Wednesday, October 8, 2025
सर्बियो गोर भारत में ट्रम्प के शीर्ष प्रतिनिधि, स्टार्मर भारत पहुंचे
श्रीगंगानगर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नई दिल्ली (दक्षिण-मध्य पूर्व एशिया) के लिए सर्बियो गोर को राजदूत नियुक्त किया है। गोर की सीधी पहुंच राष्ट्रपति ट्रम्प तक है। वहीं अन्य प्रमुख समाचारों में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर मुम्बई पहुंच गये हैं और गुरुवार को उनकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मुलाकात होगी। इसके अतिरिक्त फ्रांस में राजनीतिक संकट अभी भी बरकरार है और राष्ट्रपति मैक्रां ने नये पीएम की नियुक्ति नहीं करते हुए सेबेस्टियन लेकार्नू को ही कार्यभार संभाले रखने और बजट पारित करवाने के लिए विपक्षी दलों से वार्ता के लिए अधिकृत किया है।
संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति ट्रम्प के नामित किये गये सर्बियो गोर के नामांकन को सीनेट की मंजूरी मिल गयी है। इस तरह से वे अधिकारिक रूप से नई दिल्ली में ट्रम्प के प्रतिनिधि होंगे, जिनको राजदूत या एम्बेसडर के रूप में भी संबोधित किया जाता है। गोर के नाम की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि वे व्हाइट हाउस में कार्मिक विभाग के निदेशक थे और राष्ट्रपति ट्रम्प के सबसे नजदीकी लोगों में से एक हैं।
गोर के अगले कुछ दिनों के भीतर कार्यभार संभालने की आशा है। ट्रम्प ने गोर को दक्षिण एवं मध्य-पूर्व एशिया के प्रभारी अधिकारी की भी जिम्मेदारी दी है। इस तरह से वे गाजा, कतर, इजरायल के अधिकारियों के भी सम्पर्क में रहेंगे। वे पाक, श्रीलंका, बांग्लादेश के साथ साउथ एशिया के अन्य सभी देशों भी प्रभारी होंगे।
इस तरह से अमेरिका का एशिया के लिए एक अलग से विदेश मंत्रालय स्थापित हो गया है। राष्ट्रपति ट्रम्प इसी सप्ताह आसियान देशों के दौरे पर भी आ रहे हैं, इसमें जापान, दक्षिण कोरिया और एक बहुराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन भी होगा।
फ्रांस में राजनीतिक संकट बरकरार
यूरोपीय देश फ्रांस में राजनीतिक संकट बरकरार है और इमैनुअल मैक्रां ने राष्ट्रपति के रूप में सेबेस्टियन लेकार्नू को बजट पारित करवाने की जिम्मेदारी दी है। मैक्रां का 2027 में दूसरा कार्यकाल पूर्ण होना है, इससे पहले कम से कम पांच प्रधानमंत्री इस्तीफा दे चुके हैं।
लेकार्नू ने अपनी कैबिनेट के साथ इस्तीफा दे दिया था, जिसको स्वीकार किये जाने की भी जानकारी दी गयी किंतु मैक्रां ने लेकार्नू से कहा है कि वे विपक्षी दलों से वार्ता कर बजट पारित करवायें। पश्चिमी देशों में बजट पारित करवाना काफी चुनौतिपूर्ण कार्य हो गया है। कनाडा के पीएम मार्क कोर्नी ने अभी तक अपना पहला बजट पेश नहीं किया है। उन्होंने अपनी नियुक्ति के पांच माह के भीतर ही राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ दूसरी बार मुलाकात की। कनाडा पर लगाये गये टैरिफ को कम करने और आपसी व्यापारिक सौदों में लचीला रुख अपनाने का आह्वान किया।
मार्क के साथ बातचीत के बाद संवाददाताओं से वार्ता करते हुए ट्रम्प ने कहा, उनके देश को अभी तक सभी लोग ठगते रहे हैं और व्यापार घाटा बढ़ता चला गया। कुछ संवाद को उन्होंने इस तरह से कहा कि मार्क कोर्नी और वहां पर मौजूद पत्रकारों की भी हंसी छूट गयी।
कीर स्टार्मर की भारत यात्रा आरंभ
जून में इंग्लैण्ड की यात्रा के दौरान भारत गणराज्य के पीएम नरेन्द्र मोदी ने इंग्लैण्ड के साथ व्यापार समझौता किया था। इसके तीन माह बाद ही ब्रिटिश स्टार्मर को भारत आना पड़ा। वे बुधवार को मुम्बई पहुंचे और भारतीयों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए उन्होंने अभिनेत्री रानी मुखर्जी के साथ हिन्दी फिल्म को भी देखा।
वे नई दिल्ली में गुरुवार को पीएम मोदी से मिलेंगी। स्टार्मर ने कहा, वे वीजा के लिए भारत नहीं आये हैं। उन्होंने आवर्जन नीति में बदलाव की संभावना से इन्कार किया।
हालांकि स्टार्मर को भी अपने देश में इस समय अलोकप्रिय घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। लाखों लोगों जिनकी संख्या का सही अनुमान नहीं लगाया जा सका था, ने प्रदर्शन किया था।
हालांकि माहौल इस समय विश्व में तनावपूर्ण बना हुआ है। यहां यह भी ध्यान रखना होगा कि स्टार्मर की यात्रा से पहले ही भारत में अमेरिका ने अपना राजदूत नियुक्त किया है। गोर की नियुक्ति ठीक उसी समय की गयी, जब स्टार्मर भारत पहुंचने वाले थे। इस तरह से इस यात्रा को अन्य नजरिये से भी देखा जाना आवश्यक है और इसको सीक्रेट यात्रा से अलग बना दिया है।
भारत में निर्मित होने वाली दवाओं की जांच अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना
भारत में निर्मित होने वाली दवाओं की जांच इस समय प्रमुख मुद्दा बन गयी है। इसका कारण है कि केन्द्रशासित भाजपा की दो राज्य सरकारों मध्यप्रदेश और राजस्थान में खांसी की दवा से 10 बचचों की मौत हो गयी। कफ सीरप की जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं और बताया जा रहा है कि संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्टड किया गया था किंतु भाजपा शासित राज्यों में इसकी सरकारी सप्लाई होती रही।
भारतीय दवाओं के पूर्व में भी अंतरराष्ट्रीय मामले सामने आये थे जब एक अफ्रीकी देश में कफ से बच्चों की मौत होने के आरोप लगाये गये थे।
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