Friday, January 16, 2026

 

ये दुनिया है काला बाजार, ये पैसा बोलता है..., मोदी को भी नहीं मिल रहा ‘आपदा में अवसर...’, ग्रीनलैण्ड के लिए अमेरिका अब आगे बढ़ेगा? ईरान में प्रदर्शनकारियों को नहीं मिला सहारा, आंदोलन ठंडा



श्रीगंगानगर। ये दुनिया है काला बाजार, ये पैसा बोलता है...90 के दशक में आई काला बाजार का यह गीत महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति पर सटीक बैठता है। अजीत पवार और भाजपा के बीच भ्रष्टाचार को लेकर जो बयानबाजी हुई और उसके बाद नगर निगम चुनावों को भी राष्ट्रीय चैनल्स पर मोदी की जीत के रूप में प्रस्तुत किया गया, वह कालाबाजार के गीत को सही ठहरा देता है। वहीं पहली बार पाकिस्तान के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आपदा का सामना करना पड़ रहा है तो उन्हें भी अवसर नहीं मिल रहा। आपदा में अवसर का मंत्र 2018 में पीएम मोदी ने दिया था। वहीं ईरान में शांति लौट रही है और आंदोलन शांत हो रहे हैं या समाप्त हो रहे हैं, कहा जा सकता है। दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रम्प अब ग्रीनलैण्ड के लिए कुछ भी करेगा की नीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं। 

महाराष्ट्रा भारत का सबसे बड़ा आर्थिक रूप से राज्य है जिसकी जीडीपी करीबन 50 लाख करोड़ रुपये है। कर्नाटक, तमिलनाडू, गुजरात, उत्तर प्रदेश राज्य टॉप 5 में शामिल हैं। इनमें फिलहाल उत्तर प्रदेश को छोडक़र अन्य राज्य महाराष्ट्रा को टक्कर दे, ऐसा नजर नहीं आ रहा है। कारण यही है कि भारत की आर्थिक राजधानी मुम्बई है। आर्थिक का अर्थ पैसा हो जाता है और यहां पर पैसों का भंडार है क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, सेबी- स्टॉक मार्केट, फिल्मी दुनिया और क्रिकेट सहित सबकुछ है। जहां पर धन बरसता है। 

अब महाराष्ट्रा में नगर निकाय चुनाव हैं तो वह भी राष्ट्रीय मुद्दा बन गया। निकाय चुनावों को भी लोकसभा चुनाव की तरह प्रस्तुत किया गया और आखिर में शाम को नरेन्द्र मोदी की जय और देवेन्द्र फडऩवीस के जयघोष के साथ प्राइम टाइम में अन्य समाचारों को मौका मिल पाया। 


मोदी को आपदा में अवसर की तलाश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस समय आपदा में अवसर मंत्र में अवसर तलाश रहे हैं जो अभी तक नहीं मिल पाया और उन्होंने बड़ा दांव लगाते हुए फ्रांस के साथ करीबन चार लाख करोड़ रुपये का रक्षा समझौता करने का निर्णय ले लिया। कारण यही है कि इस समय पाकिस्तान के साथ अन्य देशों के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला इंडोनेशिया अब पाकिस्तान-चीन में निर्मित युद्धक विमान खरीदने के लिए प्रयासरत है। इसी तरह से सउदी अरब, अमेरिका का समर्थन भी पाक को हासिल हो रहा है तो उसके दिन फिर से अच्छे हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया विशेष रूप से क्रिकेट टीम को पाक में मैच खेलने के लिए भेज रहा है। यह इस तरह के संकेत हैं जिनसे बहुत कुछ समझा जा सकता है। 

सीधे तौर पर भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं जिनका कोई जवाब देने को तैयार नहीं हो रहा है। 

भारत दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू देश है और दुनिया इस बात को जानती है। इसके बाद मुस्लिम देश एकजुट हो रहे हैं औरवह भी पाकिस्तान के साथ तो निश्चित रूप से भारत सरकार के लिए एक बड़ा झटका है। 


ईरान में प्रदर्शनकारियों को नहीं मिला साथ, आंदोलन शांत

ईरान में सरकार और आंदोलनकारियों में संभवत: कोई इंटेल समझौता हुआ है जिसके कारण अब वहां पर पुन: शांति हो रही है। रॉयटर ने समाचार दिया है कि वहां पर बाजार खुलने लगे हैं और धीरे-धीेरे शांति लौट रही है। 

ईरान में लोग महंगाई और मौजूदा शासन व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के बयान सामने आये और यह भी बताया गया कि अमेरिकी सैन्य हस्ताक्षेप हो सकता है किंतु राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान ने 800 लोगों को दी जाने वाली फांसी की सजा को निरस्त कर दिया है, इस कारण वे उनको थेंक्स कहेंगे। 


ग्रीनलैण्ड के लिए अमेरिका आगे बढ़ेगा

ग्रीनलैण्ड को प्राप्त करने के लिए अमेरिका रोज एक कदम आगे बढ़ा रहा है और नया व ताजा बयान भी सामने आया है कि अमेरिका इसको प्राप्त करने के लिए जो भी प्रयास होंगे, वह करेगा। 

ग्रीनलैण्ड अमेरिका के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि वह अपने देश की सुरक्षा के लिए यहां पर आधुनिक सैन्य स्टेशन स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। 

इस तरह से अमेरिका ग्रीनलैण्ड को ताजा और बड़ा मुद्दा बनाये रख सकता है। 






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