इवांका से तलाक के लिए जैरेड मांग रहा एक पुत्र की कस्टडी, फ्रांस के राष्ट्रपति अमेरिका के खिलाफ क्यों उगल रहे हैं जहर
श्रीगंगानगर। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पुत्री इवांका ट्रम्प और दामाद जैरेड कुशनर के बीच तलाक की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच यह भी जानकारी सामने आ रही है कि बच्चों की कस्टडी को लेकर दोनों पक्ष सहमत नहीं है। जैरेड एक पुत्र को साथ रखने का प्रयास कर रहे हैं।
इवांका के पास तीन संतान हैं, इनके नाम अरबेला रोज, जोसेफ फेडरिक और थियोडोर जोसफ। यह तीनों ही नाम पेटेंट हैं।
कुशनर और इवांका ने प्रेम विवाह किया था और इवांका ने यहूदी धर्म को अपना लिया था। अब दोनों पक्ष तलाक लेने पर सहमत हो गये हैं, इस तरह के समाचार आ रहे हैं। तीनों ही संतान सूर्यवंशी है।
अब कुशनर चाहते हैं कि जोसेफ फेडरिक की कस्टडी उनके पास रहे। वहीं इवांका भी उन पर अपना पूर्ण हक जता रही है। हालांकि यही माना जाता है कि संतान सदैव के माता के पास रहनी चाहिये, ताकि वह उचित संभाल कर सके।
इस तरह से मामला पारिवारिक माहौल से व्हाइट हाउस से बाहर आ गया है।
बांग्लादेश को अमेरिका ने दी बड़ी राहत
वहीं अमेरिका ने बांग्लादेश को बड़ी राहत देकर भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार को एक बार पुन: राजनीतिक झटका दिया है।
जो जानकारी सामने आयी है, उसके अनुसार बांग्लादेश और अमेरिका के बीच एक समझौता हुआ है। समझौते के अनुसार वाशिंगटन ढाका को कपड़ों पर विशेष छूट प्रदान कर रहा है। वहीं अमेरिका से कच्चा माल खरीदकर उसको तैयार करने के बाद पुन: वाशिंगटन निर्यात किया जाता है तो उस पर 0 प्रतिशत टैरिफ लगाया जायेगा।
यह भारत के कपड़ा उद्योग के लिए बड़ा हमला बताया गया है। क्योंकि भारत से निर्यात होने वाले कपड़े पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाता है। अभी ढाका नई दिल्ली से कपास की खरीद करता है और वाशिंगटन ने उसके लिए अपने द्वार भी खोल दिये हैं।
अब अमेरिका में मेड इन इंडिया और मेड इन बांग्लादेश के बीच मुकाबला होगा। दरों के हिसाब और ब्रांड के आधार पर अमेरिकंस किस तरह की खरीदारी करते हैं, यह आने वाले समय में पता लगेगा।
मैक्रां ईयू को अमेरिका से दूर क्यों करना चाहते हैं?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां अगले साल अपने दूसरे साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उनके मौजूदा कार्यकाल को एक साल का वक्त रह गया है। फ्रांस के संविधान के अनुसार निरंतर एक व्यक्ति दो बार राष्ट्रपति रह सकता है। उनका दूसरा टर्म पूरा हो रहा है और अब उनको पार्टी से अपने उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी।
वहीं इस समय उनका फोक्स अमेरिका पर है और उन्होंने मंगलवार को एक बार पुन: बयान दिया है। उनका कहना है कि ग्रीनलैण्ड कांड के बाद यूरोप को नयी सोच उत्पन्न करनी चाहिये। मैक्रां को इस तरह से अमेरिकी विरोधी बयानबाजी के लिए लगातार जाना जा रहा है। यह विवाद उसके बाद सामने आया जब पिछले वर्ष सितंबर माह में अमेरिका यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र कार्यालय जाते समय उनके काफिले को बीच में रोक दिया गया था और मैक्रों को पैदल जाना पड़ा था।
