Friday, October 10, 2025

 

अगर ट्रम्प ‘नोबल’ की रट नहीं लगाते...



श्रीगंगानगर। नोबल पुरस्कार (2025) की घोषणा कर दी गयी है और यह ईनाम वेनेजुएला में विपक्षी नेता की पत्नी को दिया गया है। शांति पुरस्कार मारिया मैचुदो को दिया गया है। इस कदम से हम यह मान सकते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अनदेखी की गयी है? दूसरी ओर अन्य प्रमुख समाचारों में फ्रांस के राष्ट्रपति इैमुनल मैक्रां ने नये प्रधानमंत्री-कैबिनेट के लिए चेहरों की तलाश आरंभ कर दी है।  वहीं डीएपी खाद के लिए हनुमानगढ़ में पुलिस बल का किसानों को सामना करना पड़ा। 

नोबल शांति पुरस्कार हर वर्ष अन्य क्षेत्रों की तरह दिया जाता है। वैज्ञानिक, सामाजिक क्षेत्र और शांति जैसे मार्गों पर चलने वाले पथप्रदर्शकों को दिया जाता है। वर्ष 2024 या वर्ष 2023 का शांति नोबल पुरस्कार किसको दिया गया था, क्या किसी को याद है। शायद 10 प्रतिशत लोगों को भी याद नहीं होगा। इसकी दुनिया में 2025 की तरह चर्चा भी नहीं हो रही थी। 

राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्वयं कई मौकों पर शांति पुरस्कार के लिए हकदार होने की चर्चा की तो दुनिया भर में इस बात पर निगाह गढ़ गयी कि इस साल यह पुरस्कार किसे दिया जाता है? ट्रम्प ने 7 युद्ध रुकवाने का दावा किया व गाजा में स्थायी शांति के लिए जो मसौदा पेश किया, वह दुनिया भर में पसंद किया गया और उस पर अमल भी आरंभ हो गया। इस तरह से उन्होंने नोबल पुरस्कार-2025 की चर्चा आरंभ कर दी और यह चर्चा दुनिया भर में गांवों-गलियों तक पहुंच गयी। 

सबकी नजर शुक्रवार पर थी, जब नोबल पुरस्कार की घोषणा की जानी थी। असल में नोबल पुरस्कार के लिए ट्रम्प फैमिली, संयुक्त राज्य अमेरिका, व्हाइट हाउस व रिपब्लिकन पार्टी ने आवेदन ही नहीं किया। अब आवेदन ही नहीं किया तो ईनाम कैसे मिलता?

पाकिस्तान, इजरायल और अन्य देशों की तरफ से यह चर्चा आरंभ की गयी थी कि विश्व शांति के लिए भागदौड़ करने वाले ट्रम्प को शांति पुरस्कार मिलना चाहिये। यह पर्दे के सामने वाला दृश्य है। अब पर्दे के पीछे जो राजनीति चल रही थी, उसको समझने की आवश्यकता है। 

नोबल पुरस्कार दिया गया वेनेजुएला के विपक्षी दल के नेता की पत्नी को, जिनका नाम मैरी मैनुदो है। असल में वेनेजुएला में सत्ता पर काबिज निकोल्स मैदुरो को अमेरिका व उनके सहयोगी देश मान्यता नहीं देते हैं। वेनेजुएला सरकार पर अनेक प्रकार के प्रतिबंध लगाये हुए हैं। हाल ही में वेनेजुएला सरकार पर आरोप लगाया गया था कि उसके देश में ड्रग्स तस्करी की जाती है। अमेरिका के रक्षा बलों ने मिसाइल से हमला कर वेनेजुएला से आने वाले बोट पर हमले किये थे। अनेक तस्करों को मार दिये जाने का दावा किया गया था। 

अब उसी वेनेजुएला में विपक्षी दल के नेता की पत्नी को शांति प पुरस्कार मिल गया है और विश्व भर के लोगों का ध्यान उस तरफ चला गया। अमेरिका के राजनीति के जानकार मानते हैं कि वे वर्षों से ट्रम्प को जानते हैं और उनकी नीतियां इस प्रकार की नहीं होती कि वे दूसरे देशों से पुरस्कार प्राप्त कर अपने मन को बच्चों की तरह राजी कर लें। 

सच यह है कि अगर ट्रम्प बार-बार नोबल शांति पुरस्कार का जिक्र नहीं करते तो दुनिया का ध्यान वेनेजुएला की तरफ नहीं जाता। वेनेजुएला ने दुनिया को सात मिस वल्र्ड-मिस यूनिवर्स दी हैं और इस छोटे से देश को कभी सुंदरता के लिए दुनिया भर में जाना जाता था। अब पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण युवाओं से विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका छिन गया है। जो वेनेजुएला के रास्ते अमेरिका में प्रवेश किये थे, उन सभी लोगों को जेल में डाला जा रहा है। 

ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक शासित राज्यों में राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को नियुक्त कर दिया है। कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं हो, इस कारण नियुक्तियां की गयी है। पुलिस राज्य सरकार के अधीन कार्य करती है, इस कारण नैशनल गार्ड को नियुक्त किया जा रहा है। 


फ्रांस में राजनीतिक संकट बरकरार

यूरोपीय देश फ्रांस में राजनीतिक संकट बरकरार है। दो सालों के भीतर छठे प्रधानमंत्री को तलाश किया जाना है जो वामपंथी और दक्षिण पंथियों को साथ लेकर बजट पारित करवा सकें। राष्ट्रपति ईमुनल मैक्रां ने शुक्रवार को अपने राजनीतिक दल के नेताओं के साथ बैठक की। हालांकि चर्चा के बाद रात तक नाम को फाइनल नहीं किया जा सका।  सबसे बड़ी समस्या यह है कि सदन में बहुमत नहीं मिल पाने के कारण इस साल बजट पारित नहीं हो पा रहा है। 

जापान में भी राजनीतिक घटनाक्रम इसी तरह का बना हुआ है। 


ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की यात्रा का उद्देश्य?

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भारत की यात्रा पर दो दिनों के लिए आये थे और भारत के साथ मिसाइल का सौदा करके स्वदेश के लिए रवाना हो गये। हालांकि संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उसी तरह की चर्चा की गयी कि दोनों देश शांति, भाईचारा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर मिलकर काम करेंगे। 

पीएम स्टार्मर और नरेन्द्र मोदी के बीच मिसाइल खरीद को लेकर समझौता हुआ। ब्रिटेन भारत को स्वदेशी मिसाइल देगा। हालांकि पीएम मोदी स्वदेशी और मेड इन इंडिया का नारा देते हैं। 

अब राजनीति को समझने वालों को भी यह भी ध्यान देना होगा कि गुरुवार शाम को स्टार्मर लंदन भी नहीं पहुंचे थे कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ फोन पर बातचीत की और उन्हेंं गाजा शांति समझौता के लिए बधाई भी दे दी। 

स्टार्मर के भारत आने से पहले, राष्ट्रपति ट्रम्प ने लंदन की यात्रा की थी और इसके बाद ब्रिटिश पीएम ने भारत की यात्रा का कार्यक्रम बनाया। इस तरह से पर्दे के बाहर और पर्दे के पीछे हुई वार्ताओं को समझा जा सकता है। 


तालिबानी नेता आने से पहले पाक की सर्जिकल स्ट्राइक

अफगानिस्तान में फिर से सत्तारुढ़ हुए तालिबान के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री को आमंत्रित किया। विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी नई दिल्ली पहुंचे तो दूसरी ओर पाकिस्तान ने दावा कर दिया कि उसने काबुल में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है और पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने वाले पाक तालिबान के कुछ लड़ाकों को मार गिराया है। 

मुत्ताकी अगले कुछ दिनों में मास्को की भी यात्रा करने वाले हैं। रूस ने ही अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को मान्यता दी हुई है। मुत्ताकी यूएन में प्रतिबंधित हैं, इसलिए उनकी नई दिल्ली यात्रा से पहले संयुक्त राष्ट्र के साथ पत्र व्यवहार किया गया था। 

नई दिल्ली ने काबुल को यह विश्वास दिलाया है कि वह अपने तकनीकी कार्यालय को राजनीयिक कार्यालय में बदलेगा और तालिबान के साथ संबंधों को मजबूत करेगा। 

उल्लेखनीय है कि तालिबान-भारत के बीच संबंधों को इसलिए मजबूत किया जा रहा है क्योंकि पाक इन दिनों बांग्लादेश के साथ अपने रिश्तों को मजबूत कर रहा है। 

इस तरह से समझा जा सकता है कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है और भारत सरकार ने इस कहावत को सच कर दिया। इसी तरह से अमेरिका के प्रशासन ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता को नोबल दिलाकर हकीकत बना दिया। 


डीएपी के लिए किसानों पर लाठियां

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पुलिस की ओर से लाठियां बरसाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें भादरा तहसील में डीएपी खाद लेने के लिए गये किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। इसको लेकर विपक्षी कांग्रेस ही नहीं बल्कि किसानों ने भी आवाज उठायी है। 

ध्यान देना होगा कि कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले में स्वयं छापा मारकर अमानक बीज, खाद आदि के मामलों का खुलासा किया था। वे कम से कम तीन बार दोनों जिलों में रेड कर चुके हैं। 






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