ईरान तनाव : वैंस की सुरक्षा को लेकर चिंतित अमेरिका, राजनीयिक ने गृहमंत्री से की मुलाकात

 


इस्लामाबाद। पाकिस्तान में शनिवार को होने वाली शांति वार्ता से पहले अमेरिका को अपने उपराष्ट्रपति की सुरक्षा की चिंता है। बैठक में जैरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल होंगे। सुरक्षा को लेकर राजनीयिक ने इस्लामाबाद में गृहमंत्री से मुलाकात भी की। इसके उपरांत पाकिस्तान के सर्वोच्च अधिकारी आसिम मुनीर और पीएम शाहबाज शरीफ के बीच भी वार्ता हुई। 

दुनिया भर की निगाहें अब इस्लामाबाद पर लगी हैं, क्योंकि यह वह बैठक है जो पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में है। 

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां ने पहली बार पीएम शाहबाज शरीफ को फोन किया और उनके साथ वार्ता में पश्चिम एशिया को लेकर चल रही बातचीत से संबंध संदेशों का अदान-प्रदान किया। वहीं जर्मन चांसलर ने भी पाक पीएम को बधाई दी है कि उन्होंने कठिन कार्य का सफल बनाया है। 


आतंकवादी छवि से शांति स्थापित करने के मार्ग तक

पाकिस्तान को पिछले दो दशक से यह माना जा रहा था कि वह आतंकवादियों को पनाह देने वाला देश है। नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में ही भारत गणराज्य की सेनाओं ने तीन बार स्ट्राइक को अंजाम दिया। 

अब माहौल बदल रहा है और आईएमएफ से भी पाक को ज्यादा आसानी से ऋण उपलब्ध हो रहा है। अमेरिका को भी यकीन हो गया है कि पाकिस्तान उसका दोस्त है। इसी तरह से विश्व के प्रमुख देश भी अब पाकिस्तान के साथ संबंध को मजबूत बना रहे हैं। 

भारत और फ्रांस के बीच अब तक की सबसे बडी सुरक्षा डील हुई है। इसके बावजूद राष्ट्रपति मैक्रां ने पाक पीएम के साथ फोन पर लम्बी वार्ता की। भारत गणराज्य की सरकार की विदेश नीति इससे कमजोर साबित हो रही है। 

पश्चिम एशिया के सउदी अरब, यूएई ने अपने सर्वोच्च पुरुस्कार नरेन्द्र मोदी को दिये हैं। इसके बावजूद भारत मध्यस्थ की भूमिका को नहीं निभा पाया और पाकिस्तान ने इस कार्य को कर दिखाया। इस कारण दुनिया का ध्यान अब पाकिस्तान की ओर गया है। बड़े देश और वीटो पॉवर वाले देश अब इस्लामाबाद की ओर देख रहे हैं। 


इजरायल अब लेबनान के साथ वार्ता को तैयार

इजरायल अब लेबनान के साथ शांति वार्ता करने को तैयार है क्योंकि अमेरिक-ईरान के बीच वार्ता के बाद पश्चिम एशिया में एक बार शांति स्थापित हो गयी कि मध्यपूर्व में इजरायल ने लेबनान पर रात भर बमबारी की। इससे कई लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आयीं। अब दोनों देश लेबनान व इजरायल के बीच वार्ता होने की संभावना बन गयी है। पाकिस्तान ने इसमें भी भूमिका का निर्वाह किया। कभी आतंकवादियों के डॉन ओसामा बिन लादेन को पनाह देने वाले इस्लामाबाद अब शांति के मार्ग पर अग्रसर हो रहा है। हालांकि मोदी सरकार के साथ अभी भी पाक की कोई वार्ता योजना  नहीं बन पायी है। 

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