निकोलस के जेल जाने बाद वेनेजुएला की बदल सकती है तस्वीर
श्रीगंगानगर। अमेरिका ने वेनेजुएला गणराज्य पर हमला करते हुए उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपनी हिरासत में ले लिया। यह अचंभित करने वाला निर्णय और कार्यवाही थी। वेनेजुएला जो कभी अपनी समृद्धता और सुंदरता के लिए जाना जाता था, वह देश उधारी से अपने देश के लोगों का जीवन चला रहा था। राष्ट्रपति मादुरो माक्र्सवादी थे, इस कारण लाल झंडा वाले लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। श्रीलंका, चीन के बाद वेनेजुएला वामपंथियों का पिछले कुछ दशक से गढ़ बना हुआ था।
संयुक्त राज्य के चीफ कमांडर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आलोचना कर रहे हैं और इस कार्यवाही पर अपनी राय दे रहे हैं। हालांकि यह मुद्दा निजी लाभ और हानि से जुड़ा है। चीन जो कम्युनिस्ट देश है, वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा आयातक है। चीन ने वेनेजुएला को कर्जा दिया हुआ है और इसके बदले में वह तेल प्राप्त कर रहा था रियायती दरों पर।
मादुरो के न्यूयार्क की जेल में जाने के बाद जिसको निजी तौर पर हानि हो रही है वह डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ लाल झंडा लेकर निकल रहा है और प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को गिरफ्तार किया हो, इससे पहले ईराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को भी इसी तरह से गिरफ्तार किया गया था किंतु उस समय अमेरिका और इराक के बीच लम्बा युद्ध चला था। वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला पर कार्यवाही के लिए लम्बा होमवर्क किया। मात्र तीन से चार घंटों के बीच ही मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया और युद्ध को अपने नाम विजय के रूप में शामिल कर लिया।
मादुरो के पास मित्र राष्ट्रों के नाम पर चीन, रूस आदि देश थे किंतु अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की तैयारियों की किसी को भेद तक नहीं लग पायी और आसमान में जो सैटेलाइट थे, वे भी अमेरिकी सेना की तैयारियों को कैप्चर नहीं कर पाये।
मादुरो ही क्यों?
बड़ा सवाल यह है कि वेनेजुएला को निशाना क्यों बनाया गया। असल में वामपंथी नेता निकोलस मादुरो के शासनकाल में देश गहरे आर्थिक संकट में फंस गया था। उनको डिटेक्टर के रूप में जाना जाता था और देश उधारी से लेकर अपना काम चला रहा था। क्यूबा के साथ व्यापार के बदले चिकित्सा सहायता प्राप्त कर रहा था और अन्य सुविधाओं के लिए रूस, चीन और भारत जैसे देशों से ऋण लेता था।
दक्षिण अमेरिका के देश हालांकि अमेरिका की इस कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए बयान दे रहे हैं क्योंकि क्यूबा, कोलम्बिया, मैक्सिको ऐसे देश हैं जो अभी भी अमेरिका के निशाने पर है। राष्ट्रपति ट्रम्प का प्रशासन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोप लगा रहा था कि मादुरो उनके देश को रात के अंधेरे में ड्रग्स की सप्लाई करने वालों को शह दे रहा है।
कभी मिस वल्र्ड और यूनिवर्स का केन्द्र था वेनेजुएला
वेनेजुएला ने दुनिया भर में सर्वाधिक 13 बार मिस यूनिवर्स और मिर्स वल्र्ड के खिताब जीते हैं और भारत 9 बार यह सम्मान पा चुका है। निकोल्स के राष्ट्रपति के निधन के बाद वे उपराष्ट्रपति से राष्ट्रपति पद तक पहुंच गये। 2018 से लेकर 2025 तक उन पर अनेक तरह के प्रतिबंध लग चुके थे क्योंकि उनके चुनावों को अमेरिका सहित कई देश मान्यता नहीं दे रहे थे। चुनाव धांधली और अन्य तरह के आरोप लग रहे थे।
आरोप यह भी थे कि उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर वहां पर अपने नजदीकी लोगों को नियुक्त कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय जमात में भी सिंडीकेट?
जिला या राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर यह बयान सामने आते रहे हैं कि सिंडीकेट के जरिये सरकारी धन को लूटा जा रहा है। अगर वेनेजुएला के मैटर को ध्यान से देखा जाये तो सामने आता है कि वहां पर एक सिंडीकेट कार्य कर रहा था, यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का था। रियायती दरों पर तेल खरीदकर यूरोप व अन्य देशों को महंगे दामों पर बेचा जाता था। इस तरह से भारी मुनाफा कमाया जा रहा था।
अरब के पास होने के बावजूद अमेरिका महाद्वीप से होता था तेल का व्यापार
डोनाल्ड ट्रम्प पर आरोप है कि वे 300 अरब बैरल तेल को हासिल करने के लिए वेनेजुएला पर अटैक कर चुके हैं, लेकिन इस बात को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। वेनेजुएला अमेरिका महाद्वीप में दक्षिण छोर पर बसा देश है। कुछ देश मादुरो को एडवांस में अरबों डॉलर लेते थे और वहां से अपने मनमाने रेट पर ऑयल की खरीद करते थे। देश में बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी विभागों में पर्याप्त संसाधन ही नहीं थे जबकि वेनेजुएला खनिज पदार्थों से परिपूर्ण देश है। काराकस का सबसे नजदीकी मास्को और बीजिंग थे। रूस ने तो कई सालों तक अपनी फोज को भी मादुरो की मदद के लिए वहां रखा। मादुरो के पास तेल निकालने के लिए आधुनिक तकनीक नहीं थी, जिसे रूस उपलब्ध करवा रहा था ओर अपनी सरकारी कंपनियों की मदद से वहां पर निवेश कर ऑयल का दोहन कर रहा था। अनेक देश अरब के नजदीक होने के बावजूद अपने कार्गो को काराकस तक भेज रहे थे। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि लूट किस कदर मची हुई थी।
क्यूबा, कोलम्बिया को भी गंभीर चेतावनी
अमेरिका ने अब क्यूबा और कोलम्बिया देशों की सीमाओं के आसपास समुन्द्री इलाकों में अपने फाइटर जेट की सीरिज को भेज दिया है। दर्जनों लड़ाकू जहाज वहां उड़ रहे हैं और साफ संकेत दे रहे हैं कि अगर अमेरिका में ड्रग्स को भेजा गया तो वह निश्चित रूप से उन पर भी वेनेजुएला जैसी स्ट्राइक कर सकता है।
अमेरिका उपनिवेश नहीं बनायेगा
राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ किया है कि वे वेनेजुएला को उपनिवेशक नहीं बनायेंगे बल्कि वहां पर रोजगार, तेल उत्पादन बढ़ाकर उस क्षेत्र के लोगों को आर्थिक सहायता पहुंचायेंगे ताकि वहां पर हैल्थ सैक्टर को मजबूत और बेरोजगारी को समाप्त किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अपने देश में आयकर विभाग को समाप्त करने का भी संकेत दिया है।
