संविधान संशोधन विधेयक : विश्व गुरु का सिंहासन हिलने लगा है!
श्रीगंगानगर। नई संसद के भीतर 131वां संविधान संशोधन पास करवाने का प्रयास कर रही नरेन्द्र मोदी सरकार को जोर का झटका लगा है। यह पहला मौका है जब 12 सालों के शासनकाल में मौजूदा सरकार का बिल पारित नहीं हो पाया। अब तक वह जो बिल चाहती थी, वह पास करवाती रही।
जीएसटी जैसा विवादित बिल भी संविधान संशोधन विधेयक के जरिये पारित हो गया था। कांग्रेस सरकार 2014 में विदाई ले रही थी तो उस समय 99 संविधान संशोधन हुए थे और इस तरह से मोदी सरकार ने 12 सालों के भीतर 31 संविधान संशोधन पारित करवाये। 32वीं बार वह फेल हो गयी।
असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, केरल आदि विधानसभा चुनाव हो रहे हैं और उस बीच में संसद का विशेष सत्र बुलाया गया। इस स्पैशल सैशन को कॉल करने के लिए यही समय क्यों चूना गया, यह समझ से परे है और हैरानी की बात यह भी रही विपक्ष ने भी इसका विरोध नहीं किया।
कहां गया विश्व गुरु का खिताब
विश्व का मंच हो या घरेलू राजनीति, दोनों ही क्षेत्र में नरेन्द्र मोदी अब कहीं खो गये हैं। वे चुनावों के समय कहा करते थे, दुनिया में कोई भी समस्या हो, दुनिया भारत (नरेन्द्र मोदी) की ओर देखती है। विधानसभा चुनावों में समय से पहले ही राजनीतिक गोटियां फिट करने में उन्होंने सफलता हासिल की थी और इस तरह से वे लगातार विजय हो रहे थे। संसद के भीतर उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा छीन लिया था और उसको केन्द्र शासित प्रदेश बना दिया। यह पर्दे के सामने तो भाजपा की जीत थी किंतु पर्दे के पीछे राजनीति का बड़ा खेल था, जो बहुत कम लोगों को उस समय समझ आया था।
दुनिया की राजनीति में भी अब नरेन्द्र मोदी का विश्व गुरु का खिताब भी पाकिस्तान छीनकर ले गया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पूरी दुनिया में हडक़म्प मचा हुआ था और उस समय पाकिस्तान आगे आया और उसने सीजफायर करवाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक ली। अमेरिका और ईरान ही नहीं दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
अब ट्रम्प ने कहा है कि वे पाकिस्तान जा रहे हैं अगर ईरान परमाणु समझौते पर सहमत हो जाता है। वे उस समय मौके पर मौजूद रहेंगे। समझौता वार्ता के बाद वे उसमें शामिल हो सकते हैं।
इस तरह से नरेन्द्र मोदी का विश्व गुरु का खिताब छीन रहा है। पाकिस्तान ने इस मंच पर नरेन्द्र मोदी को करारी शिकस्त दी है।
