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मोदी-ट्रम्प की निजी नाराजगी भी भारत का राष्ट्रीय मुद्दा बन गयी?

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श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर आयात शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। इसका असर लाखों नहीं करोड़ों लोगों के रोजगार पर दिखाई देने लगा है। अप्रत्यक्ष-प्रत्यक्ष रूप से 190 बिलियन डॉलर के निर्यात से करोड़ों लोगों को रोजगार हासिल हो रहा था।  ट्रम्प के 2016-20 के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दो बोइंग विमान दिये गये, जो संयुक्त राज्य के राष्ट्राध्यक्ष के समान ही सुविधाएं रखते हैं। इन दो बोइंग स्पैशल विमान से प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ने दुनिया भर की सैर की है। उस समय ‘एक बार फिर ट्रम्प सरकार’ का नारा भी लगाया गया था।  वर्ष 2024 में राष्ट्रपति ट्रम्प को बधाई देने वालों में मोदी सबसे पहले फोन करने वाले राष्ट्राध्यक्ष थे। इसका भी खूब प्रचर किया गया।  भारत गणराज्य की सरकार कह रही है कि हम रूस से सस्ता तेल खरीद रहे हैं। वो खरीदते रहेेंगे। यह सामने आ चुका है कि मास्को से खरीदा गया तेल यूरोपियन यूनियन देशों को बेचा गया। 600 बिलियन से ज्यादा की राशि का मुनाफा अकेले मुकेश अम्बानी को हुआ।  मुकेश अम्बानी अगस्त 2025 से पूर्व मोदी के खा...

रूस दुनिया को क्या संदेश दे रहा है?

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मास्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रम्प की वार्ता अलास्का में हुई और संयुक्त बयान में कोई विशेष जानकारी औपचारिक रूप से नहीं दी गयी किंतु पुतिन ने अपने एक संदेश से दुनिया को बता दिया कि ट्रम्प और उनकी ट्यूनिंग अच्छी है। इसके उपरांत यूक्रेनी नेता व्लादीमिर जेलेंस्की, यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक में भी संयुक्त राज्य की ओर से पुतिन को हॉटलाइन से सम्पर्क साधा गया। इस तरह से अगले एक पखवाड़ा में पुतिन, जेलेंस्की की मुलाकात संभव है।  अमेरिकी-रशिया की जल सीमा पर बसे अलास्का में डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन की मेजबानी की और उनके लिए रेड कारपेट बिछाया गया। लम्बी वार्ता हुई और आखिर में ट्रम्प ने यह बयान दिया कि दोनों देश युद्धविराम या अन्य डील नहीं कर पाये हैं।  अब यहां से कूटनीतिक संदेश पुतिन की ओर से दिया गया और उन्होंने कहा, अगली बैठक होगी जो मास्को आयोजित करेगा। यह एक लाइन उन्होंने अंग्रेजी भाषा में कही। रशिया में अंग्रेजी भाषा नहीं बोली जाती और शिखर सम्मेलन के दौरान भी रूसी नेता रशिया में ही बात करते हैं किंतु यहां उन्होंने अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल किया।...

प्रोपर्टी बाजार अब टूटा, एक माह में ईडी की दो कॉलोनाइजर्स के खिलाफ कार्यवाही

श्रीगंगानगर। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल (सेनाध्यक्ष) आसिफ मुनीर और भारतीय सेना के महानिदेशक जनरल जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के बयानों को देखा और सुना जाये तो सामने आ रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। पाक आर्मी चीफ सहायता के लिए व्हाइट हाउस भी जाकर आये हैं और चीन के साथ भी सम्पर्क बनाये हुए हैं।  इस तरह से युद्ध की आशंका बनी हुई है। दोनों देशों के बीच कभी भी जमीनी संघर्ष भी हो सकता है। फिलहाल युद्ध की आशंकाओं के कारण प्रोपर्टी बाजार भी प्रभावित हो रहा है।  अगर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय की चर्चा की जाये तो एक माह के भीतर दो ईडी की कार्यवाही हो चुकी है। इस दौरान तोता के हरी मिर्च खाने की भी चर्चा चल रही है।  करीबन एक माह पहले सीजीआर मॉल और कई कॉलोनियों के संचालक अमन चौधरी के खिलाफ कार्यवाही हुई थी। अब रिद्धि-सिद्धि सीरिज के संचालक मुकेश-सुरेश शाह ब्रदर्स जांच के दायरे में आये थे। असल में करीबन 6 साल पहले रिद्धि-सिद्धि सीरिज की तीन या चार कॉलोनियां ही थीं और इस वकवे के बीच में 19 कॉलोनियों पर काम चल रहा है।  रिद्धि-सिद्धि सीरिज में 3, 4, 5 तक सब ठीक था...

‘स्वर्ण नगरी के राजा’ शाह के घर पहुंची ईडी

श्रीगंगानगर। अवैध धन शोधन के खिलाफ कार्यवाही करने वाली एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर रिद्धि-सिद्धि के डवल्पर मुकेश शाह संस्थानों पर रेड की है। मुकेश ने हाल ही में नया मकान बनाया था, जिसका नामकरण ‘स्वर्ण नगरी’ रखा गया।  स्वर्ण नगरी की पहले बातचीत की जाये तो रावण की लंका नगरी ‘स्वर्ण नगरी’ कहलाती थी। इसके उपरांत वर्तमान में जैसलमेर को गोल्डन सिटी कहा जाता है और इसी जिले में बाबा रामदेव का पूजनीय समाधिस्थल है। मुकेश शाह ने कुछ दिन पूर्व ही अपने नये घर का निर्माण करते हुए उसे स्वर्ण नगरी नाम दिया था।  कोलकाता से आयी है ईडी की टीम श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर स्वर्ण नगरी के राजा और अनेक कॉलोनियों के डवल्पर मुकेश शाह ने रिद्धि-सिद्धि सीरिज के तहत अनेक कॉलोनियों का निर्माण किया था। अनेक विवादित स्थल खरीदे गये थे और वहां पर कॉलोनियां डवल्प की गयीं।  कहा जा रहा है कि कोलकाता में ईडी को शिकायत हुई थी, इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय की टीम श्रीगंगानगर पहुंची। मुख्य कार्यालय और घर पर अधिकारियों की टीम दस्तावेज आदि की जांच कर रही है।  एक सूत्र ने नाम न छापन...

