पुलिस थाना में पोस्टिंग के बदले अस्मत!


श्रीगंगानगर। पुलिस थाना में पोस्टिंग के बदले अस्मत की मांग किया जाना क्या न्यायोचित है। बीकानेर रेंज में यह सवाल बड़ी शिद्धत के साथ उठाया जा रहा है लेकिन जवाब पीएचक्यू नहीं दे पाया है। 

बात पुरानी है लेकिन अब ताजी हो गयी है। एक पुलिस निरीक्षक का कहना है कि उनके एक अधिकारी ने एक महिला को पोस्टिंग देने के बदले में उससे अस्मत की मांग कर ली। इस मामले को लेकर शोर मच गया और अधिकारी ट्रांसफर के साथ अमेरिका चला गया। 

वहां पर समय बीताने के बाद अब फिर लौटा तो पुलिस विभाग में सुगमगाहट आरंभ हो गयी है। विभाग में इस तरह से इज्जत की मांग करना बताता है कि बैल्ट की इस नौकरी में कुछ भी सुरक्षित नहीं है और आवाज उठाना भी मुश्किल है। 


दो साल से ज्यादा समय के बावजूद अधिकारियों का तबादला नहीं

पुलिस विभाग में एक जिला या एक थाना में नियुक्ति का कार्यकाल 2 साल निर्धारित किया हुआ है। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद नियम बनाये गये थे। 

अब भी श्रीगंगानगर जिले में अनेक ऐसे अधिकारी हैं जिनका कार्यकाल पूरा हो चुका है लेकिन दबाव की राजनीति के चलते उनका तबादला नहीं हो रहा है। 

कई अधिकारी तो पांच-पांच साल जिले में बिता चुके हैं।

Popular posts from this blog

ईरान परमाणु हथियारों पर समझौता करेगा, ट्रम्प इस्लामाबाद जायेंगे!

कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों में बदलाव किसी धमाके से कम नहीं

ट्रम्प से मुलाकात : सनाए ताकाईची आज व्हाइट हाउस में