राष्ट्रपति ट्रम्प सोमवार को सैन्य अधिकारियों के साथ पत्रकार वार्ता में होंगे शामिल
श्रीगंगानगर। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सोमवार को ओवल कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन कर रहे हैं। यह संवाददाता सम्मेलन इस कारण महत्वपूर्ण हैं कि इसमें सैन्य अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। ईरान के साथ सोमवार को ही डेड लाइन भी समाप्त हो रही है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर तेहरान समझौता नहीं करता है तो उसको गंभीर परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहना होगा। हालांकि ट्रम्प ने काफी कड़वे शब्दों का प्रयोग किया।
रविवार रात तक दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच गये हैं, इस तरह की जानकारी सामने नहीं आ पायी है। इस कारण सोमवार को अमेरिकी समयानुसार होने वाली पत्रकार वार्ता इस कारण महत्वपूर्ण हो गयी है क्योंकि इसमें सैन्य अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं।
ओवल कार्यालय में होने वाली इस पत्रकार वार्ता को राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ-साथ सैन्य के प्रमुख अधिकारी भी संबोधित करेंगे।
व्हाइट हाउस ने एक्स पर जानकारी दी है। राष्ट्रपति ने सभी से आग्रह किया है कि इस पत्रकार वार्ता को अनदेखा नहीं किया जाये और इसमें सभी लोग शामिल हों ताकि उनको विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके।
राष्ट्रपति की रविवार को आखरी चेतावनी
इससे पहले रविवार को राष्ट्रपति ने तेहरान को आखरी चेतावनी जारी की। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को तुरंत प्रभाव से होर्मूझ जल डमरू मध्य को स्वतंत्र कर देना चाहिये। अन्यथा परिणाम बहुत ही गंभीर होने वाले हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, पुलों, विद्युत संयंत्रों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को एक साथ निशाना बनाया जायेगा। इसके लिए राष्ट्रपति ने कड़वे शब्दों का इस्तेमाल किया।
ध्यान रहे कि ट्रम्प ने ईरान को 6 अप्रेल तक की समय सीमा निर्धारित की हुई थी और चेतावनी दी थी कि 8 बजे तक अगर जल डमरू मध्य को खाली नहीं किया जाता है तो परिणाम बहुत घातक होने वाले हैं।
ईरान ने फारस की खाड़ी के इस महत्वपूर्ण स्थान को अपने कब्जे में ले लिया है और तेल और गैस से भरे टैैंकरों के आवागमन को रोक दिया है। दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया अर्थात प्रशांत महासागर के देशों तक पहुंचने वाले यह प्रमुख स्थान है और 20 प्रतिशत ऑयल व गैस इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
फर्टिलाइजर जुटाने की तैयारी आरंभ
भारत अपनी आवश्यकताओं का 70 प्रतिशत फर्टिलाइर और अन्य कृषि उत्पाद आयात करता है। 20 प्रतिशत इसमें हिस्सा चीन का होता है। हरमूझ जल डमरू मध्य के उस पार से भी फर्टिलाइजर/खाद आदि का आयात किया जाता है। इस कारण चिंता साफ दिखाई दे रही है।
