Saturday, November 29, 2025
भाजपा में सिद्धांत नहीं, मोदी के मंत्र! पाकिस्तान बार-बार नीति में क्यों ला रहा बदलाव
श्रीगंगानगर। भारतीय जनता पार्टी के बारे में जब 1990 के दशक में प्रचार किया गया तो उसको सिद्धांतवादी पार्टी बताया गया। अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में एक वोट से सरकार ‘गिरना’ मंजूर कर लिया किंतु किसी आजाद या अन्य पार्टी से ‘मदद’ नहीं ली। इस तरह से उन्होंने दुनिया को सिद्धांतवादी होने का प्रमाण दिया।
2010-20 नरेन्द्र मोदी-अमित शाह का बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 के बाद से देश को मंत्र दे रहे हैं। 2022 तक सभी लोगों को घर, 2047 तक विकसित भारत आदि का वे मंत्र दे रहे हैं और वहीं गौतम अडाणी एक विशालकाय ‘सौदागर’ बन गये हैं। अजीत पंवार की बातों पर यकीन किया जाये तो वे महाराष्ट्र में सरकार गिराने या बनाने में भी भूमिका निभा चुके हैं।
पार्टी में सिद्धांत कहां गुम हो गये, इसका पता नहीं चल पाया है लेकिन एलजी वाशिंग मशीन की तरह दागदार नेता भाजपा में आते ही राष्ट्रवादी बन जाता है।
एक व्यक्ति-एक पद सिद्धांत समाप्त, 75 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट का सिद्धांत समाप्त, पाकिस्तान-सउदी अरब की मित्रता के बाद आतंकवाद को समाप्त करने का सिद्धांत लापता।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश पूरी नहीं हो पा रही और जेपी नड्डा ही औपचारिक रूप से प्रेजीडेंट हैं। वे केन्द्र सरकार में मंत्री भी हैं। नरेन्द्र मोदी पर आयु का असर नहीं होता।
पाकिस्तान ने अपना फैसला बदला
अमेरिका में एक व्यक्ति की औसतन आय करीबन 96 सौ डॉलर सालाना है। वहीं पाकिस्तान में प्रधानमंत्री का वेतन 84 सौ डॉलर के करीब है। इस आधार पर माना जा सकता है कि वहां पर ईमानदारी से राजनीति को चलाया जा सकता है?
अब पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर चल रहे विवाद पर स्ट्राइक नहीं करने का निर्णय लिया है। यह कतर के आग्रह के बाद निर्णय लिया गया।
हालांकि पाकिस्तान ने आजादी के बाद से अब तक एक भी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा है जो अपनी सरकार को रिपिट कर सके। पीएम कभी अपना एक भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है।
इस बार मुस्लिम लीग नवाज और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी साझा सरकार चला रहे हैं और पीटीआई अर्थात तहरीक ए इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान जेल में हैं। जिनकी मौत होने की खबरें भी सुर्खियां बनी रही थी।
इस बार संविधान बदलकर सेना को अनौपचारिक रूप से सरकार का हिस्सा बना दिया गया है या कहें कि आसिफ मुनीर को फील्ड मार्शल से भी ऊंचा पद देकर उनको राष्ट्रपति से भी ज्यादा शक्तियां हासिल हो गयी हैं और सुप्रीम कोर्ट तक उनके खिलाफ सुनवाई नहीं कर सकती। इस कारण माना जा रहा है कि सरकार अपना पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा कर सकती है।
वेनेजुएला पर अमेरिका ने प्रतिबंध बढ़ाये
अमेरिका ने वेनेजुएला पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ा दिया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सभी एयरलाइंस को आगाह कर दिया है कि वे वेनेजुएला के हवाई मार्ग का इस्तेमाल नहीं करें।
राष्ट्रपति मादुरो के निर्वाचन को वाशिंगटन ने कभी मान्यता नहीं दी है और इस कारण दोनों देशों के बीच तनाव कई माह से चल रहा है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने मानव तस्करों को भी चेतावनी दी है।
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