Wednesday, December 24, 2025
पांच हजार करोड़ की जीडीपी वाला वेनेजुएला कब तक अमेरिका का सामना कर पायेगा? अरावली को संरक्षित के आदेश जारी
श्रीगंगानगर। वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था अर्थात जीडीपी की वैल्यू एज पर गूगल 5 हजार करोड़ डॉलर की है। वहीं अमेरिका रक्षा या युद्ध बजट पर ही हर साल एक ट्रिलियन डॉलर खर्च करता है जो भारत जैसे विशाल देश के लिए भी दो साल के कुल बजट के बराबर है।
वेनेजुएला ने मधुमक्खी के घर को छेड़ दिया है। उसी तरह से जैसे यूक्रेन ने नाटो सदस्य बनने के लिए प्रयास किये और आज उसकी हालत यह है कि वह न तो खुदा मिला और न मि
साले सनम, जैसी स्थिति का सामना कर रहा है।
निकोलस मादुरो के साथ ट्रम्प के पहले कार्यकाल में भी नहीं बन पायी थी और इस साल भी यही हाल रहा। वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगे हुए हैं।
अरावली के खिलाफ आंदोलन आरंभ होने से पहले सरकार बैकफीट पर
राजस्थान में अरावली पर्वतमाला में खनन को लेकर चल रही कोशिशों के बीच केन्द्र सरकार ने एक आदेश जारी कर नये पट्टे जारी करने पर सभी राज्य सरकारों को रोक लगाने के लिए कहा है।
अरावली पर्वतमाला हरियाणा, राजस्थान और गुजरात राज्य तक है। इस तरह से राजस्थान में इसका बड़ा भूभाग है। राजस्थान में अरावली बचाओ आंदोलन आरंभ हो गया था और लोग पैदल ही दिल्ली की ओर कूच करने के लिए घरों से निकल पड़े थे।
अब शांत होने की उम्मीद है।
आईएसआईएस अब एक आतंकवादी संगठन बनकर रह गया
आईएसआईएस जो इस्लामिक राज्य की स्थापना के इरादे से सीरिया और इराक में सक्रिय था। इस आतंकवादी संगठन की जड़े अब समाप्त हो रही हैं और यह अफगानिस्तान व इराक के रेगिस्तान तक ही सीमित होकर रह गया है। काबुल में आईएसआईएस और तालिबान के बीच भी हिंसक घटनाओं के समाचार आते रहते हैं। अमेरिका सरकार का कहना है कि इस आतंकवादी संगठन की जड़ों को हटा दिया गया है।
अमेरिका ने मिसाइल दागी, भारत ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया
लाल सागर में स्थित ओमान स्टेट की रणनीति किसी को समझ नहीं आयी है। हाल ही में पीएम नरेन्द्र मोदी ने ओमान की यात्रा की। भारत गणराज्य की सरकार और ओमान दोनों ही आपसी विश्वास को मजबूत करने पर सहमत हो गये।
दूसरी ओर यह भी याद रखना होगा कि 21 जनवरी को कार्यभार संभालने के बाद ही हिजबुल्लाह को समाप्त करने के लिए अमेरिकी सेना ने ओमान पर हमला कर दिया था। इससे काफी नुकसान होने के समाचार सामने आये थे।
जापान भारत को क्यों नहीं दे रहा बुलेट ट्रेन?
भारत गणराज्य की सरकार ने करीबन 10 साल पहले अहमदाबाद से मुम्बई तक बुलेट टे्रन के लिए जापान सरकार के साथ समझौता किया था। संबंधित रेल मार्ग पर ट्रैक तैयार हो चुका है लेकिन अभी तक जापान से बुलेट ट्रेन नहीं आ पायी है। अहमदाबाद से मुम्बई तक करीबन 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यह ट्रेन सफर करेगी।
जापान ने जिस समय समझौता किया था उस समय शिंजो आबे प्रधानमंत्री थे और उनकी हत्या भी हो चुकी है। इसके बाद अनेक सरकार के मुखिया बदल गये। मौजूदा महिला प्रधानमंत्री अभी तक भारत यात्रा पर नहीं आयी हैं। पीएम मोदी ने जब इसी साल जापान में प्रवास किया था, उस समय भी प्रधानमंत्री भी अब पूर्व हो चुके हैं।
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