Monday, January 19, 2026

 

भाजपा में क्या मोदी अब सबकी पसंद रहे हैं? नये अध्यक्ष मिलने के बाद भी चर्चा नहीं, पाक शामिल हो सकता है गाजा शांति बोर्ड में, एक बिलियन डॉलर देने होंगे, पौलेण्ड के उप प्रधानमंत्री नई दिल्ली यात्रा में क्या असहज हो गये?



श्रीगंगानगर। भारतीय जनता पार्टी को नया अध्यक्ष मिल गया है। नीतिन नवीन निर्विरोध चुने गये क्योंकि उनके नाम का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की ओर से पेश किया गया, इस कारण किसी अन्य नेता ने चुनाव लडऩा उचित नहीं समझा। वहीं मोदी आयु के 75 के आकड़े को पार करने के बाद भी अभी तक उनके विकल्प पर चर्चा नहीं होना बताता है कि वे अभी भी भाजपा में सबसे शक्तिशाली हैं। हालांकि वे सबकी पसंद हैं, यह नहीं कहा जा सकता। दूसरी ओर विश्व के प्रमुख समाचार में चर्चा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति बोर्ड को लेकर हो रही है। गाजा में शांति के लिए यह दूसरा दौर बताया गया है। 

भारतीय जनता पार्टी के पास नया अध्यक्ष नहीं था और जेपी नड्डा एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के विपरीत स्वास्थ्य और बीजेपी चीफ दोनों का पद कागजों में संभाले हुए थे। हालांकि यह साफ है कि भाजपा का हर बड़ा फैसला ‘कर्तव्य पथ’ से ही देश भर तक जाता है। 

बिहार के कृषि मंत्री नीतिन नवीन को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी थी और आखिर में उनको निर्विरोध आज चुन लिया गया। इसके साथ ही भाजपा में चुनाव का चैप्टर पूरा हो गया है। अब बंगाल, असम, तमिलनाडू के चुनावों पर ही चर्चा होनी है। 

मोदी 75 वर्ष से अधिक आयु के हो गये हैं। उन्होंने नियम बनाया था कि सक्रिय राजनीति में यह 75 वर्ष की आयु रिटायरमेंट की होगी। इस नियम का हवाला देकर उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी को सेवानिवृत्ति दे दी थी। अनेक अन्य राजनेताओं को राज्यपाल बनाकर राजभवन भेज दिया था। 

अब उनकी बारी आयी तो शायद वे यह नियम भूल गये हैं। परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी का कहना है कि अब युवा नेताओं को जिम्मेदारी देने का समय आ गया है। शायद यह आवाज कल्याण मार्ग में पीएम आवास तक नहीं पहुंची। 


गाजा शांति बोर्ड में 60 देशों को निमंत्रण 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा में स्थायी शांति के लिए शांति बोर्ड का गठन किया है और इसके चेयरमैन वे स्वयं हैं। हालांकि इजरायल इसके कुछ नियम को लेकर खुश नहीं बताया गया है। 

वहीं ट्रम्प ने 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का प्रस्ताव भेजा है जिसमें भारत, पाकिस्तान, कतर आदि देश भी शामिल हैं। कनाडा ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी है जबकि फ्रांस ने कहा है कि वह इस बोर्ड में शामिल नहीं होगा। 

वहीं इस बोर्ड का स्थायी सदस्य बनने के लिए सदस्य देश को एक बिलियन डॉलर का डोनेशन देना होगा ताकि गाजा पट्टी में विकास कार्यों को गति प्रदान की जा सके। एक बिलियन डॉलर के प्रस्ताव के कारण अनेक देश अभी प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। 

भारत सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि बोर्ड में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है, लेकिन इस पर अभी चर्चा की जानी है। 


पौलेण्ड के साथ भारत की गर्मागर्म बहस

यूरोपीय नेता लगातार भारत के चक्कर काट रहे हैं क्योंकि दुनिया में तनाव अपने चरम पर पहुंचता जा रहा है। हालात यह है कि अमेरिका ने अपने देश की पहचान कहे जाने वाले स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है इसमें आग लगना बताया गया है। यह अपने आप में बहुत ज्यादा जानकारी देती है। 

कुछ फोटोज विस्तृत समाचार से ज्यादा जानकारी स्वयं ही दे देती हैं। इसी फोटो के आधार पर कहा जा सकता है कि तनाव दुनिया भर में कितना ज्यादा है। दिल्ली की राजनीति को समझना हो तो उसका वायु प्रदूषण का गणित बहुत ज्यादा जानकारी उपलब्ध करवा देता है। 

दिल्ली में वायु गुणवत्ता का सूचकांक 577 बताया गया है और यह सुबह 3.40 बजे (मंगलवार 20 जनवरी 2026) बताया गया। इसी तरह से श्रीगंगानगर का एक्यूआई 350 था। यह बहुत ज्यादा खराब कहा जा सकता है। 

वहीं पौलेण्ड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने साफ शब्दों में भारत सरकार के विदेश मंत्री के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की। पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर दोनों नेताओं ने परस्पर विरोधी बयान दिये। इसी तरह से कुछ दिन पहले जर्मन चांसलर ने भी भारत सरकार के आग्रह पर की गयी यात्रा के दौरान भी नई दिल्ली को लेकर एक बयान दिया था जो चर्चा का विषय बन गया था। 

यूरोप से अगले एक महीने के भीतर अनेक नेता आने वाले हैं। 27 जनवरी को यूरोपीय संघ के नेताओं का शिष्टमंडल आ रहा है। इस तरह से यह कहा जा सकता है कि दिल्ली के सर्द मौसम में हवाएं काफी गर्म है और यह फरवरी मध्य तक बनी रहने की संभावनाएं हैं। 







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