चीन में अपने स्वागत से गदगद हुए ट्रम्प, बीजिंग ने विदेश मंत्री भारत नहीं भेजा
श्रीगंगानगर। भारत की विदेश नीति पर फिर से एक बार सवाल उठ रहे हैं, ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है और उसमें संस्थापक सदस्य चीन के विदेश मंत्री वांग यी नई दिल्ली नहीं आये। यह एक बहुत बड़ा झटका है।
वहीं बीजिंग में आज दीपावली और होली त्योहार के मिलन जैसा माहौल था, कारण था करीबन 10 सालों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन पहुंचे थे। उनका व्यस्त कार्यक्रम रहा और शाम को उनको सरकारी भवन में रात्रि भोज भी दिया गया।
राष्ट्रपति ट्रम्प चीन के साथ संबंधों को संतुलित और मजबूत बनाने के लिए बीजिंग पहुंचे थे। फस्र्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प इस बार उनकी साथ नहीं थी। वे एलन मस्क सहित कई बड़े उद्योगपतियों को अपने साथ लेकर पहुंचे।
ट्रम्प को पहले सेना के तीनों अंगों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके उपरांत राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उन्होंने बैठक की और बैठक के बीच में वियतनाम का जिक्र नहीं हुआ और न ही ईरान का नाम लिया गया। इस तरह से दोनों देशों ने अपने संंबंधों में संतुलित व्यवहार का प्रदर्शन किया।
अमेरिकन राष्ट्रपति ने टैम्पल ऑफ हैवन में भी जाकर प्रार्थना में भाग लिया और यह एक बड़ा संदेश है। एतिहासिक मंदिर 15वीं शताब्दी में तत्कालीन शासक ने बनवाया था।
हर जगह पर उनका भव्य स्वागत किया गया तो राष्ट्रपति ट्रम्प गदगद हो गये और शी को अपना मित्र बताते हुए ट्रम्प ने कहा कि जिस तरह का स्वागत किया गया, वह अविश्वसनीय है। वे अपने स्वागत से अभिभूत हैं।
व्हाइट हाउस ने इस यात्रा को एतिहासिक क्षण बताया है।
दूसरी ओर दिल्ली को देखा जाये तो वहां पर रूस, ईरान, दक्षिण अफ्रीका सहित ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री पहुंचे हैं, लेकिन वांग यी नहीं पहुंचे। यह अमेरिका को समर्थन प्रदर्शित करता है। ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य चीन के नहीं आने से ब्रिक्स की चमक फीकी हो गयी। इससे पहले जी-20 समिट के दौरान भी शी जिनपिंग ने नई दिल्ली का दौरा नहीं किया था। अब ब्रिक्स का शिखर सम्मेलन भी भारत में होना है तो उस दौरान भी राष्ट्रपति शी के आने की संभावना काफी कम हो गयी है।
ध्यान देना होगा कि इस समय भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते नाजुक धागे से बंधे हुए हैं और यह कोई मीडिया हाउस नहीं बता रहा है। एच 1 बी वीजा की संख्या 65 हजार से कम कर 25 हजार कर दी गयी है। सैलरी को कम से कम 2 लाख डॉलर कर दिया गया है ताकि फर्जी तरीके से किसी को नहीं बुलाया जा सके।
