ईरान तनाव : इस्लामाबाद में दो दिन का सरकारी अवकाश
श्रीगंगानगर। पाकिस्तान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाते हुए समझौता करवाया। इससे वह सरपंच की भूमिका में आ गया है। इस खुशी में इस्लामाबाद प्रशासन ने दो दिन के सरकारी अवकाश का एलान कर दिया है ताकि जश्र का माहौल बनाया जा सके। इससे पहले 1992 में पाकिस्तान के विश्व कप जीतने पर इस तरह का अवकाश घोषित किया गया था।
पाकिस्तान की संवाद सेवा डॉन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस्लामाबाद में गुरुवार और शुक्रवार को अवकाश रहेगा। अवकाश के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। अवकाश में इमरजेंसी सेवाओं को मुक्त रखा गया है।
वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए रवाना हो रहे हैं। दोनों पक्ष स्थायी शांति बनाने के लिए शनिवार से इस्लामाबाद में शांति वार्ता कर रहे हैं। वेंस के साथ राष्ट्रपति के साथ विशेष दूत जैरेड कुशनर (ट्रम्प के दामाद) और मिस्टर विटकॉफ भी हो सकते हैं। तेहरान ने भी अपनी शांतिवार्ता टीम का एलान कर दिया है।
दोनों पक्ष पाकिस्तान की मध्यस्थता में शांति वार्ता इस्लामाबाद में करने को तैयार हो गये हैं। सीजफायर को किस तरह से स्थायी शांति का मंच बनाने के लिए यह बैठक हो रही है और अगले 15 दिनों के भीतर एक मसौदा को तैयार किया जाना है।
पाकिस्तान अब सरपंच की भूमिका में
पाकिस्तान के आग्रह को राष्ट्रपति ट्रम्प ने जिस तरह से स्वीकार किया और 15 दिनों के लिए आखरी पलों में शांति के लिए तैयार हो गये, उससे वह पंजाबी कहावत के अनुसार फूला नहीं समा रहा।
चौधरी बनकर अब वह प्रशंसा भी हासिल कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया, मुस्लिम देशों के संगठन आदि ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तान के सर्वोच्च अधिकारी आसिम मुनीर की भूमिका के तारीफ की है।
लेबनान में सैकड़ों लोग मारे गये
दूसरी ओर इजरायल ने लेबनान पर भारी बमबारी की जिस कारण ईरानी नेता काफी नाराज हो गये हैं। समाचारों में बताया गया है कि इस हमले में सैकड़ों लोग मारे गये। इस नरसंहार के बाद ईरान ने कहा है कि वह सीजफायर से बाहर आ सकता है क्योंकि जो समझौता हुअ था, उसका लगातार उल्लंघन हो रहा है और लेबनान में जो इजरायल ने किया है, वह बर्दाश्त नहीं कर सकता।
