Sunday, December 28, 2025
ट्रम्प के प्रयास रंग ला रहे हैं, जेलेंस्की के साथ 95 प्रतिशत मसौदे पर सहमति
वाशिंगटन। अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मार ए लागो रिसोर्ट में रविवार दोपहर (लॉकल टाइम) को यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादीमिर जेलेंस्की पहुंचे और ट्रम्प ने उनका स्वागत किया। वार्ता करीबन दो घंटे चली और इसके बाद संयुक्त बयान जारी किया गया।
ट्रम्प और जेलेंस्की दोनों ही इस बात पर सहमत थे कि 95 प्रतिशत मसौदे पर सहमति हो गयी है। पांच प्रतिश क्षेत्र ऐसा है, जिस पर बात को अमल नहीं किया जा सका।
जेलेंस्की से वार्ता करने से पहले ट्रम्प ने क्रेमलिन में राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन से वार्ता की। दोनों नेताओं की बात सवा घंटा या इससे भी अधिक समय तक चली और इसके बाद जेलेंस्की के साथ ट्रम्प रूबरू हुए।
पुतिन और ट्रम्प इस बात पर भी सहमत हुए कि दोनों नेता भविष्य में भी वार्ता को जारी रखेंगे। वहीं मार ए लागो में वार्ता समाप्त होने के बाद कीव और वाशिंगटन का कहना था कि डोनबास को लेकर सहमति नहीं बन पायी है। राष्ट्रपति ट्रम्प का कहना था कि जितना जल्दी हो सके, समझौता हो जाना चाहिये। हजारों लोग मारे जा चुके हैं। ट्रम्प ने इससे पहले यूएन को भी लपेटे में लिया था और कहा था कि संयुक्त राष्ट्र का अर्थ संयुक्त राज्य अमेरिका हो गया है क्योंकि उन्होंने दुनिया भर में 8युद्ध को समाप्त करवाया है।
ट्रम्प के पास समय देने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं?
कीव और क्रेमलिन दोनों ही सीधी बातचीत करने के इच्छुक नहीं थे और दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष पिछले पांच सालों से सीधी बात नहीं कर पाये हैं। राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन का कहना है कि जेलेंस्की को पहले चुनाव करवाने चाहिये क्योंकि उनका राष्ट्रपति पद का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
वहीं डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बनने के बाद 11 माह में लगभग 9 बार पुतिन को फोन कर चुके हैं और एक बार सीधी वार्ता भी कर चुके हैं। बैठकों का दौर चलने के बाद भी कोई खास नतीजा नहीं निकल पाया तो अब ट्रम्प ने यूक्रेन को 20 सूत्री कार्यक्रम दिया था, जिस पर यूरोप और नाटो के अन्य देश भी शामिल थे।
यूरोप को रूस से बड़ा खतरा : अमेरिका
अमेरिका के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की माने तो यूरोप को खतरा बढ़ता जा रहा है। हाल फिलहाल कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जा रहा है।
थिंकटैंक का कहना है कि यूरोप यूक्रेन को मदद कर रहा है और इस कारण रूस के साथ उसके संबंध बिगड़ते जा रहे हैं। यूरोप की रक्षा के लिए अमेरिका ने जर्मनी में अपने 18 हजार सैनिक तैनात किये हुए थे जिनको अब अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
दूसरी ओर वेनेजुएला को लेकर भी थिंकटैंक का मानना है कि जिस तरह से यूएसए में तस्करी के लिए वेनेजुएला को जिम्मेदार माना जा रहा है, उसके लिए आवश्यक हो गया है कि ट्रम्प प्रशासन अब अगला कदम उठाया।
दूसरी ओर न्यूयार्क की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प अगले कदम की ओर बढ़ चुके हैं और किसी भी समय जमीनी युद्ध के लिए सेना को भेजा जा सकता है।
पाकिस्तान को अमेरिका देगा आधुनिक रेल इंजन
भारत को जापान ने बुलेट ट्रेन देने का समझौता करीबन 10 साल पहले किया था और अभी तक अहमदाबाद से मुम्बई के लिए इस स्पैशल ट्रेन का संचालन नहीं हो पाया है। वहीं अमेरिका ने पाकिस्तान की मांग पर कहा है कि वह उसको एक आधुनिक बुलेट ट्रेन इंजन देगा। इससे पाकिस्तान में रेल सेवाओं की रफ्तार में वृद्धि होगी।
अंत में एक छोटी कहानी...
एक बार एक राज्य का राजा बीमार हो गया। वह बिस्तर से उठ नहीं पा रहा था और लम्बी अवधि के लिए वह बिस्तर पर रह गया। इस दौरान उसके सेनापति आदि ने विद्रोह करते हुए राज्य को अपने कब्जे में ले लिया और जब राजा स्वस्थ हुआ तो सेनापति ने राज्य को वापिस देने से इन्कार कर दिया। हालांकि वह जनता में कह रहा था कि जिस दिन राज्य का राजा स्वस्थ होगा, वह अपनी झोली उठाकर चला जायेगा।
इस तरह से कहानी का सांराक्ष यही है कि हमें अपने आप पर यकीन रखना चाहिये और किसी अन्य पर भरोसा कभी भी राजा की तरह भारी पड़ सकता है। किरायेदार मकान मालिक बनने की कोशिश में जुट जाते हैं।
पत्रकार सतीश बेरी का जीवन और आजादी संकट में
इस समय दुनिया भर में इस बात पर चर्चा हो रही है कि आखिर पत्रकार सतीश बेरी का जीवन कितनी अवधि के लिए रह गया है। शिव भक्त और सर्वधर्म का सम्मान करने वाले पत्रकार के खिलाफ इस समय दुनिया के धनाढ्य लोग जिनको हम बिलियनर्स या ट्रिलियनर्स की सम्पत्ति का मालिक कहते हैं, वे गंगानगर में हर रोज कई सौ करोड़ रुपये पहुंचा रहे हैं।
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