Friday, September 12, 2025

 

मोदी वैश्विक ब्रांडिंग के लिए मॉरिशस को 680 मिलियन डॉलर देंगे, नाम दिया गया प्रमुख सहयोगी देश





श्रीगंगानगर। पंजाब, बिहार, हिमाचल आदि उत्तर भारत के राज्यों में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। पंजाब में इतना विकराल रूप बाढ़ का था कि करीबन 200 गांव में आज भी पानी भरा हुआ है और फसलें चौपट हो गयी हैं। 

वहीं पंजाब का दौरा करने के उपरांत केन्द्र सरकार ने 16 सौ करोड़ रुपये की सहायता जारी की है, जबकि आवश्यकता हजारों करोड़ रुपये की है। बिहार, उत्तर प्रदेश ने तो बाढ़ के प्रतिवर्ष आने को अपनी नियति मान लिया है लेकिन पंजाब में 1988 के बाद बाढ़ आयी है जिसका सामना करने के लिए किसान तैयार ही नहीं थे। 

बाढ़ से मरने वालों को सिर्फ दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिये जाने की जानकारी दी गयी। 

पंजाब में यह सीजन चावल की सिंचाई करने का होता है और इसी से ही पंजाब की आर्थिक ताकत मजबूत होती है। बासमती राइस ही राज्य की प्रमुख आर्थिक ढाल है क्योंकि उद्योग क्षेत्र तो पहले से ही कमजोर होता जा रहा है। 

मॉरिशस को 680 मिलियन डॉलर की सहायता दी जा रही है्र जो आश्चर्यजनक है। मॉरिशस में इन पैसों से अस्पताल, समुन्द्री सीमा की सुरक्षा को मजबूत करेगा। मॉरिशस के हाल ही में राष्ट्रीय कार्यक्रम में पीएम मोदी मुख्यातिथि थे और इसके बाद वे जी-7 सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा गये थे। 

क्या भारत का युवा, मजदूर, महिला, आदिवासी इतना मजबूत हो चुका है कि देश दूसरों की मदद के लिए हजारों करोड़ का सहायता/लोन दे सके। 

पंजाब में पहले ही बेरोजगारी का सामना करते हुए युवा विदेशों की ओर  पलायन कर रहे हैं। अब वहां पर बाढ़ ने आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। 

हम चंद्रयान, गगनयान, मंगलयान आदि पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं जबकि सरकारी भवनों की इमारत 100 साल को पूरा कर चुकी हैं या करने वाली हैं। अब यह इमारतें जर्जर हो चुकी है। राजस्थान के गांव में सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गयी थी। 

यह वो तथ्य हैं, जिनके बारे में सोचे जाने की आवश्यकता है और जर्जर भवनों का नवनिर्माण आवश्यक हो गया है। 

अगर पंजाब के एक एनजीओ की खबरों पर यकीन किया जाये तो सामने आता है कि पंजाब में 2 लाख हैक्टेयर जमीन पर फसल बर्बाद हो गयी और हजारों मकान टूट गये हैं। पानी निकासी के बाद निकलने वाली धूप कितने हजार लोगों को और प्रभावित करेगी, यह भी चिंता का विषय है। 

इस बीच यह खबरें आना कि भारत दूसरे देशों को सहयोग दे रहा है। इससे साफ होता है कि मोदी अपनी वैश्विक ब्रांडिंग के लिए  न जाने कितना कुछ करने वाले हैं। 






<< Home

This page is powered by Blogger. Isn't yours?

Subscribe to Comments [Atom]