Saturday, December 13, 2025

 

हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री के निर्माण में गडकरी का नाम



श्रीगंगानगर। भारत देश पिछले पांच या इससे भी अधिक समय से दुनिया में संभवत: सबसे महंगा पेट्रोलियम पदार्थ बेच रहा है। उसमें 20 प्रतिशत तक एथेनॉल की मिलावट भी की जा रही है। 

परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी ने 2019 के लोकसभा चुनावों से कुछ दिन पहले कहा था कि इस बार कोई जूते नहीं मारे, यही हमारी उपलब्धि होगी। 2014-2019 की अवधि के बीच मोदी सरकार ने नोटबंदी और न जाने कितने ऐसे निर्णय लिये थे जो आपदा का कारण बन गये। 

वही गडकरी इस समय सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं, इसका कारण है कि मीडिया में गडकरी के परिवार का नाम सामने आ रहा है कि वह एथेनॉल का निर्माण करवा रहा है। इसी तरह से हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी इलाके के राठी खेड़ा गांव में भी निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री में गडकरी का नाम सामने आ रहा है और किसान सरेआम उन पर आरोप लगा रहे हैं। सभाओं में भी संबोधित किया जा रहा है। 


17 को हनुमानगढ़ में महापंचायत

हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर 17 दिसंबर को महापंचायत का आयोजन किसान संगठन कर रहे हैं। इसमें हनुमानगढ़ के अतिरिक्त राजस्थान के बड़े किसान नेता और उत्तरप्रदेश, पंजाब आदि राज्यों से भी लोग आ रहे हैं। 

किसान नेताओं का आरोप है कि एथेनॉल कारखाना निर्माण के कारण नहरों में टेल के किसानों की बारियां तक पिट जायेंगी और पर्याप्त पानी के अभाव में फसल उत्पादन भी प्रभावित होगा क्योंकि एथेनॉल फैक्ट्री के लिए इंदिरा गांधी नहर परियोजना से पानी लिया जाना प्रस्तावित है। 

क्या हुआ था हनुमानगढ़ में

हनुमानगढ़ जिला इस समय दुनिया भर में सुर्खियों का केन्द्र बना हुआ है क्योंकि किसानों ने एथेनॉल फैक्ट्री के निर्माण को ध्वस्त कर दिया था और अधिकारियों के वाहनों में भी आग लगा दी थी। 

बहुत से लोगों को ध्यान होगा कि पश्चिम बंगाल में भी टाटा नैणो कार निर्माण कारखाने का विरोध इसी तरह से ममता बनर्जी ने किया था और उनके समर्थकों ने आमरण अनशन सहित कई प्रकार से वामपंथी पार्टी का विरोध किया था। बनर्जी इसके बाद बड़े नेता के रूप में सामने आयी और इसके बाद से सत्ता की चाबी उनके पास ही है। उनको पश्चिम बंगाल में सीधा मुकाबला भाजपा से होने के बावजूद हराया नहीं जा सका है। 

टाटा ने उस कारखाने के लिए मिली जमीन को वापिस कर दिया था। इसको किसानों की बड़ी जीत का दावा किया गया। इसी तरह से हनुमानगढ़ के टिब्बी इलाके में भी किसान एकजुट हैं और 17 दिसंबर को होने वाली पंचायत में आगामी नीतियों और रीतियों के बारे किसान नेता बयान जारी करेंगे। 






<< Home

This page is powered by Blogger. Isn't yours?

Subscribe to Comments [Atom]