की दशा को एक बार पुन: पार कर गया और दोपहर 1 बजे तक वह निम्रस्तरीय रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा था। वहीं कच्चे तेल में आज तेजी का दौर देखने को मिला।  पश्चिम एशिया में ईरान ने नयी धमकी अमेरिका को दी है कि उसके पार्क और पर्यटन स्थल अब सुरक्षित नहीं है। इस चेतावनी के बाद अमेरिका में सतर्कता को बढ़ा दिया गया है।  दूसरी तरफ पेरिस में जी-7 के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है, इसमें यूएसए, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन, इटली, जर्मनी, कनाडा और सहयोगी देश के रूप में भारत शामिल हो रहा है।  मार्को रूबियो और एस जयशंकर के बीच एक बार अमेरिका प्रवास के दौरान बातचीत हुई है। रूबियो विदेश सचिव/मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद एक बार भी नई दिल्ली की यात्रा का कार्यक्रम नहीं बनाया।...

चाइना की तीन दिवसीय यात्रा : दक्षिण एशिया आकर क्या देखते डोनाल्ड ट्रम्प

Image
श्रीगंगानगर। मोबाइल, कार, विद्युत और इस्पात के उत्पादन में चाइना का कोई भी देश मुकाबला नहीं कर पा रहा है। भारत के पास यह क्षमता थी किंतु वह जातिवाद के दशकों पुराने झगड़ों में ही फंसा हुआ है और उसके पास ऐसी कोई नीति नहीं है कि वह बिजली क्षेत्र में ही देश को आत्मनिर्भर बना दे। भारत का पैसा बांग्लादेश और अन्य देशों में बिजली सप्लाई के लिए उपयोग हो रहा है।  अमेरिका के राष्ट्रपति ने चाइना के शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा का इंतजार नहीं करते हुए आसियान देशों की दूसरी यात्रा में बीजिंग को अपना पड़ाव बनाया है और दक्षिण एशिया की तरफ उन्होंने देखा भी नहीं। क्यों? भारत का प्रचार तंत्र भले ही भारत-चाइना की तुलना करता हो, लेकिन सच्चाई यह है कि  नई दिल्ली उसके कहीं भी आसपास नहीं है।  चाइना जहां हर साल दुनिया भर में 3 करोड़ कारों की बिक्री करता है। इसका अर्थ यह हुआ हुआ कि हर माह वह 25 लाख कार बेचता है। वहीं भारत को देखा जाये तो वह मात्र 40-45 लाख की बिक्री पूरे साल में कर पाता है।  मोबाइल को लेकर भी इसी तरह की स्थिति है। भारत ने हाल ही में सैमसंग और एप्पल जैसी कंपनियों का संयंत्र स...