Wednesday, January 21, 2026
ईरान-अमेरिका के संघर्ष की हवा समाप्त, जापान कर सकता है परमाणु परीक्षण?
श्रीगंगानगर। ईरान में इस्लामी शासन व्यवस्था को समाप्त करने के लिए आरंभ हुआ आंदोलन अब समाप्त होता दिखाई दे रहा है। इसी कारण संभवत: अमेरिका के ईरान के प्रति किये जाने वाली बयानबाजी में भी भारी कमी आयी है। वहीं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाईची ने 8 फरवरी को चुनाव कॉल कर संकेत दे दिया है कि अगर जनमत उनके पक्ष में आता है तो जापान दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पहली बार परमाणु परीक्षण कर सकता है। फिलहाल जापान की सुरक्षा के लिए भारी संख्या में अमेरिकी सैनिक बल तैनात हैं। क्योंकि प्रशांत महासागर में एक तरफ चाइना है तो दूसरी ओर उत्तर कोरिया। उत्तर कोरिया परमाणु सम्पन्न देश है और अनेक कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे उसकी मुद्रा रसातल में जा रही है।
ईरान इस समय अस्थिर शासन व्यवस्था का सामना कर रहा है। कुछ माह पहले महिलाओं ने हिजाब से आजादी की मांग करते हुए आंदोलन किया था, जिसको दबा दिया गया।
अब इस्लामी शासन व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन हुआ। इसमें सरकारी स्तर पर पांच हजार लोगों को मार दिये जाने की जानकारी सामने आयी थी। सरकारी कार्मिकों की गोलियों से उन मतदाताओं को मार दिया गया, जिन्होंने बेहतर जीवन के लिए बदलाव करते हुए मतदान किया था।
नयी शासन व्यवस्था भी उसी तरह की रही,जिस तरह की पिछली थी।
आंदोलन को जिस तरह से कुचला गया, उससे पता चलता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में संवेदनशीलता या लचीलापन समाप्त हो रहा है। चीन में कई साल पहले युवाओं ने सत्ता परिवर्तन की मांग को लेकर आंदोलन किया था, उस आंदोलन को दबाने के लिए हजारों युवाओं को मार दिये जाने की खबरें आयीं थीं।
इसी तरह का हाल ईरान का हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी और इसके बाद तेहरान को घेरने के लि हजारों सैनिक भी तैनात किये गये, लेकिन आंदोलन के फीका होने के बाद संभवत: ट्रम्प भी सुस्त हो गये हैं।
जापान कर सकता है परमाणु परीक्षण
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस बात की चर्चा हो रही है कि जापान परमाणु परीक्षण कर सकता है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी में हुए परमाणु बम विस्फोट के बाद जापान ने परमाणु परीक्षण या बम न बनाने का संकल्प लिया था।
हाल ही पीएम का कार्यभार संभालने वाली प्रधानमंत्री साने ताकाईची का कहना था कि उनका देश परीक्षण कर सकता है। इस पर प्रतिक्रिया हुई तो ताकाईची ने नया जनमत प्राप्त करने के लिए 8 फरवरी को चुनाव करवाने का एलान कर दिया।
अगर ताकाईची की सत्ता में वापसी होती है तो जापान वह कर सकता है जो अभी तक नहीं किया गया था।
उत्तर कोरिया और चीन का खतरा भांपकर अमेरिका की भारी संख्या में सेना इस द्वपीय देश में मौजूद है।
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