Sunday, September 14, 2025

 

युवाओं के जोश से हिला हुआ यूरोप



न्यूयार्क। अमेरिका में दक्षिण पंथी विचारधारा के नेता, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मित्र चार्ली क्रिक की गोली मारकर हत्या के बाद यूरोप में भारी प्रदर्शन हो रहे हैं। 

दक्षिणपंथी समूह यूरोप को आतंकवाद और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए आंदोलन कर रहा है। एक या दो देश नहीं बल्कि हर मुल्क में प्रदर्शन हो रहे हैं। 

ब्रिटेन में सरकार भले ही मान रही हो कि शनिवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या 1 लाख 10 हजार थी किंतु आयोजक मान रहे हैं कि 10 लाख या इससे भी कहीं ज्यादा लोग आतंकवाद, आर्वजन और अभिव्यक्ति की आजादी को सुरक्षित करने के लिए आंदोलनरत थे। 

इसके अतिरिक्त यूरोप के अन्य देशों पौलेण्ड, जर्मनी, फ्रांस में भी प्रदर्शनकारियों को सडक़ों पर देखा गया। न्यूजीलैण्ड में भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ। सरकार हैरान हैं कि इतनी बड़ी संख्या में लोग सडक़ों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, उनको कैसे संभाला जाये। ब्रिटेन में तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच एक झड़प होने की भी जानकारी सामने आयी है। 

नेपाल, बांग्लादेश में तो आंदोलनकारी युवाओं ने सत्ता को ही बदल दिया। अब यूरोप में रूढ़ीवादी एकजुट हो रहे हैं और अपनी मांगों पर कार्यवाही के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं। 


क्या वल्र्ड वॉर की तरफ बढ़ रही है दुनिया?

वाशिंगटन डीसी। व्हाइट हाउस ने रक्षा विभाग का नाम बदलकर उसको युद्ध निदेशालय का नाम दे दिया है। भले ही यह दो लाइन का समाचार लग रहा हो लेकिन यह वल्र्ड वॉर-3 की ओर संकेत दे रहा है?

भारत गणराज्य की सरकार ने दो लाख करोड़ रुपये का एक रक्षा सौदा करने की तैयारी कर ली है और यह इतिहास में सबसे बड़ा सौदा होगा। 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार को दूसरी राजकीय यात्रा पर इंग्लैण्ड जा रहे हैं। मात्र 6 माह के कार्यकाल में वे दूसरी बार लंदन में प्रधानमंत्री और राजशाही अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्र्टारमर भी वाशिंगटन डीसी में स्थित ओवल कार्यालय में  ट्रम्प से मिल चुके हैं। 

कम समय के भीतर तीन बार मुलाकात हो चुकी है। हालांकि पिछली बैठक में व्यापार सौदा होने की जानकारी दी गयी थी। ट्रम्प ने इसके बाद ब्रिटेन पर टैरिफ कम कर दिया था। 

यूरोप के नेताओं के साथ हाल ही में व्हाइट हाउस में भी राष्ट्रपति मिले थे, इनमें इटली और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष शामिल थे। शिखर बैठक के बाद अब एक और शिखर बैठक हो रही है। 

ब्रिटेन-संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों दुनिया की शक्ति का केन्द्र हैं। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र में वीटो पॉवर रखते हैं। ब्रिटिश पौंड का मूल्य सर्वाधिक है। 

माना जा रहा है कि रूस-युक्रेन युद्ध को लेकर बड़ी बात हो सकती है। इस समय युद्ध सबसे बड़ी चुनौति बना हुआ है। हालांकि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मणिपुर की यात्रा को पूर्ण कर लिया है लेकिन अभी भी माना जा रहा है कि रूस-युक्रेन युद्ध मोदी का युद्ध है और उन्हें ही समाप्त करवाना चाहिये। 

दूसरी ओर देखते हैं तो चीन-रूस एक दूसरे के ज्यादा नजदीक आ रहे हैं। दोनों देश चाहते हैं कि यूएस डॉलर के मुकाबले नयी मुद्रा लायी जाये लेकिन पश्चिमी यूरोप, यूएस के लोगों की जितनी क्रय शक्ति है, शायद उतनी अन्य देशों में नहीं है। इसी क्रय शक्ति को अब पश्चिमी देश आगे की रेखाएं तैयार कर रहे हैं। 

इस कारण चर्चा हो रही है कि वल्र्ड वॉर 3 की तरफ दुनिया नहीं बढ़ रही?






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