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होरमूज जल डमरू मध्य की ईरान से आजादी जरूरी!

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श्रीगंगानगर। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के विस्फोटों के बीच हरमूज जल डमरूमध्य पर कब्जा कर लिया है और इस कब्जे के कारण कमर्शियल जहाज जो तेल टैंकर हैं, वह नहीं निकल पा रहे हैं और दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थ का एक संकट पैदा हो गया है।  ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि हमने युद्ध को जीत लिया है। हम अभी वहां से नहीं आने वाले हैं और अमेरिका अपना काम पूरा करके आयेगा।  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू का कहना है कि हमने अयातुल्ला अली खामनेयी को मार गिराया है और अब उनके उत्तराधिकारी की बारी है। इस तरह से युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। एक निंदा प्रस्ताव भी ईरान के खिलाफ पास किया गया जिसमें खाड़ी के देशों पर हमला एक कारण था।  अब जल डमरू मध्य एक ऐसा क्षेत्र बन गया है जहां से कमर्शियल जहाज पेट्रोलियम पदार्थ लेकर निकलते हैं और इन जहाजों के नहीं निकल पाने के कारण दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थ का संकट पैदा हो रहा है।  हालांकि दुनिया के पास कनाडा, अमेरिका, रूस, वेनेजुएला जैसे कई अन्य विकल्प हैं जहां से...

सुनेत्रा पंवार को डिप्टी सीएम बनाने की ऐसी भी क्या जल्दी थी?

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श्रीगंगानगर। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री रहे अजीत पंवार की 28 जनवरी 2026 को विमान दुर्घटना में मौत हो गयी। उनकी चिता की राख अभी ठण्डी भी नहीं हुई थी कि उनकी पत्नी सुनेत्रा पंवार को फटाफट डिप्टी सीएम बना दिया गया। वहीं उनके चाचा एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पंवार निर्विरोध राज्यसभा पहुंच गये। इससे पहले गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी की भी इसी तरह से विमान दुर्घटना में मौत हो गयी थी। इसके बाद कई नेता कुछ बोलने की स्थिति में  नहीं है और उनको भय है कि कभी भी उनका भी विमान क्रैश हो सकता है। बस चुपचाप रोबोट की तरह काम कर रहे हैं। 

सोशल मीडिया ने युद्ध को लेकर हडक़म्प पैदा कर दिया?

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  श्रीगंगानगर। ईरान में चल रहे युद्ध के बाद एलपीजी की किल्लत के समाचार सुर्खियां बन गये हैं और इस बीच सोशल मीडिया पर चल रहे प्रचार के बाद लोग इलेक्ट्रॉनिक कूकर, चूल्हा खरीद रहे हैं। कारण यह है कि बताया जा रहा है कि युद्ध की आग कभी भी भारत तक पहुंच जायेगी।  एक सोशल मीडिया रिपोर्ट में ही पीएम कह रहे हैं कि भारत को युद्ध में  नहीं घसीटा जाये नहीं तो परिणाम खतरनाक होंगे।  इसका अर्थ साफ है कि खुफिया एजेंसियों के पास रिपोर्ट है कि भारत भी आग की लपटों में गिर सकता है जो युद्ध पश्चिम एशिया में है। उसका विस्तार होगा और दक्षिण एशिया में भी युद्ध हो सकता है।  पाक के साथ युद्ध की संभावना नहीं? पाकिस्तान के साथ फिलहाल युद्ध की संभावना नहीं है क्योंकि इस्लामाबाद के साथ रियाद की मित्रता हो गयी है और दोनों देश एक दूसरे देश पर हमले को अपना मानेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो भारत लालगढ़ आतंकवादी हमले के लिए पाकिस्तान पर स्ट्राइक की कार्यवाही कर चुका होता।  बांग्लादेश को युद्ध का डर सता रहा है और इसी कारण शेख हसीना की रिहाई की मांग को ठंडे बैग में डाल दिया गया है। बांग्लादेश क...

नैतिकता कब विलुप्त हो गयी?

श्रीगंगानगर। जवाहरलाल नेहरू के  प्रधानमंत्री काल में लाल बहादुर शास्त्री ने रेल मंत्री के रूप में एक दुर्घटना के बाद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अनेक मौके आये जब मंत्रियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया गया और इस्तीफा लिया गया। लालू प्रसाद यादव जेल गये तो उन्होंने जेल से सरकार नहीं चलायी बल्कि नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया और अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सत्ता सौंप दी। वहीं मौजूदा समय में नैतिकता कहीं खो गयी है। अरविंद केजरीवाल ने कई माह तक जेल से ही सरकार चलायी।  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर पक्षपात का आरोप लगा और उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। नैतिकता तो यही कहती थी कि अपने ऊपर विश्वास खो जाने के बाद इस्तीफा ही एकमात्र उपाय बचता था, जिसको अपनाया जाता। हालांकि इस्तीफा देने के बाद भी नये पद मिलते रहे हैं लेकिन नैतिकता जीवित रहती रही थी।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं सार्वजनिक रूप से कहते रहे हैं कि इमेज की किसको परवाह है? यह बड़ा बयान है जिसको प्रचार तंत्र कोट नहीं करता।  इमेज की परवाह नहीं है तभी तो नीतिन गडकरी के पास 10 सालों से भी अधिक समय से एक ही ...

