ईरान तनाव : ट्रम्प प्रशासन में अब मध्यमार्गी हावी, पत्रकार वार्ता में नजर नहीं आये रूबियो
सतीश बेरी
श्रीगंगानगर। अमेरिका में 32 दिनों के युद्ध के बाद दक्षिण पंथियों के स्थान पर अब मध्यमार्गी हावी हो रहे हैं। युद्ध के बीच में ट्रम्प प्रशासन में फेरबदल के समाचार आने लगे हैं। पश्चिमी एशिया में तनाव को समाप्त करने की चाबी एक बार पुन: अपने दामाद जैरेड कुशनर के हाथों में दे दी है जो युद्धपूर्व की कई वार्ताओं के बाद भी जंग को टाल नहीं सके थे। वे अब पाकिस्तान में हैं और उनके साथ मि. विटकॉफ भी हैं।
दक्षिणपंथी विचारधारा वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो और युद्ध मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेगसेथ के साथ चलने का निर्णय लिया था। कैबिनेट में दूसरा गुट था जेडी वेंस का, जो मध्यमार्गी माने गये थे और पहले दिन से ही युद्ध का विरोध कर रहे थे।
ईरान की नीति थी कि युद्ध को लम्बा चलाया जाये और वह इस नीति में कामयाब हो गया। अमेरिका में मध्यमार्गी कैबिनेट सदस्य हावी हो गये और एक बार पुन: वार्ता टेबल पर ईरान व अमेरिका आ गये हैं। वार्ता का आयोजन पाकिस्तान, सउदी अरब कर रहे हैं और इस्लामाबाद में हो रही वार्ता में कुशनर भी शामिल हैं।
45 दिनों के युद्ध प्रस्ताव को तेयार कर ट्रम्प की टेबल पर भेजा गया था, जिसको उन्होंने नकार दिया। ईरान ने भी इसका विरोध किया और युद्ध विराम को सिरे से खारिज करते हुए युद्ध या पूर्ण शांति का आह्वान किया है। वह पूर्ण प्रतिबंधों की समाप्ति चाहता है।
कौनसा देश बन गया अमेरिका का हथियार चोर
राष्ट्रपति ने सोमवार रात करीबन 1 बजे पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि ईरान के साथ युद्ध के लिए अमेरिका ने एक देश को हथियारों का वितरण करने का आदेश दिया था किंतु वह देश अमेरिकी हथियारों को अपना समझकर कब्जा कर लिया है। इस देश को भी सजा दिये जाने की चेतावनी दी।
पाकिस्तान और एमबीएस कर रहे हैं आयोजन
पाकिस्तान के साथ-साथ क्राउन प्रिंस सउदी अरब के मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस)वार्ता का आयोजन कर रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तान ने चार देशों तुर्कीये, मिस्र, सउदी के साथ चतुर्भुज सम्मेलन का आयोजन किया था। अब वार्ता की टेबल सजी है तो कुशनर की भी एंट्री हो गयी। वे एमबीएस के बिजनेस पार्टनर हैं।
जेडी वेंस भी वार्ता का आयोजन हैं। मि. विटकॉफ भी इसमें शामिल हैं। इस तरह से पाकिस्तान अपनी राजनीतिक शक्ति को प्रदर्शित करने में कामयाब हो रहा है। ट्रम्प ने अभी नयी समय सीमा या सेना वापिसी का एलान नहीं किया है।
इस तरह से मध्यमार्गी हावी हो रहे हैं। सोमवार रात करीबन 10.30 बजे और अमेरिका में दोपहर 1 बजे थे जब पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो ही नहीं थे जो अब तक युद्ध को लीड करते रहे हैं। 32 दिन बाद भी ईरान ने सरेंडर किया और न ही समझौता किया।
