राठी खेड़ा बना कुरुक्षेत्र! भारी संख्या में जुटे किसानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले

 




श्रीगंगानगर। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में बुधवार 10 दिसंबर 2025 को पुलिस और किसान आमने-सामने हो गये। किसान उस मिल का विरोध कर रहे थे जो राठी खेड़ा गांव की जमीन पर बनायी जा रही है। टिब्बी थाना क्षेत्र में स्थापित की जा रही इस फैक्ट्री में ‘मक्का’ से एथेनॉल को तैयार किया जायेगा। 

भारतीय जनता पार्टी की सरकार को हिन्दू समर्थक माना जाता है। हालांकि इस बात को नहीं भूला जाना चाहिये कि उसी सरकार के कार्यकाल में एक संत ने गंगा को स्वच्छ करने के लिए आमरण अनशन करते हुए हरिद्वार में दम तोड़ दिया था। 

भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित और अनुमति प्राप्त एथेनॉल तैयार करने के लिए राठी खेड़ा गांव का चुनाव किया गया। उसी तरह से जैसे बाड़मेर में ‘पच पदरा’ गांव में रिफाईनरी तैयार की जा रही है। 

राठी गायं हिन्दुओं के लिए पूजनीय

भारत सरकार की नीतियों की वजह से हिन्दू सिख और किसानों में इस बात का भारी विरोध था। राठी गायं राजस्थान में धार्मिक महत्व रखती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाये तो इससे ए-2 भी प्राप्त होता है और इसमें बी 1, बी 2, बी 6 तथा विटामिन डी भी होता है।  कैलिशियम की कमी को भी इससे पूरा किया जाता है। 


भारत सरकार की नीति

भारत सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों में मिलावट के लिए एथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है। नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोलियम पदार्थ सबसे ज्यादा महंगे बेचे जा रहे हैं और भारी-भरकम टैक्स लगाया जा रहा है। 

अब उसी पेट्रोल में मिलावट की जा रही है और उसमें 20 प्रतिशत तक एथेनॉल की मिलावट को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान कर दी है। वहीं वाहन चालक अपने वाहनों के अचानक बंद होने और मैंटीनेंस खर्च ज्यादा आने की शिकायतें भी कर रहे हैं, किंतु इसका कोई असर नहीं हो रहा। 

 किसानों ने 10 दिसंबर को कॉल की थी बैठक

राठी खेड़ा गांव में लगभग 40 बीघा जमीन में फैक्ट्री को तैयार किया जा रहा था। किसान इसका कई माह से विरोध कर रहे हैं और आखिर में 10 दिसंबर को किसानों ने कॉल की। पंजाब, हरियाणा और श्रीगंगानगर सहित अनेक स्थानों से किसान इस बैठक में पहुंच गये और भारी भीड़ जुट गयी। भीड़ ने फैक्ट्री को ही तत्काल समाप्त करने के लिए कूच कर दिया। ट्रैक्टरों के माध्यम से फैक्ट्रियों की दीवारों को गिरा दिया गया। 

पुलिस ने बल प्रयोग किया तो किसानों ने वहां खड़े अनेक वाहनों में आग लगा दी, जिस तरह का आरोप पुलिस  ने लगाया है। देर शाम को खबरों में बताया गया कि आग से कम से कम 10 कारें, चार बाइक जल गये। जेसीबी मशीन भी क्षतिग्रस्त हो गयी। इस तरह से भीड़ पर आंसू गैस के गोले और प्लास्टिक की गोलियां भी चलायी गयी, जिससे कई किसान घायल हो गये। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि उनके भी अनेक अधिकारियों को चोट आयी है। वहीं संगरिया विधायक अभिमन्यू पूनिया के सिर में चोट आयी और उनको अस्पताल में भर्ती करवाकर सीटी स्कैन करवाया गया। 

‘मक्का’ से बनेगा एथेनॉल

राठी खेड़ा गांव में राठी नाम आता है तो इससे धार्मिक भावनाएं भी जागृत हो जाती हैं जो हिन्दुओं के लिए पूजयनीय गाय है। उस गांव में मक्का से एथेनॉल बनाया जायेगा। हरित मक्का का नाम आने के बावजूद एक अन्य धार्मिक स्थल का भी नाम एड हो जाता है। इसी कारण फैक्ट्री का विरोध हो रहा था। 

एक किसान का तो आरोप था कि यह फैक्ट्री 56+2+2 से जुड़े लोगों द्वारा अन्य से पार्टनशिप में तैयार की जा रही है। 

अगर भागौलिक दृष्टि से देखा जाये तो राठी खेड़ा गांव में फैक्ट्री लगाने से कोई आर्थिक बचत भी नहीं हो रही। यह संगरिया से 30 किमी की दूरी पर है, जहां पर भारत माला सडक़ का निर्माण किया जा रहा है, जो अमृतसर को जामनगर और बाड़मेर में पच पदरा गांव को जोड़ेगी। दोनों ही स्थानों पर पेट्रोल की रिफाईनरी है। 

यह कितना बड़ा टोना-टोटका है, इसको कई लोग भले ही स्वीकार नहीं करें, लेकिन यह सत्य से परे नहीं है। 

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