Saturday, December 27, 2025
ट्रम्प क्या चीन की यात्रा से पहले भारत आयेंगे, क्वाड की होनी है बैठक, यूएई चीफ शरीफ को कोडिन या शहद पिलाकर गये?
श्रीगंगानगर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले माह चीन की यात्रा करेंगे। यह उनकी कुछ ही महीनों में दूसरी एशिया यात्रा होगी। इससे पहले वे यूरोप, मध्य एशिया की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन सवाल यह है कि चीन यात्रा के दौरान वे भारत आयेंगे? क्वाड की बैठक की मेजबानी भारत के पास है। वहीं यूएई के शहंशाह या राष्ट्राध्यक्ष इस्लामाबाद की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ या सेनाध्यक्ष आसिफ मुनीर को कौनसा मंत्र देकर गये हैं।
ट्रम्प ने अनेक बार अपने भाषण में कहा है कि वे चीन की यात्रा जनवरी में करेंगे, हालांकि उनकी यात्रा को लेकर तारीखों का एलान नहीं हो पाया है। दूसरी ओर भारत के पास क्वाड की मेजबानी का अधिकार है। इसमें जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका भी शामिल है।
कैनबरा तो भारत आ सकता है टोक्यो और वाशिंगटन का क्या रुख रहेगा, यह अभी पता नहीं चल पाया है क्योंकि इस समय टोक्यो में नयी सरकार का गठन हुआ है।
ट्रम्प अगर एक बार चीन की यात्रा पूर्ण कर वापिस स्वदेश चले जाते हैं तो अर्थ साफ होगा कि वे नई दिल्ली की यात्रा के इच्छुक नहीं है। ट्रम्प और मोदी के बीच फरवरी-मार्च में ही मुलाकात हुई थी और इसके बाद दोनों राष्ट्राध्यक्ष ने एक-दूसरे से सीधी बात नहीं की है।
जी-20 की बैठक कनाडा में हुई थी, जहां पर ट्रम्प अपना भाषण देते ही निकल गये थे और मोदी उसके बाद आये थे। इसी तरह का दृश्य आसियान देशों के शिखर सम्मेलन में देखने को मिला। अगर क्वाड की बैठक नहीं हो पाती है तो इसका अर्थ यही होगा कि हिन्द-प्रशांत महासागर को लेकर अमेरिका नयी रणनीति बना रहा है या बन चुकी है।
वाशिंगटन अभी अनेक मुद्दों को दुनिया के सामने नहीं ला रहा है। आज रात करीबन वे 1 बजे यूरोप नेताओं की मौजूदगी में यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष ब्लादीमिर जेलेंस्की से फोन पर वार्ता करेंगे और इसके बाद उनका अपने आवास पर जेलेंस्की से सीधी वार्ता का आयोजन है। यह कार्यक्रम रविवार को होगा।
आसिफ मुनीर क्या शाहबाज की बातों से सहमत होंगे?
पाकिस्तान ऐसा देश है, जहां पर सेना का महत्व सबसे ज्यादा है। जो नेता पसंद नहीं आया, उसको जेल भी भेज दिया जाता है। इसी तरह से मुनीर इस समय सबसे ज्यादा प्रभावशाली व्यक्तित्व पाकिस्तान में बन चुके हैं क्योंकि उनको नये नयी शक्तियां सरकार ने प्रदान की हैं।
मुनीर इस समय यूरोप और अमेरिकी देशों के सम्पर्क में हैं। वाशिंगटन भी उनकी तारीफ कर रहा है। इस बीच नया ट्वीस्ट आया जब यूएई के राष्ट्राध्यक्ष इस्लामाबाद की पहली औपचारिक वार्ता पर पहुंच गये। शाहबाज शरीफ को तो वे अपनी बातों में ला सकते हैं किंतु सैनिक नेता आसिफ मुनीर को शाहबाज शरीफ अपनी शर्तों के आधार पर मना सकेंगे। इस तरह से यह चर्चा चल रही है कि इस समय कोडिन या शहद मिला है पाकिस्तान को।
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