Wednesday, February 25, 2026
भारत और अमेरिका के बीच एक फिर ठन गयी है, सौलर पैनल पर 128 प्रतिशत टैक्स,
श्रीगंगानगर। भारत और अमेरिका के रिश्तों के बीच खटास बढ़ती जा रही है और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत पर सौर ऊर्जा से संबंधित उपकरणों के आयात पर 126 प्रतिशत टैक्स लागू किया है। इसके साथ ही यूएसए ने ‘स्टॉप इनसाइडर टे्रड एक्ट’ का भी प्रावधान किया है। यह बिल कानून बनने वाला है।
चीनी सामान की भारत में एक बार फिर भरमार हो रही है। पानीपत का हैण्डक्राफ्ट उद्योग इस का जीवित प्रमाण है जहां पर निर्माण से संबंधित उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं और एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 80 प्रतिशत तक कारखाने बंद हो गये हैं और चीन से सामान आयात किया जा रहा है।
इसी तरह से सौर ऊर्जा को लेकर भी यही चर्चा है कि भारत में उत्पादन की बजाय चीन से सामान को आयात किया जाता है और उसको अमेरिका निर्यात किया जाता है। अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर के कारण ऐसा होता है।
इस तरह के समाचारों के बीच अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सौर ऊर्जा से संबंधित उपकरणों पर 126 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है।
इससे पहले भारत और अमेरिका ट्रेड डील पर सहमत हो गये थे किंतु सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रम्प के फैसलों को पलट दिया था तो राष्ट्रपति ने 15 प्रतिशत ग्लोबल टैक्स का प्रावधान कर दिया। ट्रम्प ने कहा, भारत पहले 100 अरब के व्यापार में आयात कर नहीं देता था किंतु अमेरिका पर लगाया जाता था अब उल्टा हो गया है।
इस तरह से दोनों देशों के बीच एक बार फिर से ठन गयी है क्योंकि भारत गणराज्य की सरकार ने वाशिंगटन के साथ होने वाली टे्रड डील संबंधित वार्ता को भी स्थगित कर दिया था।
महानगरों में दूध की भारी कमी फिर भी डील नहीं, क्यों?
अभी कुछ दिन पहले ही राजस्थान के तीन शहरों में 14 हजार लीटर नकली दूध बरामद किया गया। तीन शहरों से यह बरामदगी हुई और अगर इसको आधा दर्जन या एक दर्जन जिलों में छापामारी की जाती तो यह मात्रा कई गुणा तक बढ़ सकती थी।
जयपुर, दिल्ली, मुम्बई सहित बड़े शहरों की जनसंख्या हर दिन बढ़ती जा रही है और उस समय दूध आसपास के शहरों से मंगवाया जाता है जो हजारों या इससे कहीं ज्यादा मात्रा में होता है।
मांग के मुकाबले भारत में दूध का उत्पादन कम हो गया है, यह सरकारी आकड़े हैं, इसके बावजूद दूध उत्पादन बढ़ावा देने के लिए सरकार के पास कोई परिणाम नहीं है।
इस तरह की स्थिति होने के बावजूद डेयरी उद्योग को संरक्षण देने के लिए अभी विदेशी संस्थानों को दूध एक्सपोर्ट की अनुमति नहीं दी गयी है। यह भय दिखाया जा रहा है कि इससे स्थानीय पशुपालकों को नुकसान होगा। यह नहीं दिखाया जा रहा कि दूध की कमी के कारण नकली दूध बाजार में आ रहा है जो सिंथेटिक होने के कारण अनेक लोगों को बीमारियां दे रहा है।
मिलावट अकेले दूध में नहीं है बल्कि दूध निर्मित खोया, पनीर और घी आदि में भी है। नकली दूध, नकली उत्पाद, यह कहानी हकीकत बन गयी है।
स्टॉप इंटरनल ट्रेड एक्ट की चर्चा
राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह को अमेरिका की संसद में भाषण दिया तो उन्होंने डेमोक्रेटिक नेता नेैनसी पेलोसी की भी आलोचना की, जो कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं, उनकी आलोचना को मौजूदा डेमोक्रेट्स ने भी खड़े होकर अभिवादन किया।
वहीं स्टॉप इंटरनल ट्रेड एक्ट की भी चर्चा हुई। इस दौरान ही यह समाचार आ गया कि अमेरिका ने भारत पर सौर ऊर्जा पर 126 प्रतिशत टैक्स लगा दिया है।
वोटर आईडी-सेव अमेरिका एक्ट अभी भी डेमोक्रेट्स के पास
वोटर आईडी को चुनावों में अनिवार्य किये जाने वाले एक्ट, सेव अमेरिका बिल को निचले सदन हाउस ने तो मंजूरी दे दी है किंतु अभी तक यह सीनेट से पास नहीं हो पाया है। इसका कारण है कि सीनेट से किसी भी बिल को पास करवाने का अर्थ होता है 60 सदस्यों का समर्थन। रिपब्लिकन के पास 52 सदस्य हैं। 8 कम हैं। यह डेमोक्रेट ही पास करवा सकते हैं और वे फिलहाल रुचि नहीं ले रहे हैं जिससे यह बिल लटका हुआ है।
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