Tuesday, January 13, 2026
ट्रम्प भारत क्यों नहीं आना चाहते? 25 प्रतिशत और टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी, क्वाड का क्या होगा?
श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति को इस साल भारत में क्वाड की बैठक में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन उनका कार्यक्रम नहीं बन पा रहा है तो ऐसे समय में यह सवाल खड़ा होना लाजमी हो गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प क्यों नहीं दिल्ली की यात्रा करना चाहते? वहीं उन्होंने ईरान से तेल और अन्य व्यापार करने वालों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की चेतावनी दी है और इसको तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है।
भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और संयुक्त राज्य प्रशांत महासागर की सुरक्षा चिंताओं को लेकर एक समूह का संचालन कर रहे थे। इसका नाम क्वाड रखा गया था। हर साल चारों में से एक देश में बैठक होती थी। भारत में 2024 में बैठक होनी थी किंतु बाइडेन ने चुनावी वर्ष होने के कारण दिल्ली आने से इंकार करते हुए इस बैठक का आयोजन अपने ही देश में रख लिया। वर्ष 2025 की मेजबानी भारत को दी गयी, लेकिन यह बैठक नहीं हो पायी।
गत 21 जनवरी 2025 को ट्रम्प ने राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था किंतु व्हाइट हाउस के साथ पहले जैसा मधुर संबंध नहीं होने के कारण ट्रम्प का भारत दौरे का कार्यक्रम बन ही नहीं पाया। अब 2026 में बैठक होनी है किंतु फिर से वही सवाल खड़ा हो रहा है। डोनाल्ड ट्रम्प भारत नहीं आना चाहते। इससे यह साफ हो रहा है कि क्वाड का भविष्य में अस्तित्व समाप्त होने की संभावना है।
वहीं अमेरिका के पास इस साल जी-20 की बैठक की मेजबानी की जिम्मेदारी है। यह पहली तिमाही में होने की संभावना जतायी गयी थी। ट्रम्प चाहते हैं कि फ्लोरिडा स्थित उनके निजी आवास मार ए लागो में यह बैठक हो। हालांकि ईरान में नयी परिस्थितियां और ग्रीनलैण्ड को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के बीच अभी तक तारीख मुकर्रर नहीं हो पायी है। जी-20 में भारत के साथ-साथ यूरोपीय समूह भी शामिल है।
मादुरो के खिलाफ कार्यवाही से कई नेता सकते में
निकोलस मादुरो कुछ दिन पूर्व तक दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति थे और वे लगातार 10 साल से भी अधिक समय से इस पद पर थे। वक्त कहता है कि बदलना होगा। समय से बड़ा कोई बलवान नहीं हुआ और निकोलस अब अमेरिकी जेल में है और उनके खिलाफ अमेरिका के खिलाफ द्रोह का मुकदमा चलाये जाने की तैयारी की जा रही है। इस तरह की कार्यवाही के बाद अनेक देश सकते में है कि आधा घंटा से भी कम समय में हजारों हथियारबंद लोगों के बीच से एक राष्ट्रपति का उठा लिया जाता है तो अमेरिका के राष्ट्रपति कुछ भी कर सकते हैं।
ईरानियों से कहा, डरो मत-सहायता रास्ते में हैं
डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से सनसनी फैला दी है। उन्होंने कहा, ईरानियों डरो मत, सहायता रास्ते में है। हालांकि उन्होंने इसका पूरा ब्योरा पत्रकारों को नहीं दिया। इस समय ईरान के भीतर अशांति का माहौल है और वहां पर लोग इस्लामी कानून या शासन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इस समय मुद्रा रसातल में है और महंगाई हर रोज बढ़ती जा रही है।
ट्रम्प ने अब दुनिया को चेताया है कि ईरान से तेल या अन्य व्यापार करने वालों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जायेगा। इस तरह से भारत के खिलाफ यह टैक्स की दर बढक़र 75 प्रतिशत हो जायेगी।
ईरान में सत्ता के खिलाफ चल रहे आंदोलन में सरकारी गोलियों से मरने वालों की संख्या सैकड़ों में बतायी जा रही है हालांकि वहां पर इंटरनेट सेवाओं के बंद होने के कारण पूरी जानकारी बाहर नहीं आ रही है।
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