Wednesday, February 4, 2026

 

मोदी क्यों बदलते चले गये राष्ट्रीय राजमार्गों के नाम? अमेरिका ने भारतीय अर्थव्यवस्था को दी ऑक्सीजन-रुपया और शेयर बाजार दोनों में चमक, लियो की नीतियां मसीह की आवाज को मजबूत करती हैं?



श्रीगंगानगर। पोप लियो इन दिनों चर्चा में हैं। वे पहले अमेरिकन पोप हैं जो वेटिकन के बॉस बनाये गये हैं। 250 करोड़ से ज्यादा इसाई समाज के वे सबसे बड़े धर्मगुरु हैं, लेकिन हमें पहले ईश्वर की संतान, ईसा मसीह के शब्दों को याद करना होगा, उन्होंने अपने हमलावरों को भी यह कहकर माफ कर दिया कि हे प्रभु, यह नहीं जानते, ये क्या कर रहे हैं। इनको क्षमा कर देना। वहीं पोप लियो शायद इन शब्दों का मर्म नहीं समझ पा रहे हैं। वहीं अमेरिकन इवांका ट्रम्प ने बिना धार्मिक और सामाजिक भेदभाव किये पांच करोड़ महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का संकल्प लिया और आज की तारीख में वे महिलाएं स्वयं परिवार का पालन पौषण कर पा रही हैं। 


शेयर बाजार और रुपये में सुधार नहीं तेजी

दूसरी ओर देखा जाये तो सामने आ रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जिस तरह से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत देते हुए टैरिफ को 50 प्रतिशत से कम कर अचानक 18 प्रतिशत कर दिया, इससे इकॉनोमी को नयी ऊर्जा मिल गयी है और शेयर बाजार जो बजट के कारण 1 फरवरी 2026 को गिर गया था, वह फिर से ऊंचाइयों को छू रहा है। रुपया दो रुपये तक बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा है। 92 रुपये प्रति डॉलर को पार करने के बाद पुन: रुपया 90 रुपये की रेंज में आ गया है। हालांकि पिछले पांच सालों में रुपया 18 रुपये तक गिर गया है। 2020-21 में यह 72 रुपये तक ट्रेंड कर रहा था और अब वह 90 रुपये पर है। 


एनएच का नाम बदलने के क्या कारण रहे

वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के नाम बदलने का क्रम आरंभ किया था और यह अब भी जारी है। 

श्रीगंगानगर होकर पठानकोट-कांदला बंदरगाह तक का सफर तय करने वाला एनएच 15 को पीएम मोदी ने नया नाम दिया था 62 नंबर। अगर 62 नंबर को देखा जाये तो इसका अर्थ एफबी भी हो जाता है। एफबी अर्थात फेसबुक। उसी समय पीएम ने अमेरिका जाकर मार्क जुकरबुर्ग के साथ बैठक भी की और उनके साथ एक साक्षात्कार में भाग लिया। पहली बार एफबी पर वीडियो स्ट्रीमिंग भी देखने को मिली। इस तरह से 62 नंबर को उन्होंने एक नयी पहचान दे दी। नयी ऊंचाइयां पहुंचा दी। पीएम मोदी ने 61 नंबर नहीं दिया बल्कि 62 नंबर दिया। 

अब 61-62 का अंतर क्या होता है यह जानने के लिए नेटफिल्कस पर स्ट्रीमिंग हो रही 83 क्लास मूवी देखनी होगी, जो बॉलीवुड एक्टर बॉबी देयोल अभिनीत है। इसमें युवाओं को कोचिंग के दौरान किस तरह के माहौल से गुजरना होता दिखाया गया है। 

अब सवाल यह है कि एनएच 15 कहां गया? एनएच 15 गया, सीधे आसाम। पश्चिम बंगाल और आसाम को मिलाने वाले हाइवे का नाम दिया गया नैशनल हाइवे नंबर 15। अब आसाम-पश्चिम बंगाल को यह नंबर क्यों मिला। पश्चिम बंगाल में माता काली का महामंदिर है और बताया जाता है कि स्वामी विवेकानंद को वहीं माता के साक्षात्कार का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहीं आसाम में माता कामख्या का मंदिर है। नार्थ इस्ट को 15 नंबर दिया गया। 

श्रीगंगानगर का एसटीडी कोड है 0154, पीएम मोदी ने माता चामुण्डा देवी और पठानकोट को मिलाने वाले हाइवे का नाम 154 नंबर एनएच कर दिया। अब चामुण्डा माता के बारे में ज्यादा जानकारी देने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि दो राक्षस भाई हुए थे, जिनका नाम चण्ड और मुण्ड था। दोनों राक्षसों ने देवताओं के अधिकारों का हनन कर लिया था और उनके साम्राज्य पर कब्जा कर लिया था। 

माता दुर्गा ने अपने योगशास्त्र से कई देवियों को प्रकट किया और श्री मद्देवी भागवत पुराण के अनुसार मां दुर्गा के एक स्वरूप ने चण्ड-मुण्ड का संहार कर दिया था और इसी कारण मां ने उन देवी को चामुण्डा नाम की उपाधि दी। 

अब चामुण्डा मंदिर में शिव मंदिर भी स्थापित किया गया है और इस तरह से चामुण्डा मंदिर के मार्ग का मिलान सीधा पठानकोट हाइवे से कर दिया गया। पठानकोट का वह हाइवे सीधे श्रीगंगानगर होते हुए गुजरात तक जाता है। 

इस तरह से नरेन्द्र मोदी सरकार ने हाइवे का नाम बदलकर चामुण्डा माता, महाकाली माता, अमृतसर साहिब का सीधा कनेक्शन गुजरात से कर दिया। गुजरात से स्वयं नरेन्द्र मोदी आते हैं। 

यह खेल ऐसा चलाया गया है कि कई कार्ड देखकर भविष्य बताने वाले भी हैरान हो जायें। वहीं तांत्रिकों के लिए यह बड़ा आश्चर्यजनक नहीं कहा जा सकता है। 


बिश्रोई समाज का धरना जारी, खेजड़ी को बचाने की मांग

राजस्थान का बिश्रोई समाज खेजड़ी को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। करीबन 500 लोग अनशन कर रहे हैं और राजस्थान के इतिहास में संभवत: अनशनकारियों की यह संख्या सबसे ज्यादा होने के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। इसमें संत, महिलाएं और पुरुष समेत सभी वर्ग शामिल हैं। 


खेमचंद को मणिपुर का सीएम बनाया गया

नरेन्द्र मोदी ने भले ही नवीन नीतिन को पार्टी का अध्यक्ष बना दिया हो लेकिन यह साफ नजर आ रहा है कि वे रिमोट से चलने वाले अध्यक्ष हैं। अब मणिपुर में वाईएएम आरएजे खेमचंद को अध्यक्ष बनाया गया है। इन शब्दों को हिन्दी से अंग्रेजी में रुपांतरण किया जाये तो समाचार का मर्म समझ में आ सकता है। हालांकि उनको वाई खेमचंद के नाम से पुकारा जा रहा है। उन्होंने शपथ ले ली है और इस तरह से नार्थ ईस्ट जहां पर राष्ट्रपति शासन था और अजीत भल्ला वहां पर राज्यपाल के रूप में स्टेट को संभाल रहे थे, अब वहां लोकतांत्रिक पार्टी कार्यभार संभालेगी। भल्ला गृह विभाग के सचिव रहे हैं और उनको दो बार एक्सटेंशन दिया गया। इसके बाद उनकी नियुक्ति राज्यपाल के रूप में कर दी गयी। 






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