चाइना की तीन दिवसीय यात्रा : दक्षिण एशिया आकर क्या देखते डोनाल्ड ट्रम्प

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श्रीगंगानगर। मोबाइल, कार, विद्युत और इस्पात के उत्पादन में चाइना का कोई भी देश मुकाबला नहीं कर पा रहा है। भारत के पास यह क्षमता थी किंतु वह जातिवाद के दशकों पुराने झगड़ों में ही फंसा हुआ है और उसके पास ऐसी कोई नीति नहीं है कि वह बिजली क्षेत्र में ही देश को आत्मनिर्भर बना दे। भारत का पैसा बांग्लादेश और अन्य देशों में बिजली सप्लाई के लिए उपयोग हो रहा है।  अमेरिका के राष्ट्रपति ने चाइना के शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा का इंतजार नहीं करते हुए आसियान देशों की दूसरी यात्रा में बीजिंग को अपना पड़ाव बनाया है और दक्षिण एशिया की तरफ उन्होंने देखा भी नहीं। क्यों? भारत का प्रचार तंत्र भले ही भारत-चाइना की तुलना करता हो, लेकिन सच्चाई यह है कि  नई दिल्ली उसके कहीं भी आसपास नहीं है।  चाइना जहां हर साल दुनिया भर में 3 करोड़ कारों की बिक्री करता है। इसका अर्थ यह हुआ हुआ कि हर माह वह 25 लाख कार बेचता है। वहीं भारत को देखा जाये तो वह मात्र 40-45 लाख की बिक्री पूरे साल में कर पाता है।  मोबाइल को लेकर भी इसी तरह की स्थिति है। भारत ने हाल ही में सैमसंग और एप्पल जैसी कंपनियों का संयंत्र स...

ट्रम्प की चीन यात्रा से पहले मोदी बीजिंग के साथ रिश्ता सुधारने में जुटे

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श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आगामी 31 मार्च से 2 अप्रेल तक चीन की यात्रा करने वाले हैं और उससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन के साथ रिश्तों को मजबूत करने के प्रयासों में जुट गये हैं।  जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार संयुक्त राज्य इस समय नाटो के साथ अपने सबसे बुरे संबंधों के दौर से गुजरते हुए नये सहयोगी तैयार कर रहा है ताकि यूरोप को उसके भरोसे ही छोड़ा जा सके। हाल ही में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मन एकजुट हो गये थे और नाटो के रूप में ईरान के खिलाफ स्ट्राइक में शामिल होने से इन्कार कर दिया था। यही वह समय था जब अमेरिका नये सदस्यों की तलाश करता हुआ शील्ड ऑफ द अमेरिकाज नामक कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें कैरेबियन और लैटिन अमेरिकी राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया।  इसी तरह से अब डोनाल्ड ट्रम्प इस टर्म में अपनी पहली चीन यात्रा पर जा रहे हैं। यह पहली बार होगा जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने यूरोप से ज्यादा एशिया की यात्रा की हो। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प पश्चिमी एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया की यात्रा कर चुके हैं।  अब वे 31 मार्च से 2 अप्रेल तक ब...

रूस और वेनेजुएला से प्रतिबंध हटाकर दुनिया को बड़ी राहत देने में कामयाब रहे ट्रम्प

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श्रीगंगानगर। ईरान के पास स्थित फारस की खाड़ी के मार्ग हरमूज जलडमरू मध्य से एक बार गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति रूकी हुई है और भारत सहित विभिन्न देशों में संकट गैस संकट को देखा जा रहा है हालांकि सरकार की लापरवाही भी सामने आयी, संकट को अनदेखा कर दिया गया था और उत्पादन को बढ़ाने पर विचार ही नहीं किया गया।  वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया भर में संकट देखा तो तुरंत प्रभाव से जो बाइडेन प्रशासन ने जिन प्रतिबंधों को लगाया हुआ था, उनको हटा दिया और अब रूस से दुनिया को गैस व पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई हो सकेगी।  इस सप्लाई को हरमूज जलडमरूमध्य के बीच में से नहीं निकलना होगा और यह सीधे ही हिन्दूस्तान तथा अमेरिका तक पहुंच सकती है क्योंकि अमेरिका और रूस की जल सीमा अलास्का राज्य में है।  यूरोप की नीतियों को लेकर राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन नाराज हैं और इसी कारण उन्होंने सरकार को आदेश दिया है कि यूरोप को गैस सप्लाई रोकने के लिए एक रोडमैप तैयार करें। क्रेमलिन नहीं चाहता कि वह यूरोप को गैस सप्लाई दे क्योंकि यूरोपिय देश लगातार यूक्रेन को आर्थिक, सैन्य व खुफिया मदद दे रहे ह...