अदृश्य संगठित अपराध को तलाश कौन करेगा?

 


नई दिल्ली। भारत गणराज्य के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के एक कार्यक्रम में कहा, ‘संगठित अपराध अदृश्य हो गया है।’ अब सवाल यह पैदा हो रहा है कि इस अदृश्य अपराध की तलाश कौन करेगा?

देश-विदेश की जनता देख रही है कि संगठित अपराध किस तरह के कृत्यों पर उतर आया है और चिंतक की हालत यह है कि वो सो भी नहीं पा रहे हैं। माओवाद का सफाया करने वाले गृहमंत्री अमित शाह बिहार चुनाव में अतिव्यस्त हैं और उनके पास शायद देश की समस्याओं को जानने व उसको समाप्त करने के लिए समय ही नहीं है। 

देश के पीएम नरेन्द्र मोदी ने देश को गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी का बताया था। उस देश के भीतर अपराध संगठित हो रहा है। यह अपराध पुराना था, किंतु जिस तरह से अपराध ने अपना अभी का रूप दिखाया है, उसके बाद सरकार की क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं। 

बिग बॉस कर रहे हैं अपराध का नेतृत्व?

हजारों-लाखों करोड़ का व्यवसाय करने वाले अनेक व्यापारिक नेता हैं, जो इस अपराध और आतंकवाद का पर्दे के पीछे से नेतृत्व कर रहे हैं। सरकार कुछ नहीं कर पा रही है। भारत के मित्र देश भी चिंतित हैं। 

असल में सरकार ने इनको खिला-पिलाकर इतना बड़ा बना दिया है कि यह भस्मासुर बन गये हैं। भस्मासुर को भगवान श्री शंकर  जी ने वरदान दिया था और बाद में वह उन्हीं का दुश्मन बन गया था। 

इसी तरह की हालत मौजूदा सरकार की है। सरकार के नजदीकी मित्र, गौतम अडाणी समूह के शेयर मार्केट में एलआईसी ने 3.9 बिलियन डॉलर का निवेश किया था, उस समय जब अडाणी के खिलाफ अनियमितताओं की रिपोर्ट एक विदेशी पत्रिका ने सार्वजनिक की थी और कंपनियों के शेयर्स नीचे आ रहे थे। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए एलआईसी को निवेश करने के लिए कहा गया। 

असल में सरकार ने डिजीटलकरण के चक्कर में अनेक बड़ी कंपनियों को खुदरा बाजार में प्रवेश की अनुमति दे दी है और इससे छोटे व्यापारी जो लॉकल लेवल पर सामान का विक्रय करते थे, वे इस समय असहाय नजर आ रहे हैं। 


सोशल मीडिया पर शाह का वीडियो वायरल!

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया जा रहा है कि उनके जूतों को एक व्यक्ति साफ कर रहा है। यह वीडियो एक हवाई यात्रा का बताया गया है। जो व्यक्ति जूता साफ कर रहा है वह दिल्ली के एक मीडिया घराने से जुड़ा हुआ है, यह बताया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो के असली होने की पुष्टि नहीं है और यह एआई जनरेटेड भी हो सकता है। अगर इस वीडियो को असली माना जाये तो यह कहा जा सकता कि मीडिया की हालत भारत देश में किस तरह की हो गयी है। 

अगर हम राजनाथ सिंह के बयान की व्याख्या करते हैं तो यह सवाल भी जन्म लेता है कि आखिर अदृश्य अपराध को दुनिया के सामने किस तरह से लाया जा सकेगा। 


आसियान का शिखर सम्मेलन

मलेशिया में आज से आसियान (दक्षिण पूर्व देशों का समूह) का शिखर सम्मेलन आरंभ हो रहा है। इसमें चीन, अमेरिका, जापान और भारत जैसे बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष अथवा उनके प्रतिनिधि भाग लेंगे। 

पिछले 50 सालों से भी अधिक समय से दलाई लामा को भारत  ने शरण दी हुई है। तिब्बती लोगों को भारत में व्यवसाय के लिए छूट भी मिली हुई है। दलाई लामा को शांति का नोबल पुरस्कार भी मिला हुआ है लेकिन आसियान देश क्या चीन के कब्जे वाले तिब्बत को लेकर कोई बयान देंगे ताकि तिब्बती लोगों की घर वापसी हो सके। 

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