Saturday, December 13, 2025

 

कभी भी वेनेजुएला पर हो सकता है हमला, ट्रम्प ने 15 हजार सैनिक लगाये-मोदी सरकार ने अडाणी को परमाणु तकनीक देने के लिए किये परिवर्तन?



श्रीगंगानगर। दुनिया भर में इस समय जिस राष्ट्रपति की चर्चा हो रही है वह हैं डोनाल्ड ट्रम्प। ट्रम्प ने वेनेजुएला को चारों दिशाओं से घेर लिया है और अमेरिकी लैटिन देश ने कहा है कि वह यूएसए के हथियारों का सामना नहीं कर सकता किंतु वह गौरिला युद्ध की तरह निशाना साधेगा। 

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि वह  नेवी और थल सेना के माध्यम से मादुरो को अपदस्थ करने के लिए जल्द ही कार्यवाही करने जा रहे हैं। मादुरो के इलेक्शंस को अमेरिका सहित अनेक देश मान्यता नहीं दे रहेे हैं। 

व्हाइट हाउस में ट्रम्प प्रशासन की वापसी के बाद से ही नरेन्द्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच भी उसी तरह का रिश्ता बना हुआ है। हालांकि हाल ही में दावा किया जा रहा था कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष ने फोन पर बात की है किंतु सच यह है कि ट्रेड डील नहीं होने के कारण ट्रम्प लगातार हो रही बैठकों को अब गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और उनका मानना है कि समय खराब हो रहा है। 


पाकिस्तान पर उमड़ रहा है प्यार

दक्षिण ग्लोब के देश पाकिस्तान के साथ अमेरिका के रिश्ते हर दिन के साथ मजबूत होते जा रहे हैं। आईएमएफ भी अब दिल खोलकर पाकिस्तान को ऋण दे रहा है हालांकि पाकिस्तान को अभी प्रतिबंधित देशों से बाहर नहीं निकाला गया है। वह कार्य भी जल्द ही ट्रम्प प्रशासन कर सकता है क्योंकि पाकिस्तान अमेरिका के लिए दक्षिण एशिया में एक नया केन्द्र उभर कर सामने आया है। इस कारण ट्रम्प एफ 16 को उन्नत करने और नये हथियार देकर उसकी सुरक्षा की गारंटी भी दे रहे हैं। 


शाहबाज शरीफ की वीडियो को आरटी ने किया डिलीट

रूस की समाचार एजेंसी आरटी हिंदी ने मध्य एशिया के एक सम्मेलन में प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन का 40 मिनिट्स तक इंतजार करने का एक वीडियो जारी किया था। हालांकि पाकिस्तान ने भी एक वीडियो जारी किया जिसमें शरीफ ने पुतिन से पहले किसी अन्य देश के नेता से हाथ मिलाने का कार्य किया। पुतिन ने हैंडशेक के लिए आगे हाथ किया था किंतु शरीफ ने उनको अनदेखा कर दिया। वहीं आरटी ने शनिवार को उस वीडियो को सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया है। 


भारत में लगातार आंदोलन का राज क्या है?

किसान आंदोलन एक बार फिर से जोर पकड़ते जा रहे हैं। देश की चारों दिशाओं में आंदोलन हो रहे हैं। मामला मूल रूप से एमएसपी सहित कई अन्य मांगों को लेकर है। 

किसानों का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार व्यापारिक हितों को प्राथमिकता देकर किसानों के साथ छल कर रहे हैं। 

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इस समय भारत सरकार अपनी परमाणु नीति को बदल रही है और प्राइवेट सैक्टर तथा विदेशी लोगों को इस क्षेत्र में काम करने के लिए कह रही है। 

दूसरी बात यह भी है कि भारत में भ्रष्टाचार और अडाणी-अम्बानी-टाटा का सीधा सरकार में दखल होने के बाद यह माना जा सकता है कि इन तीनों कंपनियों को ट्रिलियंस डॉलर की बनाने के लिए यह प्रयास किये जा रहे हैं। 

अडाणी, अम्बानी और टाटा परिवार तीनों ही शुद्ध व्यापारी हैं। तीनों ही अपने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। परमाणु तकनीक अगर प्राइवेट कंपनी को मिल जाती है तो परमाणु हथियार बनाने की तकनीक हासिल करना भी उन स्टेट के लिए आसान हो जायेगा, जो अभी तक तकनीक के अभाव में परमाणु हथियार नहीं बना पा रही हैं। अगर यही तकनीक नाइजरिया, लेबनान और अन्य पेट्रोलियम पदार्थ देशों के पास पहुंच गयी तो यह एक हाथ से दे ओर एक हाथ से ले, वाली नीति के तहत घर-घर पहुंच जायेगी। 

अमेरिका ने भारत सरकार की नयी नीति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं है। रूस सरकार भी भारत सरकार के साथ मिल्ट्री सौदा करने से बचने का प्रयास कर रही है। क्रेमलिन का कहना है कि वह निजी संबंधों को व्यापार से ज्यादा महत्व देते हैं। इस तरह से उन्होंने मोदी के बजाय किसी अन्य नेता को अपना निजी और निकटतम बताया है। 






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