मोदी सरकार की मदद कर पायेगा ड्रैगन, ट्रम्प ने अमेरिकंस से कहा, ईश्वर हमारे साथ है!





श्रीगंगानगर। भारत गणराज्य की सरकार के मुखिया और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच आपसी खींचतान के चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और कमजोर होता हुआ 91 रुपये के आकड़े को पार कर गया। हालांकि नरेन्द्र मोदी की सरकार इसके बाद भी अमेरिकी ट्रेड डील पर कोई निर्णय नहीं कर पायी है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रुपया और नीचे जा सकता है। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों और विदेश, युद्ध और आर्थिक नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, ईश्वर हमें आशीर्वाद दे रहे हैं क्योंकि वो हमारे पास हैं। हमारे साथ हैं। 

अमेरिका और भारत के बीच पिछले तीन दशक में संबंध सबसे कमजोर हो चुके हैं। दोनों देशों के नेता एक-दूसरे को अपना मित्र बता रहे हैं, लेकिन ट्रेड डील नहीं हो पा रही है। 

भारत गणराज्य की सरकार अपने ऊपर बढ़ रहे दबाव को ध्यान में रखते हुए चीन के साथ संबंध बनाने के लिए फिर से जुटा है। मोदी सरकार ने चीनी इंजीनियर्स को भारत में आने और काम करने के लिए अपने वीजा नियमों में बदलाव करने की जानकारी दी है। द हिंदू ने इस संबंध में रिपोर्ट का प्रकाशन किया है। 

इससे पहले रूस, चीन और भारत ने आईआरसी योजना के तहत एक-दूसरे देश का दौरा किया है। भारत अमेरिकी दबाव को कम करने के लिए रुपया कमजोर होता देख रहा है, चीन के साथ संबंध को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। हाल ही में रूसी राष्ट्रपति ने भी भारत की यात्रा की। 

वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने राष्ट्र के नाम संदेश में आर्थिक, युद्ध और विदेश नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, महंगाई कमजोर हो रही है। रोजगार के अवसर ज्यादा पैदा हो रहे हैं। 100 प्रतिशत तक रोजगार बढ़ रहा है। 

उन्होंने कहा कि अमेरिका इज बैक। ईश्वर हमें आशीर्वाद दे रहे हैं। 

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