ईरान के लिए निर्णय का समय : ट्रम्प सटीक शब्दों का कर रहे इंतजार
श्रीगंगानगर। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच युद्धविराम चल रहा है, लेकिन यह ज्यादा लम्बा नहीं खिंच सकता क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अब साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि उनको सटीक शब्दों के प्रस्ताव का इंतजार है। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि युद्ध को अमेरिका ने जीत लिया है।
ईरान ने इस युद्ध से बहुत कुछ खो दिया है। वहीं यूरोपीय यूनियन के सदस्यों ने अमेरिका जैसा मित्र को तो खो ही दिया है साथ ही विशाल बाजार भी उसके हाथ से निकलता जा रहा है। ट्रक और कार पर 25 प्रतिशत टैरिफ का एलान राष्ट्रपति ट्रम्प ने कर दिया है और प्रस्ताव दिया है कि यूरोपीय कंपनियां अपने उत्पाद अमेरिका में बनाते हैैैैैैैैैं तो उनको टैरिफ का सामना नहीं करना पड़ेगा और यूएसए का विशाल बाजार तो वेलकम करेगा ही साथ ही सरकारी स्तर पर नियमानुसार हर सहायता उपलब्ध करवायी जायेगी।
तेल का संकट यूरोप पर भारी
अमेरिका में महंगाई की चर्चा हो रही है लेकिन यूरोपिय देशों में क्या हाल हैं, इस पर चर्चा होनी बाकी है।
कच्चे तेल के दामों में जहां व्यापक बढ़ोतरी हो चुकी है, वहीं विमानन टरबाइन ईंधन के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी का नुकसान और परेशानी हो रही है। विमानन कंपनियां अपनी उड़ानों को सीमित कर रही हैं।
विमानों की संख्या में कटौती और किराये में बढ़ोतरी का नुकसान यह हो रहा है कि लोगों को गंतव्य पर पहुंचने में परेशानी हो रही है।
अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से ईरान युद्ध के दौरान होर्मूज जलडमरू मध्य को लेकर अपील की थी कि वे उसके साथ दें तो उसको खोल दिया जायेगा। नाटो और यूरोपीयन यूनियन के सदस्य देश साथ नहीं आये और आज सबसे अधिक नुकसान पश्चिमी यूरोप को ही उठाना पड़ रहा है।
यूरोपीय यूनिय देशों में लिविंग कोस्ट में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और सरकारों के पास इसका कोई हल नजर नहीं आ रहा है।
ईरान-अमेरिका समझौता मुश्किल है
वहीं दूसरी ओर ईरान किसी भी हालत में अपने परमाणु कार्यक्रम को छोडऩे के लिए तैयार दिखाई नहीं दे रहा है। इस कारण संयुक्त राज्य अमेरिका व तेहरान के बीच किसी तरह का समझौता होगा, यह मुश्किल दिखाई दे रहा है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता का कहना है कि राष्ट्रपति के पास पहुंचा प्रस्ताव उन्हें स्वीकार नहीं है। वे स्पष्ट शब्दों का समझौता प्रस्ताव चाहते हैं।
