Friday, September 5, 2025

 

पाकिस्तान किसकी गोद में बैठा है?



न्यूयार्क। चाइना में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, उत्तरी कोरिया आदि के अनेक नेता शंघाई सहयोग सम्मेलन में एकत्रित हुए। इसको अमेरिका के खिलाफ एक नये संगठन के तौर पर देखा गया। भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली वापिस आये तो रूस-पाकिस्तान के बीच शिखर वार्ता हो गयी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पाकिस्तान किसकी गोद में जाकर बैठ गया है?

शंघाई सहयोग सम्मेलन में उत्तरी कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को भी आमंत्रित किया गया। वहीं सबकी निगाहें पाकिस्तान पर लगी हुईं थी क्योंकि पिछले कुछ दिनों के भीतर ही सेना प्रमुख आसिफ मुनीर अमेरिका का दो बार चक्कर काटकर आये थे। व्हाइट हाउस में रेड कारपेट पर उनका स्वागत किया गया था, अब वही जनरल मुनीर चाइना में भी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ थे। 

सम्मेलन से पूर्व जो राजनीति का खेला हुआ, उसको भी सबको जानने का अधिकार है, लेकिन इस पर विस्तृत से चित्रण नहीं हो पाया था। बीजिंग से विदेश मंत्री योंग वी नई दिल्ली आये। अनेक नेताओं से मुलाकात के बाद वे पाकिस्तान चले गये और वहां पीएम शाहबाज शरीफ सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की। 

इस दौरान ही भारत गणराज्य के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्री ने रूस की अलग-अलग यात्रा की। 

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन की भारत यात्रा प्रस्तावित है लेकिन वे पिछले साल भी नहीं आये और इस साल भी अभी तक यह पक्का नहीं है। 

प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद भारत लौट आये तो इसके उपरांत रूस और पाकिस्तान के बीच शिखर वार्ता हुई। यह वार्ता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तीन सालों से चल रहे रूस-युक्रेन युद्ध की संघर्ष समाप्ति की रेखा दिल्ली से होकर गुजरती है, अमेरिका सरकार और यूरोप का यही मानना है। 

करीबन एक से डेढ़ वर्ष के बीच में प्रधानमंत्री मोदी चौथी बार अमेरिका जा रहे हैं। वे संयुक्त राष्ट्र संघ की सालाना बैठक को संबोधित करेंगे। उनकी मुलाकात व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रम्प के साथ होगी या नहीं, यह अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। 

पाकिस्तान सेना के प्रमुख तो दो बार अमेरिका में व्हाइट हाउस जाकर राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात कर चुके हैं। इसके उपरांत ही उनको जनरल अयूब खां के बाद पाकिस्तान के फील्ड मार्शल की उपाधि दी गयी।

इसी कारण सवाल उठ रहा है कि आखिर पाकिस्तान किसके साथ है। चाइना ने पाक में अपने निवेश के प्रोजेक्ट को बंद करने का निर्णय लिया है। 


राजनीति की दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है, वाशिंगटन डीसी से चीन के लिए एक संदेश दिया गया। चाइना के 6 लाख युवाओं को अमेरिकी स्टडी वीजा दिया जायेगा। 

ट्रम्प ने अमेरिकी समयानुसार (चार सितंबर 2025) गुरुवार को कहा कि वे पुतिन से पहले मुलाकात कर चुके हैं और अब वे फिर से उनसे वार्ता करेंगे। पुतिन ने ट्रम्प को क्रेमलिन की यात्रा करने का निमंत्रण दिया है जिसके औपचारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया गया है। दोनों शिखर नेताओं के बीच दूसरी बार वार्ता मास्को में ही होने की उम्मीद जतायी गयी है। 

पश्चिमी देश भी चाहते हैं कि नई दिल्ली पूर्वी यूरोप में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी भूमिका निभाये।  






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