विश्व में तेल का संकट बढऩे के आसार, कल युद्धविराम का आखिरी दिन-ईरान अभी असमंजस में
श्रीगंगानगर। विश्व में कच्चे तेल के दाम में सोमवार को जहां 6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गयी थी, वहीं मंगलवार को यह कम होने आरंभ हो गये। हालांकि अभी तक ईरान असमंजस की स्थिति में है और उसने वार्ता के लिए अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी दोनों ही शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया हुआ है। सोमवार को वार्ता आरंभ होनी थी और पाक के अधिकारी ईरानी प्रतिनिधिमंडल का इंतजार करते रहे। इसी तरह की स्थिति मंगलवार दोपहर तक बनी हुई थी।
दूसरी ओर अमेरिका ने अपने प्रतिनिधिमंडल को तैयार रखा हुआ है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, वार्ताकार जैरेड कुशनर तथा स्टीव विटकॉफ उड़ान भरने के लिए तैयार बताये गये हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प ने कहा है कि अगर वार्ता नहीं होती है तो बहुत बम फटेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है, ईरान वार्ता करेगा। वार्ता में डील होने की संभावना है। ट्रम्प ने यह भी संदेश दिया कि ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी।
वहीं समाचारों के अनुसार तेहरान ने कहा है कि होर्मूज जल डमरू मध्य से जो भी जहाज या टैंकर बिना अनुमति गुजरने की कोशिश करेगा उस पर गोलियां चलायी जा सकती हैं। इस तरह से विश्व के लिए कच्चे तेल का संकट बढ़ रहा है।
फ्रांस ने कहा है कि उसको ईरान संकट के कारण 6 अरब यूरो का नुकसान हो चुका है और अभी तक हल नहीं निकल पाया है।
सोमवार को जहां कच्चे तेल के दामों में तेजी का दौर था तो मंगलवार दोपहर को यह कमजोर हो रहा था। अमेरिका से जिस तरह का बयान आता है, कच्चा तेल का उतार-चढ़ाव आरंभ हो जाता है।
