पश्चिम एशिया तनाव : रुपया, शेयर बाजार दोनों गिरे
श्रीगंगानगर। पश्चिम एशिया में तनाव गहरा जाने के कारण भारतीय रुपया और शेयर बाजार दोनों में ही गिरावट को दर्ज किया गया। बाजार क्रैश हो गया और उसमें 1700 अंकों से ज्यादा की गिरावट आयी जबकि रुपया पहली बार 93 रुपये प्रति डॉलर को पार कर गया। एक साल के भीतर रुपये में 7 रुपये की गिरावट आयी है जिससे महंगाई के कई गुणा बढऩे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
इजरायल ने ईरान के गैस भंडार पर हमले किये तो इसके बाद ईरान ने कतर व सउदी अरब पर हमले किये। कतर ने अपने गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थ के उत्पादन संयंत्र पहले ही बंद किये हुए हैं। सउदी अरब से भी मात्र एक स्थान से ही तेल का निर्यात हो रहा है।
नये और ताजा हमलों के बाद कच्चे तेल के भाव 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गये और भारतीय शेयर बाजार इन भावों को बर्दाश्त नहीं कर 1700 अंकों तक गिर गया। लगभग 9 लाख करोड़ रुपये एक दिन में निवेशकों के समाप्त हो गये।
वहीं रुपया भी 93.30 रुपये प्रति डॉलर दर्ज किया गया है। अगर इसी तरह से कच्चे तेल के दाम बढ़े तो रुपये को शतक पार करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। युद्ध से पहले रुपया 91 रुपये के आसपास स्थिर था और 28 फरवरी के बाद से इसमें गिरावट को दर्ज किया गया।
दूसरी ओर अमेरिका ने युद्ध के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद अपने हजारों सैनिकों को और तैनात करने का निर्णय लिया है। ईरान का कहना है कि युद्ध सेउसके 8 शीर्ष नेता-अधिकारी अभी तक मारे गये हैं और वह इसका बदला लेगा।
