इजरायल और अमेरिका की शिखर वार्ता में ईरान के साथ वार्ता को प्राथमिकता
श्रीगंगानगर। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू एक साल के भीतर छठी बार जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलने के लिए वाशिंगटन पहुंचे तो उनको वहां अभूतपूर्व सुरक्षा मिली और उनका स्वागत सबसे पसंदीदा नेता के रूप में हुआ।
नेतनयाहू का सरकारी विमान जब वाशिंगटन डीसी की जमीन पर लैंड हुआ तो उनके स्वागत की तैयारियां साफ देखने को मिल रही थी। उनको वो काफिला दिया गया जो संभवत: अमेरिका के भीतर सिर्फ राष्ट्रपति को हासिल होता है। गाडिय़ों की संख्या अनगिनत थी और सभी तरफ का ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था।
प्रधानमंत्री बेंजामिन सबसे पहले विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो से मिले। इसके बाद व्हाइट हाउस में अनौपचारिक मुलाकात करने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प से मिले।
भारतीय समयानुसार देर रात को दोनों शिखर नेता औपचारिक वार्ता के लिए ओवल कार्यालय पहुंचे। तीन घंटे तक की लम्बी बातचीत के बाद दोनों नेता ने एक संयुक्त बयान जारी किया, लेकिन यह संक्षिप्त था। इसमें बताया गया कि अमेरिका ईरान के साथ वार्ता जारी रखेगा। इजरायल के प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा से संबंधित पक्ष रखने की बात कही।
तीन घंटे की बातचीत के बाद कोई औपचारिक पत्रकार वार्ता का आयोजन होना इस बात का संकेत दे रहा है कि दोनों शिखर नेता वार्ता का ब्यौरा अभी दुनिया को नहीं देना चाहते और वे ईरान के साथ चल रही बातचीत के बाद ही कोई निर्णय लेना पसंद कर सकते हैं।
