Friday, February 6, 2026

 

पंजाब की राजनीति में बाबा गुरविन्द्रसिंह ढिल्लो की एंट्री, भाजपा बनायेगी सीएम फेस? दिल्ली में 800 लोग गायब, 235 को तलाशने का दावा



श्रीगंगानगर। पंजाब की राजनीति में नया धमाका होने वाला है। एक डेरा से जुड़े बाबा को भाजपा राजनीति में लाना चाहती है और सभी तैयारियां पूरी हो गयी हैं। उनकी राजनीतिक शक्ति को किस कदर बढ़ा दिया गया है, यह पिछले दिनों पंजाब की जनता ने देखा भी है। सीएम भगवंत मान को भी बाबा के राजनीति में आने की फिक्र हो रही है, इस कारण उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना नाम लिखे उन्होंने कटाक्ष भी किया है। 

गुरविन्द्रसिंह और दिल्ली में रिश्ते पिछले कुछ समय में गहरे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरविन्द्रसिंह को पीएम आवास पर आमंत्रित किया है और स्वयं भी उनके मुख्य कार्यालय में भ्रमण किया है। इस तरह से दोनों की मित्रता है। ढिल्लो विवादों में भी रहे हैं और उन पर उनके भांजों ने ही 5 हजार करोड़ रुपये को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हल्फनामा भी दायर किया था। 

यह मामला दब गया क्योंकि इसके बाद बाबा के साथ पीएम की कई फोटोज सामने आ गये थे। 

गुरविन्द्रसिंह ढिल्लो को कुछ दिन पहले सारी दुनिया की नजरों में शक्तिशाली बाबा के रूप में पेश किया गया। जेल में बंद अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से वे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। उनकी मुलाकात के कुछ समय बाद ही अदालत ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। 

इस तरह से नई दिल्ली ने बाबा को एक पॉवरफुल पर्सन के रूप में पेश किया तो पंजाब से प्रतिक्रिया आनी थी और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर ढिल्लो का नाम लिये बिना कटाक्ष किया। 

गुरविन्द्रसिंह ढिल्लो के पास डेरा की हजारों करोड़ की सम्पत्ति का मालिकाना हक भी है। वे अमेरिका, कनाडा, यूके में सत्संग के लिए जाते रहे हैं। इस तरह से उनको अब पॉवरफुल सीएम के रूप में पेश किया जा रहा है। 

इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव में मेरे राम आयेंगे... का प्रचार किया गया और उत्तर प्रदेश से रामायण के राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को सांसद बनाया गया था। अब पंजाब की राजनीति को प्रधानमंत्री नया मोड़ देना चाह रहे हैं। 

अभी तक भाजपा अकाली दल का समर्थन करती रही है। अगर भाजपा को ज्यादा सीट आती है तो अकाली दल का समर्थन भी हासिल हो सकता है क्योंकि बिक्रम सिंह मजीठिया और सुखबीर सिंह बादल रिश्तेदार हैं। ढिल्लो मजीठिया को अपना रिश्तेदार बताते हैं। 

दिल्ली पुलिस पर उठे सवाल

दूसरी ओर 15 दिनों के भीतर 800 लोगों के लापता होने के बाद दिल्ली पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि 800 में से करीबन अढ़ाई सौ लोगों को तलाश लिया गया है लेकिन सच यह भी है कि करीबन 200 बच्चे अभी भी लापता हैं। अचानक 50 की एवरेज से बच्चों के गायब होने के बाद गृह मंत्रालय भी सवालों के घेरे में है। 






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