रशिया-चीन के सहारे दिल्ली मजबूत हो सकती है?

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न्यूयार्क। अमेरिका ने भारत पर व्यापारिक टैक्स को 50 प्रतिशत तक करने का निर्णय लिया है और इससे शेयर बाजार ही नहीं गिरे बल्कि आयात-निर्यात से जुड़े लोग भी बेरोजगार हो सकते हैं। रूस और चाइना के सहारे भारतीय गणराज्य की सरकार के थिंक टैंक यह मान रहे हैं कि हम बाजार में टिके रह सकते हैं, जबकि सच्चाई यह है करीबन 200 बिलियन डॉलर का बाजार खोज पाना भारतीय निर्यातकों और नेताओं के लिए आसान नहीं होगा।  चीन ऐसा देश है, जिस पर जब-जब भारतीयों ने विश्वास किया, तब-तब धोखा खाया है। 60 का दशक हो या गत 2020 का दशक वही नजारे देखने को मिले हैं। 60 सालों में चीन नहीं बदल पाया है। 1960 के दशक में हिन्दी-चीनी भाई का नारा दिया और फिर आक्रमण कर दिया। 2014 के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भारत ने आमंत्रित किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें अपने गृहनगर ले गये। वहां पर उनको खूब सादर-सत्कार किया और जब शी वापिस बिजिंग पहुंचें तो चीनी सेना ने भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर लिया। एक बार झड़प भी हुई। भारतीय सैनिकों की फिर से शहादत हुई।  चीन फिर से नहीं माना और डोकलाम विवाद भी सामने आ गया। कई माह तक...

बैकफुट पर खेल रहे मोदी अब ला सकते हैं इमोशनल ड्रामा!

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  श्रीगंगानगर। स्वदेशी सामान का नारा देकर ‘मेक इन इंडिया’ के सहारे दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके नरेन्द्र मोदी अब इमोशनल ड्रामा खेलकर अपनी सीट बचाने की कोशिश में लगे हैं। आरएसएस का दबाव है। अमेरिका अपना प्रभाव दिखा रहा है। नाटो चेतावनी दे रहा है और कैबिनेट सदस्य मुखर हो रहे हैं।  चीन के साथ कुछ ही माह हुए हैं जब भारतीय सैनिकों को शहादत देनी पड़ी थी और भारत के भीतर आरएसएस-मोदी सरकार ने चीनी सामानों का बहिष्कार का एलान कर दिया था। कई मोबाइल एप्लीकेशन को प्रतिबंधित कर दिया गया। मेक इन इंडिया का नारा दिया गया। स्वदेशी जागरण मंच ने चीन के विक्रय स्थानों पर दुकानों को बंद करवाने की चेष्टा की।  अब वही चीन नरेन्द्र मोदी को प्यारा लग रहा है और वे 31 अगस्त को ड्रैगन के साथ शिखर बैठक करने वाले हैं। चीन निर्मित वस्तुओं ने भारत के व्यापारिक साम्राज्य को प्रभावित किया और वहीं वे जा रहे हैं। एक तरफ उनका भाषण होता है कि भारत के मेहनत और पसीने से बने उत्पाद ही खरीदे और बेचे जायेंगे।  वे हाल ही में ब्रिटेन को खुश करके आये हैं। उनके लग्जरी उत्पाद और शराब आदि को शुल्क मुक्त कर दिया गया, ...

बधाई हो आज 5 अगस्त है!

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श्रीगंगानगर। भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 जुलाई को ही इंग्लैण्ड का दौरा कर वहां की लग्जरी आइटमों और शराब पर कोई टैक्स नहीं लगाने का समझौता करके आये हैं। वे शायद यूनाइटेड किंगडम यात्रा को भूल गये और भारत में एक राजनीतिक सभा को संबाधित करते हुए कहा, जिस उत्पाद में भारतीयों का पसीना बहा होगा, उसी मेहनत के उत्पाद को खरीदा जायेगा।  अब सवाल उठाने वाले सवाल उठाते हैं कि ब्रिटिश शराब के निर्माण में कौनसा भारतीय पसीना बहा है? शुल्क मुक्त समझौता के लिए ब्रिटेन और भारत के बीच कई सालों से बातचीत चल रही थी। व्हाइट हाउस में ट्रम्प की वापसी हुई, ‘जिन्होंने बदले-बदले हैं साहब!’ का संकेत दिया तो तुरंत पीएम ब्रिटिश सरकार की गोदी में जाकर बैठ गये। इससे पहले ब्रिटेन सरकार के जी-7 समिट में निमंत्रण मिलने पर भी यात्रा नहीं की थी।  अमेरिका और भारत के बीच पिछले कम से कम 6 साल से टू प्लस टू (दोनों देशों के विदेश और रक्षामंत्री) बैठकों का दौर चल रहा था। इस दौरान किसी भी कदम पर सहमति नहीं बन पायी।  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मास्को के व्लादीमिर पुतिन से दो बार फोन कर यूक्रेन के स...