Monday, November 3, 2025
इवांका के जीवन को इसाई मिशनरीज से बड़ा खतरा, पंजाब की मोहल्ला क्लिनिक प्रोजेक्ट पर सवाल, ट्रम्प ने कहा, अमेरिका करेगा परमाणु परीक्षण
श्रीगंगानगर। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए हो रहे 2024 के चुनाव प्रचार दौरान डोनाल्ड ट्रम्प पर लक्षित हमला किया गया। भरी सभा के बीच उनको निशाना बनाकर गोली चलायी गयी और गोली उनके कान को चोट पहुंचाते हुए एक अन्य व्यक्ति को लगी और उसकी मौत हो गयी। हमलावर पकड़ा गया, किंतु इसके पीछे कौनसी शक्तियां काम कर रही थीं, यह जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पायी है। वहीं अब इवांका ट्रम्प, जो राष्ट्रपति की प्रथम पुत्री हैं, के जीवन पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है और खतरा इसाई मिशनरीज से है। इसाई मिशनरीज को पश्चिम क्षेत्र से हर साल ट्रिलियन डॉलर्स मिलते रहे थे, जिससे वह प्रचार करती थी। कई देशों की सरकारों को प्रभावित किया जाता था। ट्रम्प ने संयुक्त राज्य में विदेश फंडिंग और यूएस एड को रोक दिया। इवांका ने यहूदी धर्म अपनाया हुआ है। इजरायल के बाद सर्वाधिक यहूदी अमेरिका में ही हैं। वहीं पंजाब में मोहल्ला क्लिनिक पर भी सवाल खड़े रहे हैं। ओवरडोज से होने वाली मौतों को खराब स्वास्थ्य सेवाओं को रोका नहीं जा सका है।
इवांका ट्रम्प अमेरिका के व्हाइट हाउस में मुख्य सलाहकार रह चुकी हैं। अब उन्होंने राजनीति से दूर रहने का निर्णय लिया। वहीं यहूदी धर्म की प्रार्थना सभा और उत्सवों में भाग लेने वाली इवांका के जीवन को बड़ा खतरा है। उनके आसपास काफी संदिग्ध लोग हैं। हालांकि उनको उच्चस्तरीय सिक्योरिटी मिली हुई है, लेकिन इसके बावजूद उनको खतरा है।
इसाई मिशनरीज भारत देश ही नहीं अफ्रीका व अन्य देशों में भी प्रचार के नाम पर धर्म परिवर्तन करवाती हैं। अफ्रीका के बारे में कहा जाता है कि वहां पर पहले तलवार से धर्म बदला गया और फिर वक्त बदला तो नोट देकर उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया। अफ्रीकी देशों के पास संसाधनों की कमी नहीं है किंतु कबीलों में बंटे होने के कारण वहां पर गृहयुद्ध की स्थिति रही है।
अमेरिका करेगा परमाणु परीक्षण
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया को उस समय चौंका दिया जब उन्होंने बताया कि रूस ही नहीं बल्कि उत्तर कोरिया, चीन और पाकिस्तान परमाणु परीक्षण कर हथियारों की संख्या बढ़ा रहे हैं।
ट्रम्प ने कहा, हमारे पास स्वतंत्र मीडिया है और खुले विचारों वाली दुनिया है, लेकिन अन्य देशों में ऐसा नहीं है और वहां के पत्रकार इस तरह से लिख भी नहीं सकते। इस कारण उन देशों की सूचनाएं अखबारों के माध्यम से अमेरिका और दुनिया के अन्य देशों के पास नहीं पहुंच पा रही हैं।
उन्होंने कहा, अमेरिका अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण करेगा और नये हथियार भी बनायेगा। ट्रम्प ने कहा, यूएसए ने पिछले 40 वर्षों से भी अधिक समय से परमाणु परीक्षण नहीं किया है, इस कारण इसकी अब जरूरत है, अगर ऐसा नहीं करते हैं तो हम असुरक्षि होने के साथ पीछे भी रह जायेंगे।
उल्लेखनीय है कि यूक्रेन के साथ पिछले लगभग चार सालों से युद्ध में उलझे रूस ने परमाणु हथियारों का परीक्षण किया है। माना जा रहा है कि अगर नाटो के देश यूक्रेन को लम्बी दूरी की मिसाई देंगे तो रूस यूरोप पर परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता है।
मास्को ने सुपर सोनिक मिसाइल का हाल ही में परीक्षण किया था जो 10 हजार किमी से भी ज्यादा दूरी का सफर तय करते हुए सटीक निशाने को टारगेट किया था।
इसके बाद से ही अमेरिका ने परमाणु हथियारों के परीक्षण का काम आरंभ कर दिया है।
अगर चीन और पाकिस्तान भी परीक्षण करते हैं तो इसका दबाव भारत पर भी दिखाई देगा। वहीं उत्तर कोरिया भी इसी तरह से मिसाइलों का परीक्षण करेगा तो जापान और दक्षिण कोरिया भी अपने नियमों में परिवर्तन करने के लिए सोच को बाध्य हो जायेंगे।
इस तरह से रूस-युक्रेन युद्ध ने परमाणु हथियारों की होड़ को बढ़ा दिया है। मास्को और वाशिंगटन ने परमाणु निरस्त्रीकरण प्रक्रिया पर नये एमओयू पर दस्तखत करने थे, जो नहीं हो पा रहे हैं।
पंजाब की मोहल्ला क्लिनिक पर सवाल?
दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर अरविंद केजरीवाल 10 साल से भी ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहे। 2013 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से समर्थन लेकर 49 दिन तक सरकार चलायी थी, जो गिर गयी थी और इसके बाद 2014, 2019 के विधानसभा चुनावों में सीधी जीत हासिल की थी। जम्मू में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एके-49 नाम दिल्ली की सरकार को दे दिया था। इसको लेकर कई दिनों तक बहस चली।
अरविंद केजरीवाल ने मोहल्ला क्लिनिक और सरकारी स्कूलों में बड़े सुधार का दावा किया। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर वह अपनी पीठ थपथपाती रही और जैसलमेर को लिंक करने के लिए अपना चुनाव निशान भी झाडू ही बना दिया।
दिल्ली के बाद अब पंजाब की सत्ता भी उसके पास है लेकिन पंजाब की सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर जो बजट जारी हुआ, वह कहां गया। यह क्लिनिक तो कहीं दिखाई नहीं दे रहे।
पंजाब में पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के साले एवं पूर्व मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया को जेल में डाला। पहले नशे के आरोप में गिरफ़्तार किया गया और इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे पर अपनी पीठ थपथपाई थी किंतु पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठ रहे सवाल और केजरीवाल के बार-बार पंजाब में आना, वहां की राजनीति का मुद्दा बना हुआ है। सवाल उठाया जा रहा है कि पर्दे के पीछे से सरकार को चलाया जा रहा है।
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