Thursday, January 22, 2026

 

रूस-युक्रेन युद्ध पर आज बन सकती है बात, अमेरिका के नेतृत्व में होगी चर्चा



श्रीगंगानगर। विश्व की दो महाशक्तियां अमेरिका और रूस के बीच गुरुवार देर रात मास्को में वार्ता हुई और यूएई में युक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए व्हाइट हाउस, क्रेमलिन और कीव एक मंच पर शुक्रवार को होंगे। 

जो जानकारी विभिन्न संवाद सेवाओं के माध्यम से सामने आयी है, उसके अनुसार दावोस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और युक्रेन के व्लादीमिर जेलेंस्की के बीच सीधी वार्ता हुई। अमेरिका ने एक प्रस्ताव रूस और युक्रेन को भेजा था, इस पर युक्रेन के साथ वार्ता हुई थी।

बंद कमरे में बातचीत के बाद ट्रम्प के दामाद जे. कुशनर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल ने कीव में युक्रेनी अधिकारियों से वार्ता की और इसके बाद वे वार्ता के लिए रात को ही मास्को पहुंच गये। क्रेमलिन में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन के साथ हुई। 

मास्को में चली वार्ता के बाद रात को ही यह दल यूएई के आबूधाबी के लिए रवाना हो गया। शुक्रवार और शनिवार को दो दिन त्रिपक्षीय वार्ता होगी। इसमें युक्रेन, रूस और अमेरिका का प्रतिनिधि मंडल शामिल होगा। 

चार साल से यह युद्ध चल रहा है। अमेरिका पूर्व में युक्रेन को मदद कर रहा था किंतु ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में आर्थिक सहायता को बंद कर दिया था। इसके बाद फ्रांस के नेतृत्व में कुछ यूरोपीय देश मदद कर रहे थे। वहीं कनाडा भी सबसे बड़ी आर्थिक सहायता कीव को दे रहा था। कई बिलियन डॉलर की सहायता दी जा चुकी है। 

जी-7 के देशों में अमेरिका और जापान के अतिरिक्त सैन्य सहायता मिलने के कारण युद्ध समाप्त ही नहीं हो रहा था। ट्रम्प ने कुछ दिन पहले ही बयान दिया था कि जेलेंस्की युद्ध को समाप्त नहीं करना चाहते। 

अभी तक युद्ध समाप्त नहीं होने का एक कारण रूस फ्रांस को मानता है। हाल ही में रूस ने पेरिस को चेताया भी था। फ्रांस को चेतावनी दी थी कि रूस पर आक्रमण का कोई लाभ नहीं होगा, लेकिन पेरिस को बहुत ज्यादा नुकसान होगा। 


डब्ल्यू एचओ से बाहर हुआ अमेरिका

विश्व स्वास्थ्य संगठन जो यूएन के अधीन होने का दावा करता है, से अमेरिका औपचारिक रूप से बाहर हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन को अंग्रेजी में डब्ल्यू एच ओ कहा जाता है अर्थात हू। हू का अंग्रेजी में अर्थ ‘कौन’ होता है। वहीं यह शब्द अजान में भी इस्तेमाल किया जाता है जैसे अल्लाह हू अकबर। 

अब अमेरिका हू से बाहर हो गया है। इस तरह से विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी जाने वाली आर्थिक सहायता भी रूक जायेगी। उधर अमेरिका ने अपना एक नया संगठन बनाया है जिसका नाम बॉर्ड ऑफ पीस रखा गया है। संभवत: यह संगठन अब विश्व में स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के लिए काम करेगा। 






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